साकेत में पांच मंजिला इमारत ढही: रातभर रेस्क्यू, 9 लोग बचाए गए, 26 वर्षीय रवि की मौत
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के निकट वेस्टर्न मार्ग स्थित सैदुलाजब इलाके में शनिवार, 31 मई की देर शाम एक पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई, जिसमें कई लोग मलबे में दब गए। दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और पुलिस की संयुक्त टीमों ने रातभर चले अभियान में 9 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला। इस हादसे में 26 वर्षीय रवि की मृत्यु हो गई, जिन्हें अस्पताल पहुंचने पर ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सा अधिकारी ने मृत घोषित किया।
हादसे का घटनाक्रम
शाम 7:44 बजे दिल्ली अग्निशमन सेवा को इमारत गिरने की पहली सूचना मिली, जिसके बाद विभाग ने तत्काल चार दमकल गाड़ियाँ घटनास्थल पर रवाना कीं। इसके बाद NDRF, दिल्ली पुलिस, सिविल डिफेंस और एम्बुलेंस टीमें भी बचाव अभियान में शामिल हो गईं। बताया जा रहा है कि इमारत बगल में स्थित एक टिन शेड वाली कैंटीन पर गिर गई, जहाँ उस समय बच्चे खाना खा रहे थे, जिससे वहाँ मौजूद सभी लोग मलबे में फंस गए।
बचाए गए और घायल लोग
अधिकारियों के अनुसार, 7 लोगों को दिल्ली फायर सर्विस ने NDRF और DDMA की मदद से निकाला, जबकि 2 लोगों को स्थानीय निवासियों ने बचाया। 8 घायलों का उपचार एम्स ट्रॉमा सेंटर में जारी है।
घायलों में तरुण कुमार (26), गुरुग्राम निवासी; साइका खान (27), बिहार निवासी; नीलम यादव (25), सैदुलाजब निवासी; आदित्य शर्मा (24), सैदुलाजब निवासी; क्षितिज प्रताप (25), नोएडा निवासी; अनुज दीक्षित (25), साकेत निवासी; आस्था (25), सैदुलाजब निवासी; और विशाल (24), साकेत निवासी शामिल हैं।
रविवार सुबह अभियान और तेज
रविवार की सुबह बचाव अभियान को और गति दी गई और भारी मशीनों की सहायता से मलबा हटाने का काम तेज किया गया। प्रशासन का कहना है कि अभी भी कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है, इसलिए खोज अभियान जारी है। इमारत गिरने के कारण आसपास के क्षेत्रों में भी नुकसान पहुंचा और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी व राहतकर्मी मौके पर तैनात हैं।
इमारत गिरने के कारणों की जांच
फिलहाल इमारत ढहने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। संबंधित एजेंसियाँ घटना की वजह की जांच कर रही हैं। यह हादसा ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में पुरानी और अनधिकृत इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर सवाल पहले से उठते रहे हैं। गौरतलब है कि राजधानी में इमारत ढहने की यह हाल के महीनों में एक और गंभीर घटना है।