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पुणे बिल्डिंग हादसा: मोशी में मलबे से 1 शव बरामद, 9 लोग सुरक्षित, NDRF का बचाव अभियान जारी

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पुणे बिल्डिंग हादसा: मोशी में मलबे से 1 शव बरामद, 9 लोग सुरक्षित, NDRF का बचाव अभियान जारी

सारांश

पुणे के मोशी में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की इमारत ढहने के बाद बचाव अभियान दूसरे दिन भी जारी है। मलबे से 1 शव बरामद, 9 लोग सुरक्षित — लेकिन इमारत 45 डिग्री झुकी होने से NDRF को हाथों से खुदाई करनी पड़ रही है। लाइफ डिटेक्टर को अब तक कोई जीवित संकेत नहीं मिला।

मुख्य बातें

पुणे के मोशी स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की तीन मंजिला इमारत बुधवार दोपहर लिगेसी वेस्ट का ढेर गिरने से ढह गई।
मलबे से अब तक 1 शव बरामद; 2 अन्य शवों का पता चला है लेकिन निकाला जाना बाकी है।
कुल 9 लोगों को सुरक्षित बचाया गया — पहले 7 , फिर देर रात 2 और।
इमारत 45 डिग्री तक झुकी होने से भारी मशीनें बंद; NDRF हाथों से मलबा हटा रही है।
लाइफ डिटेक्टर, अकॉस्टिक सेंसर और स्निफर डॉग्स से अब तक जीवित होने के संकेत नहीं।
NDRF, भारतीय सेना, PCMC व PMRDA फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीमें अभियान में जुटी हैं।

पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट में बुधवार, 9 जुलाई 2025 को हुए भीषण इमारत हादसे के बाद गुरुवार को भी राहत और बचाव अभियान पूरी तेज़ी से जारी रहा। अधिकारियों के अनुसार, मलबे से अब तक एक शव बरामद किया जा चुका है, जबकि 9 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), भारतीय सेना और स्थानीय एजेंसियों की संयुक्त टीमें अब भी मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटी हैं।

हादसे का घटनाक्रम

बुधवार दोपहर पुराने कचरे (लिगेसी वेस्ट) का एक बड़ा ढेर अचानक तीन मंजिला इमारत पर गिर गया, जिससे पूरी इमारत ढह गई। यह इमारत एंटनी लारा रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी द्वारा संचालित 14 मेगावाट के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के ऊपर बनी हुई थी। यह कंपनी पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) के साथ साझेदारी में इस संयंत्र का संचालन करती है।

हादसे के समय कंपनी के कई कर्मचारी इमारत में मौजूद थे। PCMC ने शुरुआत में बताया था कि करीब 23 लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं, जिनमें से 5 लोग बचाव दल के पहुँचने से पहले ही खुद बाहर निकलने में सफल रहे। हादसे के कुछ घंटों के भीतर 7 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, और देर रात 2 और लोगों को बचाया गया — जिससे कुल बचाए गए लोगों की संख्या 9 हो गई।

NDRF की चुनौतियाँ और अभियान की स्थिति

NDRF की 5वीं बटालियन के कमांडेंट एसबी सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह मलबे से एक शव बरामद किया गया है, जबकि दो अन्य शवों का भी पता चल चुका है। उन्होंने कहा, 'एनडीआरएफ अपनी पूरी कोशिश कर रही है। हमने हाथों से खुदाई कर एक संकरी जगह बनाई है और उसी रास्ते से अंदर पहुँच रहे हैं। अब तक तीन शवों का पता चल चुका है, जिनमें से एक को बाहर निकाल लिया गया है।'

सिंह ने बताया कि दूसरा शव दूर से दिखाई दे रहा है, लेकिन उसे निकालने में अभी और समय लगेगा। इमारत करीब 45 डिग्री तक झुक चुकी है, जिससे बचावकर्मियों को संकरे रास्तों से रेंगते हुए अंदर जाना पड़ रहा है।

भारी मशीनें क्यों नहीं हो रहीं इस्तेमाल

कमांडेंट एसबी सिंह ने स्पष्ट किया कि भारी मशीनों का उपयोग जानबूझकर नहीं किया जा रहा है, क्योंकि उनसे उत्पन्न कंपन से पहले से अस्थिर इमारत दोबारा गिर सकती है। उन्होंने कहा, 'हमारी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इमारत दोबारा न गिर जाए। अगर ऐसा हुआ तो बचावकर्मी भी मलबे में फंस सकते हैं। हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि अंदर फंसे लोगों पर और मलबा न गिरे।' इसी कारण मलबा हाथों से धीरे-धीरे हटाया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि लाइफ डिटेक्टर, अकॉस्टिक सेंसर और स्निफर डॉग्स जैसे आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया, लेकिन अब तक मलबे के नीचे किसी जीवित व्यक्ति के होने के संकेत नहीं मिले हैं।

बचाव में लगी एजेंसियाँ

इस अभियान में NDRF, भारतीय सेना, पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम फायर ब्रिगेड, पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA) फायर ब्रिगेड और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार काम कर रही हैं। बचाव अभियान की कठिनाई और इमारत की अस्थिरता को देखते हुए यह अभियान लंबा खिंच सकता है। जैसे-जैसे मलबा हटाया जाएगा, हताहतों की संख्या में बदलाव की आशंका बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अगर उनकी साइट सुरक्षा बुनियादी मानकों पर भी खरी नहीं उतरती, तो यह प्रगति किसकी कीमत पर है? जवाबदेही तय होनी चाहिए — केवल बचाव अभियान की सराहना पर्याप्त नहीं।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे के मोशी में इमारत क्यों गिरी?
बुधवार दोपहर पुराने कचरे (लिगेसी वेस्ट) का एक बड़ा ढेर वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के ऊपर बनी तीन मंजिला इमारत पर गिर गया, जिससे पूरी इमारत ढह गई। इमारत में उस समय एंटनी लारा रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी के कई कर्मचारी मौजूद थे।
अब तक कितने लोग बचाए गए और कितनी मौतें हुई हैं?
अब तक 9 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है और मलबे से 1 शव बरामद हुआ है। दो अन्य शवों का पता चल चुका है लेकिन उन्हें अभी निकाला जाना बाकी है।
NDRF भारी मशीनें क्यों नहीं इस्तेमाल कर रही?
इमारत पूरी तरह अस्थिर हो चुकी है और करीब 45 डिग्री तक झुक गई है। भारी मशीनों के कंपन से इमारत दोबारा गिर सकती है, जिससे मलबे में फंसे लोगों और बचावकर्मियों दोनों की जान खतरे में पड़ सकती है। इसीलिए मलबा हाथों से धीरे-धीरे हटाया जा रहा है।
इस बचाव अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
NDRF की 5वीं बटालियन, भारतीय सेना, PCMC फायर ब्रिगेड, PMRDA फायर ब्रिगेड और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार काम कर रही हैं। लाइफ डिटेक्टर, अकॉस्टिक सेंसर और स्निफर डॉग्स का भी उपयोग किया गया है।
वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट का संचालन कौन करता है?
यह 14 मेगावाट का संयंत्र एंटनी लारा रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी द्वारा पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) के साथ साझेदारी में संचालित किया जाता है। हादसे के समय कंपनी के कई कर्मचारी इमारत में मौजूद थे।
राष्ट्र प्रेस
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