27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बेंगलुरु में सोने की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग पर ईडी का बड़ा कदम

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बेंगलुरु में सोने की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग पर ईडी का बड़ा कदम

सारांश

बेंगलुरु में सोने की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। जानिए इस मामले की पूरी कहानी और इसके गंभीर परिणामों के बारे में।

मुख्य बातें

ईडी ने बेंगलुरु में सोने की तस्करी के मामले में कार्रवाई की है।
तस्करी के तहत 127.287 किलो सोना भारत में लाया गया।
जांच में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्तियाँ जब्त की गई हैं।
यह मामला वित्तीय प्रणाली को कमजोर करने का एक बड़ा उदाहरण है।

नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय ने बेंगलुरु के विशेष न्यायालय में हर्षवर्दिनी रान्या उर्फ रान्या राव, तरुण कोंडुरु और साहिल सकारिया जैन के खिलाफ एक महत्वपूर्ण मुकदमा दायर किया है, जो बड़े पैमाने पर सोने की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है।

यह जांच 7 मार्च 2025 को नई दिल्ली में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। यह एफआईआर राजस्व खुफिया निदेशालय की शिकायत पर आधारित थी।

एफआईआर के अनुसार, 3 मार्च 2025 को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, बेंगलुरु पर डीआरआई ने हर्षवर्दिनी रान्या के पास से विदेशी मूल का 14.213 किलो सोना जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 12.56 करोड़ रुपए थी। इसके अलावा, तलाशी में 2.06 करोड़ रुपए2.67 करोड़ रुपएसीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 135 के तहत अभियोजन याचिका भी दायर की गई थी।

पीएमएलए के तहत ईडी की जांच में पता चला कि मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच कुल 127.287 किलो सोना भारत में तस्करी के माध्यम से लाया गया, जिसकी कुल कीमत लगभग 102.55 करोड़ रुपए थी। यह तस्करी किया गया सोना घरेलू बाजार में हैंडलर और ज्वैलर्स के नेटवर्क के जरिए बेचा गया। बिक्री की राशि कैश में प्राप्त हुई और इसे भारत और विदेश में कई चैनलों के माध्यम से भेजा गया। यह धन विभिन्न बैंक खातों और लेनदेन के जरिए फिर से लेवल किया गया और एक वैध व्यवसाय के रूप में प्रस्तुत किया गया।

21 और 22 मई 2025 को पीएमएलए की धारा 17 के तहत कर्नाटका में 16 स्थानों पर जब्ती की गई, जिसमें अतिरिक्त दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, भारतीय और विदेशी मुद्रा शामिल थी। जांच के दौरान कई व्यक्तियों के बयान पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज किए गए।

जांच में यह भी सामने आया कि हर्षवर्दिनी रान्या के नाम पर 34.12 करोड़ रुपएपीएमएलए की धारा 5(1) के तहत अस्थायी रूप से जब्त किया गया।

इस मामले में सोने की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग एक संगठित और योजनाबद्ध तरीके से की गई। इसमें विदेश से सोने की खरीद, भारत में अवैध आयात, नकद बिक्री और बैंकों के माध्यम से धन का लॉन्ड्रिंग शामिल है। इस तरह की गतिविधियाँ कानूनी व्यापार और वित्तीय प्रणाली को कमजोर करती हैं और जनसंख्या का विश्वास कम करती हैं।

इस मामले में पीएमएलए की धारा 3 और 4 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के लिए अभियोजन याचिका दायर की गई है। जांच अभी भी जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सामूहिक विश्वास को भी कमजोर करता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह मामला कब सामने आया?
यह मामला 7 मार्च 2025 को सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर सामने आया।
ईडी ने कितने किलो सोना जब्त किया?
ईडी ने कुल 127.287 किलो सोना की तस्करी का पता लगाया।
इस मामले में क्या कानूनी कार्रवाई की गई है?
इस मामले में पीएमएलए की धारा 3 और 4 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के लिए अभियोजन याचिका दायर की गई है।
जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं?
जांच में यह सामने आया कि तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग एक संगठित तरीके से की गई थी।
इस मामले में कितने आरोपियों पर कार्रवाई की गई है?
इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले