गुरुग्राम में निर्माण स्थल पर मिट्टी के धंसाव से 7 श्रमिकों की मौत, 10 अभी भी फंसे

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गुरुग्राम में निर्माण स्थल पर मिट्टी के धंसाव से 7 श्रमिकों की मौत, 10 अभी भी फंसे

सारांश

गुरुग्राम में एक निर्माण स्थल पर मिट्टी का ढेर गिरने से 7 श्रमिकों की जान चली गई। चार अन्य घायल हैं और 10 श्रमिकों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव अभियान जारी है।

Key Takeaways

  • गुरुग्राम में निर्माण स्थल पर मिट्टी का ढेर गिरा
  • 7 श्रमिकों की मौत हुई
  • 4 श्रमिक घायल हुए हैं
  • 10 श्रमिकों के मलबे में फंसे होने की संभावना
  • बचाव कार्य जारी है

नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सोमवार शाम को गुरुग्राम में एक निर्माण स्थल पर मिट्टी का एक विशाल ढेर गिरने से सात श्रमिकों की जान चली गई, जबकि चार अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी भी मलबे में 10 अन्य श्रमिकों के फंसे होने की संभावना है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना एक निर्माण स्थल पर हुई, जहां एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दीवार गिरने के कारण इमारत के तहखाने में मिट्टी का धंसाव हुआ, जिससे यह भयानक हादसा हुआ। बचाव कार्य में पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और दमकलकर्मियों की टीम लगी हुई है।

अधिकारियों ने बताया कि यह घटना सोमवार शाम 7:30 से 8:00 बजे के बीच गुरुग्राम-रेवाड़ी सीमा के पास हुई। हालांकि, पुलिस को घटना की सूचना रात 9:15 बजे मिली, जब एक अस्पताल ने कई लोगों के हताहत होने की जानकारी दी।

पुलिस उपायुक्त (मानेसर) दीपक कुमार ज्वारिया ने इस दुर्घटना की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि जब पांच श्रमिकों को अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। अन्य की मौत की पुष्टि घटनास्थल पर की गई।

उन्होंने बताया, "पुलिस को रात 9:15 बजे के बाद अस्पताल से सूचना मिली थी, जहां पांच लोगों की मृत्यु की जानकारी मिली थी। बचाव दल को तुरंत मौके पर भेजा गया।"

निर्माण स्थल पर मौजूद बचे हुए श्रमिकों और ठेकेदारों ने पुलिस को बताया कि जब इमारत गिरी तब कई श्रमिक तहखाने में थे। उन्होंने कहा कि कम से कम 10 और श्रमिक मलबे में फंसे हो सकते हैं।

घटना के बाद, नागरिक सुरक्षा दल, दमकलकर्मी और एसडीआरएफ ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया। मलबा हटाने और फंसे हुए श्रमिकों की तलाश के लिए भारी मशीनरी और अन्य उपकरण तैनात किए गए।

पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी बचाव कार्य की निगरानी करने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे।

अधिकारियों ने बताया कि मृत श्रमिकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। यदि मृतक या घायल श्रमिकों के परिवारों से कोई शिकायतें प्राप्त होती हैं, तो एफआईआर दर्ज की जा सकती है। घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है।

Point of View

ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।
NationPress
11/03/2026

Frequently Asked Questions

यह हादसा कब और कहां हुआ?
यह हादसा 10 मार्च को शाम 7:30 से 8:00 बजे के बीच गुरुग्राम में एक निर्माण स्थल पर हुआ।
इस घटना में कितने श्रमिक प्रभावित हुए?
इस घटना में 7 श्रमिकों की मौत हो गई है और 4 श्रमिक घायल हुए हैं।
क्या फंसे हुए श्रमिकों की संख्या की पुष्टि हुई है?
हां, 10 श्रमिकों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
बचाव कार्य में कौन शामिल है?
बचाव कार्य में पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और अन्य नागरिक सुरक्षा दल शामिल हैं।
मृत श्रमिकों की पहचान कब होगी?
अधिकारियों ने बताया कि मृत श्रमिकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
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