क्या ईडी की कार्रवाई से रिलायंस कम्युनिकेशंस की 4,462 करोड़ की संपत्ति कुर्क हो गई?

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क्या ईडी की कार्रवाई से रिलायंस कम्युनिकेशंस की 4,462 करोड़ की संपत्ति कुर्क हो गई?

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में नवी मुंबई की 132 एकड़ भूमि को कुर्क किया है। इसका मूल्य 4,462.81 करोड़ रुपए से अधिक है। यह कदम वित्तीय अनियमितताओं के चलते उठाया गया है। जानिए इसके पीछे की खास बातें।

मुख्य बातें

ईडी की कार्रवाई: 4,462 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई।
धन शोधन निवारण अधिनियम: कुर्की पीएमएलए के तहत की गई है।
ऋणों का दुरुपयोग: रिलायंस ने अन्य बैंकों के ऋणों के पुनर्भुगतान में उपयोग किया।
कुल संपत्तियां: अब तक 7,545 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की गई हैं।
जांच जारी: ईडी की जांच में नए तथ्य सामने आ सकते हैं।

नई दिल्‍ली, 3 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। ईडी ने नवी मुंबई स्थित धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी (डीएकेसी) की 132 एकड़ से अधिक भूमि को अस्थायी रूप से कुर्क किया है, जिसका मूल्य 4,462.81 करोड़ रुपए से अधिक है।

ईडी मुख्यालय के विशेष कार्य बल ने यह कुर्की धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत की है। इस कार्रवाई के साथ ही समूह की अब तक कुर्क की गई कुल संपत्तियों की कीमत 7,500 करोड़ रुपए से अधिक हो गई है।

इससे पहले, ईडी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े मामलों में 3,083 करोड़ रुपए से अधिक कीमत की 42 संपत्तियां कुर्क की थीं। यह कार्रवाई सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई थी, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 406, 420 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं शामिल थीं।

ईडी की जांच में यह सामने आया है कि आरकॉम और उसकी समूह कंपनियों ने वर्ष 2010 से 2012 के बीच घरेलू और विदेशी बैंकों से बड़े पैमाने पर ऋण लिए थे, जिन पर 40,185 करोड़ रुपए का बकाया है। इनमें से पांच बैंकों ने समूह के ऋण खातों को 'धोखाधड़ी' घोषित किया है।

जांच में यह भी पाया गया कि समूह की संस्थाओं ने एक बैंक से लिए गए ऋणों का उपयोग अन्य बैंकों के ऋणों के पुनर्भुगतान, संबंधित पक्षों को हस्तांतरण और म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए किया, जो ऋण शर्तों का उल्लंघन था।

ईडी के अनुसार, समूह कंपनियों ने ऋणों को सदैव चालू (इवरग्रीनिंग ऑफ लोन) दिखाने के लिए 13,600 करोड़ रुपए से अधिक राशि डायवर्ट की, जिनमें से 12,600 करोड़ रुपए संबंधित पक्षों को हस्तांतरित किए गए और 1,800 करोड़ एफडी व म्यूचुअल फंड में निवेश कर पुनः समूह को लौटाए गए।

जांच एजेंसी ने यह भी खुलासा किया कि बिल डिस्काउंटिंग के माध्यम से फर्जी लेनदेन कर भारी वित्तीय अनियमितताएं की गईं, जबकि कुछ धनराशि विदेशों में भेजी गई।

ईडी ने बताया कि अब तक इस मामले में कुल 7,545 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं और आगे की जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह कहना चाहूंगा कि प्रवर्तन निदेशालय की यह कार्रवाई वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे मामलों में सख्ती से निपटना आवश्यक है ताकि भविष्य में किसी भी संस्थान को इस तरह के दुरुपयोग का साहस न हो।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस की संपत्ति क्यों कुर्क की?
ईडी ने बैंक धोखाधड़ी के मामले में वित्तीय अनियमितताओं के चलते रिलायंस कम्युनिकेशंस की संपत्ति कुर्क की है।
कुल कितनी संपत्तियां कुर्क की गई हैं?
अब तक कुल 7,545 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां कुर्क की गई हैं।
यह कार्रवाई कब की गई?
यह कार्रवाई 3 नवंबर को की गई थी।
कौन से कानून के तहत कुर्की की गई है?
यह कुर्की धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत की गई है।
जांच में क्या पाया गया?
जांच में पाया गया कि रिलायंस कम्युनिकेशंस ने बैंकों से लिए गए ऋणों का दुरुपयोग किया है।
राष्ट्र प्रेस
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