क्या ईडी ने पीएसीएल सामूहिक निवेश घोटाले में बड़ी कार्रवाई की?

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क्या ईडी ने पीएसीएल सामूहिक निवेश घोटाले में बड़ी कार्रवाई की?

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय ने पीएसीएल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें 1,986.48 करोड़ रुपए की संपत्तियों को कुर्क किया गया है। यह घोटाला देशभर के लाखों निवेशकों को प्रभावित कर रहा है। जानें इस मामले की सारी जानकारी।

Key Takeaways

  • ईडी ने 1,986.48 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की हैं।
  • पीएसीएल घोटाला लाखों निवेशकों को प्रभावित कर रहा है।
  • निवेशकों से धोखाधड़ी के लिए भ्रामक दस्तावेजों का उपयोग किया गया।
  • ईडी की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
  • इस मामले में कई आरोपितों के खिलाफ वारंट जारी किए गए हैं।

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दिल्ली जोनल कार्यालय–2 ने पीएसीएल लिमिटेड और उससे संबंधित इकाइयों द्वारा संचालित बहुचर्चित सामूहिक निवेश योजना से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत 1,986.48 करोड़ रुपए की 37 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। ये संपत्तियां पंजाब के लुधियाना और राजस्थान के जयपुर में स्थित हैं। ईडी की ओर से सोमवार को जारी एक प्रेस नोट में यह जानकारी दी गई।

ईडी द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह कार्रवाई सीबीआई, नई दिल्ली द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई है। इस एफआईआर में भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपित संस्थाओं और व्यक्तियों ने अवैध सामूहिक निवेश योजना के जरिए देशभर के लाखों निवेशकों से 60 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि धोखाधड़ी से जुटाई। निवेशकों को कृषि भूमि की बिक्री और विकास के नाम पर कैश डाउन पेमेंट और किस्तों (इंस्टॉलमेंट) के जरिए निवेश के लिए प्रेरित किया गया। उनसे भ्रामक दस्तावेजों, जैसे समझौते, पावर ऑफ अटॉर्नी और अन्य कागजात, पर हस्ताक्षर कराए गए।

जांच में यह खुलासा हुआ कि अधिकांश मामलों में निवेशकों को कोई जमीन नहीं दी गई और लगभग 48 हजार करोड़ की राशि आज भी निवेशकों को लौटाई जानी बाकी है। इस घोटाले में कई फ्रंट कंपनियों और रिवर्स सेल ट्रांजैक्शनों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी को छिपाया गया और अवैध लाभ कमाया गया।

ईडी की जांच के अनुसार, निवेशकों से जुटाई गई राशि को विभिन्न संबंधित और असंबंधित कंपनियों के माध्यम से घुमाया गया और अंततः स्वर्गीय निर्मल सिंह भंगू, उनके परिवार के सदस्यों, करीबी सहयोगियों और पीएसीएल से जुड़ी संस्थाओं के बैंक खातों में जमा कराया गया। बाद में इसी धन का उपयोग उनके नाम पर अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया।

मामले में जांच के दौरान स्वर्गीय निर्मल सिंह भंगू की पत्नी प्रेम कौर, बेटियां बरींदर कौर और सुखविंदर कौर, दामाद गुरप्रताप सिंह और करीबी सहयोगी प्रतीक कुमार के खिलाफ खुले गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं। ईडी ने वर्ष 2016 में इस मामले में ईसीआईआर दर्ज की थी और 2018 में अभियोजन शिकायत दाखिल की। इसके बाद 2022 और 2025 में दो अनुपूरक अभियोजन शिकायतें भी दायर की गईं। माननीय विशेष न्यायालय (पीएमएलए) ने अब तक दायर सभी अभियोजन शिकायतों का संज्ञान ले लिया है।

ईडी के अनुसार, हाल ही में कुर्क की गई 37 संपत्तियां निवेशकों के धन से खरीदी गई थीं और इसलिए इन्हें अपराध की आय माना गया है। इस कार्रवाई के साथ ही ईडी अब तक देश और विदेश में स्थित चल-अचल संपत्तियों सहित लगभग 7,589 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।

Point of View

बल्कि यह भी दर्शाता है कि देश में वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की सजगता कितनी महत्वपूर्ण है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम ऐसे मामलों की गहन जांच करें ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों को रोका जा सके।
NationPress
05/02/2026

Frequently Asked Questions

पीएसीएल घोटाला क्या है?
पीएसीएल घोटाला एक मनी लॉन्ड्रिंग मामला है, जिसमें पीएसीएल लिमिटेड ने निवेशकों से धोखाधड़ी से धन जुटाया।
ईडी ने कितनी संपत्तियां कुर्क की हैं?
ईडी ने 1,986.48 करोड़ रुपए की 37 संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं।
क्या इस मामले में किसी के खिलाफ वारंट जारी किया गया है?
हाँ, स्वर्गीय निर्मल सिंह भंगू के परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं।
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