16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

साकेत बिल्डिंग हादसा: 'अराइज' इमारत ढही, 7 घायल अस्पताल में, 5-6 लोग अभी भी मलबे में

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
साकेत बिल्डिंग हादसा: 'अराइज' इमारत ढही, 7 घायल अस्पताल में, 5-6 लोग अभी भी मलबे में

सारांश

दिल्ली के साकेत में 'अराइज' बिल्डिंग रात को अचानक ढह गई — निर्माण कार्य के दौरान पूरी इमारत टिन शेड कैंटीन पर गिरी, जहाँ बच्चे भी मौजूद थे। 7 घायल अस्पताल में, 5-6 लोग अभी भी मलबे में। NDRF और दमकल का अभियान जारी।

मुख्य बातें

नई दिल्ली के साकेत स्थित सैदुलाजाब में 'अराइज' बिल्डिंग 30 मई की रात अचानक ढह गई।
7 लोगों को घायल अवस्था में निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
सिविल डिफेंस वॉलंटियर धर्मवीर के अनुसार 5 से 6 लोग अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है।
इमारत ग्राउंड प्लस तीन मंजिल की थी; तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य जारी था।
एनडीआरएफ , दमकल विभाग , पुलिस और डीडीएमए की टीमें मौके पर राहत अभियान में जुटी हैं।
स्थानीय प्रधान रविंदर सिंह के अनुसार इमारत में कैफे व व्यावसायिक दफ्तर संचालित थे और वीकेंड होने से भीड़ अधिक थी।

नई दिल्ली के साकेत स्थित सैदुलाजाब इलाके में 30 मई की रात 'अराइज' बिल्डिंग अचानक ढह गई, जिसमें 7 लोगों को घायल अवस्था में निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सिविल डिफेंस वॉलंटियर धर्मवीर के अनुसार, अभी भी 5 से 6 लोग मलबे में दबे होने की आशंका है और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।

हादसे का घटनाक्रम

बताया जा रहा है कि यह इमारत ग्राउंड प्लस तीन मंजिल की थी, जिसकी तीसरी मंजिल पर उस वक्त निर्माण कार्य चल रहा था। अचानक पूरी इमारत भरभराकर गिर पड़ी और पास में बने एक अस्थायी टिन शेड कैंटीन पर जा गिरी, जहाँ उस समय कई लोग मौजूद थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के वक्त कुछ बच्चे भी वहाँ खाना खा रहे थे।

बचाव अभियान की स्थिति

स्थानीय प्रधान रविंदर सिंह ने बताया कि उन्हें करीब रात 10 बजे इस हादसे की सूचना मिली। उनके अनुसार, शुरुआत में तीन लोगों को स्थानीय निवासियों और पुलिस की मदद से सुरक्षित निकाला गया, जबकि चार लोगों को दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीमों ने मलबे से बाहर निकाला। मौके पर दमकल विभाग, पुलिस, एनडीआरएफ और डीडीएमए की टीमें पहुँचकर राहत कार्य में जुट गईं।

इमारत का उपयोग और भीड़ का अनुमान

रविंदर सिंह ने बताया कि इस इमारत में कैफे, छोटे दफ्तर और अन्य व्यावसायिक गतिविधियाँ संचालित होती थीं। उन्होंने अनुमान जताया कि वीकेंड होने के कारण उस समय सामान्य से अधिक भीड़ रही होगी। गाँव के लोग भी मदद के लिए आगे आना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने बचाव कार्य में बाधा न आए, इसलिए उन्हें सुरक्षा कारणों से रोक दिया।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

सिविल डिफेंस वॉलंटियर धर्मवीर के अनुसार, सूचना मिलते ही उनकी टीम मौके पर पहुँच गई। उन्होंने बताया कि डिप्टी प्रोजेक्ट ऑफिसर समेत प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं। प्रशासन का कहना है कि जब तक मलबे की पूरी तरह जाँच नहीं हो जाती, बचाव अभियान बिना रुके जारी रहेगा।

आगे क्या होगा

यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब दिल्ली में अनधिकृत निर्माण और ऊपरी मंजिलों पर अवैध निर्माण को लेकर सवाल पहले से उठते रहे हैं। अधिकारियों ने अभी तक इमारत के ढहने के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मलबे में फंसे लोगों की सुरक्षित निकासी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और सभी एजेंसियाँ मिलकर अभियान को अंजाम दे रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी अनधिकृत ऊपरी निर्माण पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है। जब तक इमारत की अनुमति, निर्माण एजेंसी और संरचनात्मक ऑडिट की जाँच सार्वजनिक नहीं होती, यह महज एक दुर्घटना नहीं — एक प्रणालीगत विफलता की कड़ी है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साकेत में कौन सी इमारत ढही और कब?
'अराइज' बिल्डिंग, जो नई दिल्ली के साकेत स्थित सैदुलाजाब इलाके में थी, 30 मई की रात अचानक ढह गई। यह ग्राउंड प्लस तीन मंजिल की इमारत थी, जिसकी तीसरी मंजिल पर उस समय निर्माण कार्य चल रहा था।
हादसे में कितने लोग घायल हुए और कितने मलबे में फंसे हैं?
अब तक 7 लोगों को घायल अवस्था में मलबे से निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सिविल डिफेंस वॉलंटियर धर्मवीर के अनुसार 5 से 6 लोग अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है।
बचाव अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
एनडीआरएफ, दमकल विभाग, दिल्ली पुलिस और डीडीएमए की टीमें मौके पर मौजूद हैं और संयुक्त रूप से मलबा हटाने और लोगों को सुरक्षित निकालने का काम कर रही हैं। प्रशासन ने कहा है कि पूरी जाँच होने तक अभियान जारी रहेगा।
इमारत ढहने का कारण क्या बताया जा रहा है?
अधिकारियों ने अभी तक इमारत ढहने के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। बताया जा रहा है कि तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य के दौरान यह हादसा हुआ, जिससे पूरी संरचना भरभराकर गिर पड़ी।
इमारत में किस तरह की गतिविधियाँ चलती थीं?
स्थानीय प्रधान रविंदर सिंह के अनुसार इमारत में कैफे, छोटे दफ्तर और अन्य व्यावसायिक गतिविधियाँ संचालित होती थीं। वीकेंड होने के कारण उस समय सामान्य से अधिक लोगों के मौजूद होने का अनुमान है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले