बेंगलुरु: ईडी ने 127 किलोग्राम सोने की तस्करी में शामिल आरोपियों के खिलाफ उठाए कठोर कदम
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने २५ फरवरी को धन शोधन निवारण अधिनियम, २००२ के अंतर्गत बेंगलुरु की विशेष पीएमएलए अदालत में एक अभियोजन शिकायत प्रस्तुत की है। यह मामला बड़े पैमाने पर सोना तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है।
ईडी के अनुसार, इस मामले में हर्षवर्धिनी रान्या उर्फ रान्या राव, तरुण कोंडूरु और साहिल सकरिया जैन के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है।
ईडी ने यह जांच सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर आरंभ की थी। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता, २०२३ और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, १९८८ के तहत दर्ज की गई थी। यह मामला राजस्व खुफिया निदेशालय की शिकायत पर लिखा गया था।
एफआईआर के अनुसार, ३ मार्च २०२५ को बेंगलुरु हवाई अड्डे पर डीआरआई ने हर्षवर्धिनी रान्या से १४.२१३ किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया था, जिसकी कीमत लगभग १२.५६ करोड़ रुपए थी। तलाशी के दौरान २.०६ करोड़ के सोने के आभूषण और २.६७ करोड़ रुपए नकद भी बरामद हुए। इस मामले में डीआरआई ने कस्टम्स एक्ट के तहत भी अभियोजन शिकायत दर्ज की थी।
ईडी की जांच में पता चला है कि मार्च २०२४ से मार्च २०२५ के बीच कुल १२७.२८७ किलोग्राम सोना, जिसकी कीमत लगभग १०२.५५ करोड़ रुपए थी, भारत में तस्करी के माध्यम से लाया गया। इस सोने को देश में दलालों और ज्वैलर्स के जरिए बेचा गया, जिसके बाद प्राप्त रकम को नकद में लिया गया और हवाला के माध्यम से विदेशों में भेजा गया। बाद में इन पैसों को विभिन्न बैंक खातों और कंपनियों के जरिए वैध कारोबार का रूप देने की कोशिश की गई।
पीएमएलए की धारा १७ के तहत २१ और २२ मई २०२५ को कर्नाटक में १६ स्थानों पर तलाशी ली गई। इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, भारतीय और विदेशी मुद्रा जब्त की गई। जांच के दौरान कई लोगों के बयान भी पीएमएलए की धारा ५० के तहत दर्ज किए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि हर्षवर्धिनी रान्या के नाम पर ३४.१२ करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां हैं, जिन्हें ४ जुलाई २०२५ को पीएमएलए की धारा ५(१) के तहत अस्थायी रूप से कुर्क किया गया।
जांच से पता चला है कि सोना विदेश से खरीदकर अवैध तरीके से भारत लाया जाता था, फिर नकद में बेचकर हवाला और बैंकिंग माध्यमों से रकम को सफेद किया जाता था। ऐसी गतिविधियां कानूनी व्यापार और वित्तीय व्यवस्था को नुकसान पहुंचाती हैं और सीमा पार लेन-देन को नियंत्रित करने वाली संस्थाओं पर लोगों का भरोसा कमजोर करती हैं।
इसके अतिरिक्त, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अहमदाबाद जोनल कार्यालय के अंतर्गत विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के तहत अहमदाबाद में ९ स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई अनास ग्रुप और उसके साझेदारों के परिसरों पर की गई, जो विभिन्न ब्रांड नामों से तंबाकू प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और निर्माण का कारोबार करते हैं।
तलाशी विश्वसनीय सूचनाओं के आधार पर की गई थी। जानकारी मिली थी कि नागरिया परिवार (अनास ग्रुप और उसके साझेदार) ने दुबई के पॉश इलाकों में कई विदेशी संपत्तियां और विभिन्न व्यवसायों में निवेश कर रखे हैं। इन निवेशों के लिए धन हवाला, अवैध चैनलों और अनधिकृत बैंकिंग माध्यमों से विदेश भेजा गया था।
तलाशी के दौरान १.०१ करोड़ रुपए भारतीय नकद, लगभग ३३.३४ लाख रुपए के बराबर विदेशी मुद्रा, १.६ किलोग्राम वजन की विदेशी मार्किंग वाली १६ सोने की छड़ें (अनुमानित बाजार मूल्य करीब २.५ करोड़ रुपए) और लगभग ८० किलोग्राम वजन की १६८ चांदी की छड़ें (अनुमानित बाजार मूल्य करीब २ करोड़ रुपये) जब्त की गईं।
इसके अलावा, कई आपत्तिजनक दस्तावेज और रिकॉर्ड भी जब्त किए गए, जिनसे दुबई में अनास ग्रुप के साझेदारों और परिवार के सदस्यों से जुड़ी विदेशी संपत्तियों की जानकारी मिली है। दोनों मामलों में ईडी की ओर से जांच जारी है।