साकेत बिल्डिंग हादसा: 5 की मौत, 5 अभी भी भर्ती; CM रेखा गुप्ता ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के निकट एक बहुमंजिला इमारत के ढहने से 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 5 घायल अभी भी जेपीएनएटीसी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं। 31 मई 2026 को हुए इस हादसे में कुल 13 मरीज ट्रॉमा सेंटर पहुँचे थे, जिनमें से 3 को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। सभी प्रभावित व्यक्ति छात्र बताए जा रहे हैं।
हादसे का विवरण और घायलों की स्थिति
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, भर्ती 5 मरीजों में 2 मेडिकल स्नातक, 2 गेट परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र और 1 इंजीनियर शामिल हैं। यह हादसा सैदुलाजाब क्षेत्र में हुआ, जहाँ कई पुरानी और जर्जर इमारतें मौजूद हैं। गौरतलब है कि राजधानी में अवैध एवं असुरक्षित निर्माण की समस्या लंबे समय से चिंता का विषय रही है।
मुख्यमंत्री का घटनास्थल दौरा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), जिला प्रशासन और सिविल डिफेंस की संयुक्त टीमों द्वारा चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बचाव अभियान में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और संभावित रूप से फंसे हर व्यक्ति की तलाश पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ की जाए। उन्होंने विभिन्न अस्पतालों में भर्ती घायलों को निशुल्क और बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
सरकार की कार्रवाई और जांच के आदेश
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मेहरौली थाने में आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही, हादसे के वास्तविक कारणों और जवाबदेही तय करने के लिए दक्षिण जिले के जिलाधिकारी के नेतृत्व में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। रेखा गुप्ता ने कहा, 'यह घटना बेहद दुखद और हृदयविदारक है। दिल्ली सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी तरह खड़ी है।'
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में निर्माण संबंधी अनियमितता, सुरक्षा मानकों की अनदेखी या प्रशासनिक लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आम जनता पर असर और भविष्य की योजना
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सैदुलाजाब और आसपास के इलाकों में जर्जर, खतरनाक और अवैध भवनों का तत्काल सर्वे एवं निरीक्षण किया जाए। जिन इमारतों से नागरिकों की सुरक्षा को खतरा है, उनके विरुद्ध नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। यह हादसा दिल्ली में अवैध निर्माण और भवन सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है।