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स्वरूप नगर में जर्जर इमारत ढही: मलबे में दबे मजदूर की मौत, दो घायल

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स्वरूप नगर में जर्जर इमारत ढही: मलबे में दबे मजदूर की मौत, दो घायल

सारांश

दिल्ली के स्वरूप नगर में 25 जुलाई को पुरानी इमारत तोड़ने के दौरान छत ढहने से तीन मजदूर मलबे में दबे। एनडीआरएफ समेत कई एजेंसियों ने बचाव किया, लेकिन एक मजदूर की अस्पताल में मौत हो गई। जाँच जारी है।

मुख्य बातें

25 जुलाई को स्वरूप नगर, दिल्ली में एक डेढ़ मंजिला जर्जर इमारत तोड़ने के दौरान छत का हिस्सा ढह गया।
तीन मजदूर मलबे में दबे; एनडीआरएफ, दमकल, डीडीएमए और एमसीडी ने संयुक्त बचाव अभियान चलाया।
करीब 40 वर्षीय एक मजदूर की अस्पताल में मौत; 28 और 30 वर्षीय दो अन्य मजदूर घायल, हालत स्थिर।
पुलिस को सूचना दोपहर 3:17 बजे पीसीआर कॉल के ज़रिए मिली।
जिला अपराध जाँच टीम ने मौके का निरीक्षण किया; जाँच जारी, आगे की कानूनी कार्रवाई तथ्य-सत्यापन के बाद होगी।

उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में 25 जुलाई को दोपहर एक पुरानी इमारत को तोड़ने के दौरान छत का हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे तीन मजदूर मलबे में दब गए। बचाव दल ने तीनों को निकाला, लेकिन करीब 40 वर्षीय एक मजदूर को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दो अन्य घायल मजदूरों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

हादसे का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, 25 जुलाई को दोपहर 3:17 बजे स्वरूप नगर थाने में पीसीआर कॉल के ज़रिए सूचना मिली कि एक डेढ़ मंजिला जर्जर भवन को तोड़ने के दौरान उसका एक हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया।

प्रारंभिक जाँच में सामने आया कि हादसे के समय तीनों मजदूर इमारत को तोड़ने और मलबा हटाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान छत का एक हिस्सा अचानक ढह गया और तीनों उसकी चपेट में आ गए।

बचाव अभियान में जुटी एजेंसियाँ

राहत कार्य में दमकल विभाग, एसडीएम, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), नगर निगम (एमसीडी), टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें लगाई गईं। संयुक्त प्रयास से तीनों मजदूरों को मलबे से बाहर निकाला गया।

हताहतों का विवरण

मलबे से निकाले गए तीन मजदूरों में से 28 और 30 वर्ष के दो मजदूरों को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत स्थिर है। वहीं, करीब 40 वर्षीय तीसरे मजदूर को गंभीर चोटों के कारण अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

जाँच और आगे की कार्रवाई

घटना के बाद जिला अपराध जाँच टीम ने मौके का निरीक्षण किया। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच जारी है और तथ्यों के सत्यापन के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जाँच में हादसे की वजह पुरानी इमारत की जर्जर छत का तोड़-फोड़ के दौरान अचानक ढह जाना सामने आई है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में पुरानी और जर्जर इमारतों से जुड़े हादसों को लेकर नगर निगम की निगरानी पर सवाल उठते रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यदि हुई थी तो मजदूरों को बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के काम पर क्यों लगाया गया। एमसीडी की जवाबदेही और निर्माण-विध्वंस स्थलों पर श्रमिक सुरक्षा मानकों के पालन की निगरानी पर ठोस जवाब माँगे जाने चाहिए — महज़ जाँच के आश्वासन से काम नहीं चलेगा।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वरूप नगर इमारत हादसे में क्या हुआ?
25 जुलाई को उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के स्वरूप नगर में एक डेढ़ मंजिला जर्जर इमारत को तोड़ने के दौरान छत का हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे तीन मजदूर मलबे में दब गए। बचाव दल ने तीनों को निकाला, लेकिन एक की मौत हो गई।
हादसे में कितने लोग हताहत हुए?
तीन मजदूर मलबे में दबे थे। करीब 40 वर्षीय एक मजदूर की अस्पताल में मृत्यु हो गई, जबकि 28 और 30 वर्ष के दो अन्य मजदूरों को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
बचाव अभियान में कौन-सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
राहत कार्य में दमकल विभाग, एसडीएम, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), नगर निगम (एमसीडी), टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें शामिल थीं।
हादसे की वजह क्या बताई जा रही है?
प्रारंभिक जाँच के अनुसार, पुरानी और जर्जर इमारत को तोड़ने के दौरान छत का एक हिस्सा अचानक ढह गया। जिला अपराध जाँच टीम ने मौके का निरीक्षण किया है और पुलिस ने कहा है कि तथ्यों के सत्यापन के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है?
अभी तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने कहा है कि मामले की जाँच जारी है और तथ्यों के सत्यापन के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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