साकेत में इमारत का हिस्सा ढहा, मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका; NDRF-दमकल मौके पर
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के साकेत इलाके में 30 मई 2026 की शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब साकेत मेट्रो स्टेशन के निकट एक इमारत का हिस्सा अचानक ढह गया। मलबे के नीचे कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है और युद्धस्तर पर बचाव अभियान जारी है।
घटनाक्रम: कैसे शुरू हुआ बचाव अभियान
दिल्ली फायर सर्विस को शनिवार शाम लगभग 7:44 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद दमकल गाड़ियाँ घटनास्थल पर रवाना की गईं। कुछ ही देर में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली पुलिस, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), नगर निगम दिल्ली (MCD), CATS और सिविल डिफेंस की टीमें भी मौके पर पहुँच गईं। मलबा हटाने के लिए मशीनों और मानव-श्रम दोनों का उपयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'साकेत मेट्रो स्टेशन के पास इमारत गिरने की घटना से मैं बेहद चिंतित हूँ। NDRF, दिल्ली फायर सर्विसेज़, दिल्ली पुलिस, DDMA, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं। मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता पहुँचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।'
घायलों की स्थिति
हादसे में कुछ लोगों के घायल होने की खबर है, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की टीम घायलों का उपचार कर रही है। अभी तक मलबे के नीचे दबे लोगों की सटीक संख्या की पुष्टि नहीं हो पाई है — अधिकारी इसे स्पष्ट करने में जुटे हैं।
आम जनता पर असर
घटना के बाद साकेत क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई और दहशत का माहौल बन गया। प्रशासन ने आसपास के निवासियों को सुरक्षित दूरी पर हटाया ताकि बचाव कार्य निर्बाध जारी रह सके। साकेत मेट्रो स्टेशन के नजदीक होने के कारण यातायात और आवाजाही पर भी असर पड़ा है।
आगे की स्थिति
सभी एजेंसियाँ परस्पर समन्वय के साथ ऑपरेशन चला रही हैं। प्रशासन के अनुसार स्थिति पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है। मलबे में फंसे लोगों की संख्या और इमारत ढहने के कारणों की आधिकारिक जानकारी अभी सामने आनी बाकी है।