सैदुलाजाब इमारत हादसा: 1 की मौत, 8 घायल; CM रेखा गुप्ता ने किया दौरा, अनाधिकृत निर्माण पर कड़ी कार्रवाई के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण दिल्ली के सैदुलाजाब इलाके में शनिवार शाम एक चार मंजिला निर्माणाधीन व्यावसायिक इमारत अचानक ढह गई, जिसमें 26 वर्षीय रवि की मौत हो गई और 8 अन्य लोग घायल हो गए। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 31 मई 2026 को घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और सभी अनाधिकृत इमारतों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
हादसे का घटनाक्रम
शनिवार शाम सैदुलाजाब में निर्माणाधीन चार मंजिला व्यावसायिक भवन अचानक भरभराकर गिर गया। इमारत का मलबा पास में स्थित एक टीन शेड कैंटीन पर भी आ गिरा, जहाँ उस वक्त बच्चे मौजूद थे। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़े पैमाने पर राहत अभियान शुरू किया गया। रात भर बचाव कार्य जारी रहा।
मृतक और घायलों की पहचान
अधिकारियों के अनुसार, मृतक की पहचान रवि (26) के रूप में हुई है, जिन्हें अस्पताल पहुँचाने पर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। घायलों में साइका खान (27), आदित्य शर्मा (24), तरुण कुमार (26), अनुज दीक्षित (25), नीलम यादव (25), क्षितिज प्रताप (25), आस्था (25) और विशाल (24) शामिल हैं। सभी का उपचार एम्स ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।
बचाव अभियान
मलबे से अब तक कुल नौ लोगों को निकाला गया है — दो को स्थानीय निवासियों ने बचाया, जबकि सात को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की मदद से बाहर निकाला गया। मलबे में अन्य लोगों के फँसे होने की आशंका के चलते NDRF, दिल्ली पुलिस, सिविल डिफेंस, दमकल विभाग और एंबुलेंस सेवाएँ अब भी मौके पर तैनात हैं।
सीएम रेखा गुप्ता की प्रतिक्रिया और निर्देश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 31 मई की सुबह घटनास्थल पहुँचकर चल रहे बचाव कार्यों का जायजा लिया। दिल्ली सीएमओ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देश पर महरौली पुलिस थाने में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। दक्षिण जिले के जिला मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में मजिस्ट्रियल जाँच के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा, अधिकारियों को आसपास की जर्जर और खतरनाक इमारतों का निरीक्षण कर जहाँ आवश्यक हो, कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री ने सभी अनाधिकृत इमारतों के खिलाफ सख्त कदम उठाने और संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने का स्पष्ट निर्देश दिया है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब दिल्ली में अनियंत्रित निर्माण और जर्जर इमारतों को लेकर पहले से चिंताएँ जताई जाती रही हैं। मजिस्ट्रियल जाँच रिपोर्ट और पुलिस कार्रवाई के नतीजे आने वाले दिनों में सामने आने की उम्मीद है।