ईडी ने एनएसईएल घोटाले में 19.12 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की
सारांश
Key Takeaways
- ईडी ने एनएसईएल घोटाले में 19.12 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की।
- एनएसईएल ने 13,000 निवेशकों से 5600 करोड़ रुपए ठगे।
- जांच में 148 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
- घोटाले ने बाजार में विश्वास को गहरा झटका दिया।
- ईडी की जांच अभी भी जारी है।
नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) घोटाले में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। मुंबई में स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत 19.12 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई मुंबई के एम.आर.ए. मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई।
मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) इस मामले की जांच कर रही है। जांच में एनएसईएल, उसके निदेशकों, प्रमुख अधिकारियों और 25 डिफॉल्टरों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
ईडी की जांच से पता चला है कि एनएसईएल और इसके सदस्यों ने असली स्टॉक के बिना कमोडिटी ट्रेडिंग की अनुमति देकर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की। उन्होंने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के माध्यम से लगभग 13,000 निवेशकों को ठगा और उनसे करीब 5600 करोड़ रुपए हड़प लिए।
जांच में सामने आया कि एनएसईएल के तीन दोषी सदस्यों - एलओआईएल ओवरसीज फूड्स लिमिटेड, एलओआईएल कॉन्टिनेंटल फूड्स लिमिटेड और एलओआईएल हेल्थ फूड्स लिमिटेड (जिन्हें मिलाकर एलओआईएल समूह कहा जाता है) ने प्लेटफॉर्म पर धान की काल्पनिक और फर्जी बिक्री के लेन-देन के माध्यम से धोखाधड़ी से पैसा हासिल किया। इन कंपनियों पर एनएसईएल को कुल 720.30 करोड़ रुपए का भुगतान बकाया था। बैंक खातों की जांच में यह खुलासा हुआ कि एलओआईएल समूह की कंपनियों ने एनएसईएल के निपटान खातों से लगभग 569.04 करोड़ रुपए गबन कर लिए थे।
गबन की गई इस राशि का एक बड़ा हिस्सा लक्ष्मी एनर्जी एंड फूड्स लिमिटेड सहित समूह की अन्य कंपनियों के माध्यम से बांटा गया। इस धन का उपयोग बैंक ऋण चुकाने, दैनिक कारोबार चलाने, कार्यशील पूंजी की जरूरतें पूरी करने और अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया।
इस पूरे मामले में अब तक कुल 34 अस्थायी कुर्की आदेश जारी किए जा चुके हैं, जिनके तहत लगभग 3452.16 करोड़ रुपए की विभिन्न संपत्तियों को कुर्क किया गया है। ईडी ने विशेष न्यायालय (पीएमएलए) के समक्ष 148 आरोपियों के खिलाफ सात अभियोजन शिकायतें दायर की हैं, जिन पर अदालत ने संज्ञान लिया है।
ईडी की जांच अभी जारी है और इससे जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है। यह घोटाला हजारों निवेशकों को भारी नुकसान पहुंचाने वाला साबित हुआ है और इसने बाजार में विश्वास को गहरा झटका दिया है।