पुणे के मोशी में 3 मंजिला इमारत ढही: 4 रेस्क्यू, 16 अभी भी मलबे में — NDRF और सेना मौके पर
सारांश
मुख्य बातें
पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ में 8 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 1 बजे एक बड़ा हादसा हुआ, जब मोशी कचरा डिपो परिसर में स्थित तीन मंजिला प्रशासनिक भवन अचानक ढह गया। हादसे के वक्त इमारत में मौजूद करीब 20 लोगों में से 4 को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जबकि 16 लोग अभी भी मलबे में दबे हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), सेना और पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (PCMC) की संयुक्त टीमें युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
यह इमारत पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम के मोशी वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना स्थल के पास बनी थी, जहाँ पूरे शहर का कचरा लाया जाता है। बुधवार दोपहर 1 बजे के करीब इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। उस समय भीतर मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों में से 4 लोग दूसरी मंजिल पर थे, जिन्होंने खिड़की का शीशा तोड़कर बाहर निकलने में सफलता हासिल की। ये चारों सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
पिंपरी-चिंचवड़ के पूर्व महापौर नितिन कालजे ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया और सभी संबंधित एजेंसियों को मौके पर बुला लिया गया। भारी मशीनों और विशेष बचाव उपकरणों की सहायता से मलबा हटाने का काम तेज़ गति से जारी है।
मलबे में फंसी महिला से मोबाइल पर संपर्क
मलबे में दबे 16 लोगों में एक महिला भी शामिल है। राहत की बात यह है कि उस महिला से उसके परिजनों ने मोबाइल फोन के ज़रिए संपर्क स्थापित कर लिया है। महिला ने अंदर से बताया कि वह फिलहाल सुरक्षित है। बचाव दल उसे जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश में जुटे हैं।
बचाव अभियान में कौन-कौन शामिल
घटनास्थल पर NDRF, सेना की टीम, PCMC के अधिकारी, निगम आयुक्त और अन्य आपातकालीन एजेंसियाँ मिलकर काम कर रही हैं। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब महाराष्ट्र में मानसून की भारी बारिश जारी है, जिससे बचाव कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
आम जनता पर असर और प्रशासन की प्राथमिकता
पूर्व महापौर नितिन कालजे ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का सारा ध्यान फिलहाल मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर केंद्रित है। गौरतलब है कि मोशी वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना पिंपरी-चिंचवड़ की एक महत्वपूर्ण नागरिक सुविधा है और यह हादसा इस परिसर में निर्माण कार्य के दौरान हुआ। हादसे के कारणों की जाँच बाद में होगी — अभी प्राथमिकता जीवन बचाना है।
आगे क्या होगा
बचाव अभियान अनवरत जारी है और अधिकारियों के अनुसार मलबे में दबे सभी लोगों को निकालने की पूरी कोशिश की जा रही है। हादसे के कारणों — जैसे निर्माण में खामी, बारिश का असर या संरचनात्मक कमज़ोरी — की जाँच बचाव कार्य पूरा होने के बाद शुरू होने की संभावना है।