16 जुलाई 2026
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साकेत इमारत हादसा: 2 की मौत, 10 घायल — एम्स ट्रॉमा सेंटर में इलाज जारी, NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी चालू

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साकेत इमारत हादसा: 2 की मौत, 10 घायल — एम्स ट्रॉमा सेंटर में इलाज जारी, NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी चालू

सारांश

दिल्ली के साकेत में शनिवार शाम एक कमर्शियल इमारत ढह गई — मलबे में रेस्टोरेंट और बच्चों की कैंटीन दब गई। 2 की मौत, 3 की हालत गंभीर। NDRF की दो टीमें अभी भी मलबे में दबे लोगों की तलाश में हैं।

मुख्य बातें

साकेत मेट्रो स्टेशन के निकट कमर्शियल इमारत ढहने से 31 मई 2026 की शाम 2 लोगों की मौत हुई।
एम्स ट्रॉमा सेंटर में 10 मरीज लाए गए — 3 की हालत गंभीर , 5 की स्थिति स्थिर , 2 मृत अवस्था में लाए गए।
NDRF की 2 टीमें तैनात; अब तक कुल 9 लोगों को मलबे से निकाला गया।
इमारत में ग्राउंड फ्लोर + 3 निर्माणाधीन मंजिलें थीं; मलबा पास की टिन-शेड कैंटीन पर गिरा जहाँ बच्चे मौजूद थे।
इमारत गिरने का सटीक कारण अभी तक अज्ञात; जाँच जारी है।

दक्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के निकट एक कमर्शियल इमारत के ढहने से 31 मई 2026 की शाम अब तक 2 लोगों की मौत हो चुकी है और 10 से अधिक लोग घायल हुए हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रॉमा सेंटर में घायलों का उपचार जारी है, जबकि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें मलबे में दबे संभावित पीड़ितों की तलाश में जुटी हैं।

हादसे का विवरण

यह दुर्घटना शनिवार शाम लगभग 6 बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्राउंड फ्लोर और तीन अतिरिक्त निर्माणाधीन मंजिलों वाली इमारत अचानक ढह गई और उसका मलबा पास में बनी एक टिन-शेड कैंटीन पर जा गिरा, जहाँ उस वक्त बच्चे खाना खा रहे थे। इस हादसे से पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई।

गौरतलब है कि इमारत में एक रेस्टोरेंट भी संचालित था, जिस पर मलबे का सबसे अधिक बोझ पड़ा। अधिकारी अभी तक इमारत गिरने के सटीक कारण का पता नहीं लगा पाए हैं।

NDRF का बचाव अभियान

NDRF के कमांडेंट सुनील कुमार सिंह ने बताया, 'घटना की सूचना मिलने के बाद हमने NDRF की दो टीमें यहाँ भेजीं। यहाँ पहुँचने पर पता चला कि एक बड़ी इमारत गिर चुकी है। इस इमारत में एक रेस्टोरेंट भी था, जिस पर पूरा मलबा गिरा है। आशंका है कि वहाँ कुछ लोग अभी भी दबे हो सकते हैं।'

उन्होंने बताया कि NDRF टीमों के पहुँचने से पहले ही 4 लोगों को मलबे से निकाला जा चुका था। बाद में बचाव अभियान के दौरान उनकी टीमों ने 5 और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। कमांडेंट सिंह ने बताया कि मलबा हटाने के लिए प्रशासन ने मशीनें तैनात की हैं और जैसे-जैसे मलबा साफ होगा, तलाशी अभियान आगे बढ़ता रहेगा।

एम्स ट्रॉमा सेंटर में घायलों की स्थिति

एम्स ट्रॉमा सेंटर में कुल 10 मरीज लाए गए। इनमें से 3 की हालत गंभीर बताई गई है और उनका उपचार जारी है। 5 अन्य को चोटें आई हैं, लेकिन उनकी स्थिति स्थिर है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। 2 मरीजों को मृत अवस्था में ट्रॉमा सेंटर लाया गया था।

दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS) के अधिकारियों ने पुष्टि की कि फिलहाल 8 लोग एम्स ट्रॉमा सेंटर में उपचाराधीन हैं, जबकि ड्यूटी पर मौजूद मेडिकल ऑफिसर ने एक व्यक्ति को 'मृत अवस्था में लाया गया' घोषित किया।

राहत एवं बचाव में लगी एजेंसियाँ

घटनास्थल पर NDRF, दिल्ली पुलिस, सिविल डिफेंस यूनिट और एम्बुलेंस सेवाएँ तैनात हैं। बचाव दल मलबे की परत-दर-परत सफाई कर संभावित जीवितों की तलाश में लगे हैं। अधिकारियों के अनुसार मलबे की मात्रा बहुत अधिक है, जिससे अभियान में समय लग रहा है।

आगे की स्थिति

अधिकारी इमारत गिरने के कारणों की जाँच कर रहे हैं। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब दिल्ली में अनधिकृत निर्माण और भवन सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल पहले से उठते रहे हैं। बचाव अभियान के पूरा होने के बाद जाँच एजेंसियाँ इमारत की संरचनात्मक खामियों और निर्माण की वैधता की जाँच करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि निगरानी तंत्र की विफलता का संकेत है। सवाल यह है कि इमारत को इतनी खतरनाक स्थिति में संचालित होने की अनुमति किसने दी और क्यों। जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साकेत में कौन-सी इमारत गिरी और हादसा कब हुआ?
दक्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास एक कमर्शियल इमारत 31 मई 2026 की शाम लगभग 6 बजे ढह गई। इमारत में ग्राउंड फ्लोर के अलावा तीन निर्माणाधीन मंजिलें थीं और उसमें एक रेस्टोरेंट भी चल रहा था।
साकेत इमारत हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हैं?
अब तक 2 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। एम्स ट्रॉमा सेंटर में 10 मरीज लाए गए, जिनमें 3 की हालत गंभीर है और 5 की स्थिति स्थिर बताई गई है।
NDRF का बचाव अभियान कहाँ तक पहुँचा है?
NDRF की 2 टीमें घटनास्थल पर तैनात हैं। NDRF के पहुँचने से पहले 4 लोगों को निकाला जा चुका था और बाद में टीमों ने 5 और लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला। मलबे की अधिक मात्रा के कारण तलाशी अभियान अभी जारी है।
इमारत गिरने का कारण क्या है?
अधिकारी अभी तक इमारत ढहने के सटीक कारण का पता नहीं लगा पाए हैं। जाँच जारी है और बचाव अभियान पूरा होने के बाद संरचनात्मक खामियों व निर्माण की वैधता की भी जाँच होगी।
घायलों का इलाज कहाँ हो रहा है?
सभी घायलों को एम्स ट्रॉमा सेंटर, नई दिल्ली में भर्ती कराया गया है। दिल्ली फायर सर्विसेज के अनुसार फिलहाल 8 लोग वहाँ उपचाराधीन हैं, जिनमें 3 की हालत गंभीर बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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