पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी में इमारत ढही: 9 लोग बचाए गए, 6-7 अभी भी मलबे में फंसे
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ स्थित मोशी इलाके में बुधवार को एक इमारत ढह गई, जिसमें कई कर्मचारी मलबे में दब गए। गुरुवार, 9 जुलाई की सुबह 7 बजे तक बचाव दलों ने 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दमकल, पुलिस और चिकित्सा टीमें मलबे में अभी भी फंसे लोगों को खोजने और बचाने के अभियान में जुटी हैं।
इमारत क्यों गिरी
मंत्री गिरीश महाजन ने घटनास्थल पर पत्रकारों को बताया कि यह पिंपरी-चिंचवड़ का डंपिंग ग्राउंड है, जो 1982 से यहाँ स्थित है और लगभग 47 साल पुराना है। उन्होंने कहा, 'वहाँ कचरे का एक बहुत बड़ा पहाड़ जमा हो गया है। विभाग ने पास ही एक इमारत बनाई थी। पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बारिश की वजह से कचरा और पानी इमारत पर आ गिरा। इमारत का आधा हिस्सा ढह गया।' महाजन के अनुसार इमारत के अंदर 22-23 कर्मचारी थे, हालाँकि कुछ लोग उस समय लंच पर गए हुए थे। इमारत ढहते ही 5 लोग स्वयं बाहर निकलने में सफल रहे।
बचाव अभियान की स्थिति
उपायुक्त पुलिस (DCP) गणेश इंगले ने बताया कि तलाशी अभियान बुधवार दोपहर से ही जारी है। उन्होंने कहा कि अभी भी लगभग 6-7 लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं और उन्हें जल्द से जल्द बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सेना, NDRF, दमकल विभाग, पुलिस और मेडिकल टीम सहित सभी एजेंसियाँ संयुक्त रूप से बचाव कार्य में लगी हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
म्युनिसिपल कमिश्नर विजय सूर्यवंशी ने इसे प्राकृतिक आपदा करार दिया। उन्होंने कहा, 'भूस्खलन होने पर मजबूत इमारतें भी गिर सकती हैं।' सूर्यवंशी ने स्पष्ट किया कि बचाव अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है और मलबे को व्यवस्थित तरीके से हटाया जा रहा है। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मानसून की भारी बारिश जारी है।
आगे क्या
बचाव दल मलबे में फंसे शेष लोगों को निकालने के लिए अभियान जारी रखे हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जैसे-जैसे मलबा हटाया जाएगा, फंसे लोगों की सटीक संख्या स्पष्ट होती जाएगी। प्रशासन ने इमारत की संरचनात्मक स्थिति और डंपिंग ग्राउंड के प्रबंधन को लेकर भविष्य में जाँच के संकेत दिए हैं।