कुमार सानू ने 'जब कोई बात बिगढ़ जाए' की निरंतर लोकप्रियता पर जताई खुशी
सारांश
Key Takeaways
- गाना 'जब कोई बात बिगढ़ जाए' 90 के दशक की पहचान है।
- इस गाने को कुमार सानू और साधना सरगम ने गाया।
- गाने के बोल इंदीवर के हैं।
- फिल्म 'जुर्म' का निर्देशन महेश भट्ट ने किया।
- यह गाना दोस्ती और प्यार का प्रतीक है।
मुंबई, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 90 के दशक के कई गाने आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं और सोशल मीडिया पर अक्सर ट्रेंड करते रहते हैं। सोशल मीडिया यूजर्स इस गाने पर वीडियो बनाते रहते हैं, जिसमें से एक 'जब कोई बात बिगढ़ जाए' है, जिसे आज भी लोग बेहद पसंद करते हैं।
इस गाने की लोकप्रियता आज के पॉप कल्चर में भी कायम है। इस निरंतर बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए प्रसिद्ध गायक कुमार सानू ने अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वे इस गाने को गाते दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने लिखा, "कई दशकों का समय बीत चुका है, लेकिन इस गीत के प्रति लोगों का प्यार आज भी वैसा ही है। यह देखकर मन को खुशी मिलती है कि हर पीढ़ी इस गाने में अपनी भावनाएं पाती है। इतने वर्षों बाद भी इसका संदेश बिल्कुल वही है, 'जब कोई बात बिगड़ जाए, जब कोई मुश्किल पड़ जाए… तुम देना साथ मेरा।' इस संगीत के सफर में मेरे साथ चलने के लिए सभी का धन्यवाद।"
90 के दशक के कई गाने समय के साथ फीके पड़ जाते हैं, लेकिन यह गाना नई पीढ़ी को अपनी ओर आकर्षित करता है। यह गाना दोस्ती, प्यार और मुश्किल समय में एक-दूसरे का साथ देने के विषय में है। सोशल मीडिया पर इसके कवर, रीमिक्स और पुरानी क्लिप्स को लोग बेहद पसंद कर रहे हैं।
यह गाना वर्ष 1990 में रिलीज़ हुई फिल्म 'जुर्म' का है। इसे कुमार सानू और साधना सरगम ने गाया है, जबकि इसके बोल इंदीवर ने लिखे हैं और संगीत राजेश रोशन ने तैयार किया है।
गाने को विनोद खन्ना और मीनाक्षी शेषाद्रि ने अपनी अदाकारी से खूबसूरत बनाया था। यह गाना पार्टी थीम पर रोमांटिक अंदाज में है। महेश भट्ट द्वारा निर्देशित फिल्म 'जुर्म' में विनोद खन्ना, मीनाक्षी शेषाद्रि और संगीता बिजलानी मुख्य भूमिकाओं में हैं।
इस क्राइम थ्रिलर फिल्म के जरिए मीनाक्षी शेषाद्रि और संगीता बिजलानी को फिल्मफेयर नामांकन प्राप्त हुआ था। फिल्म की कहानी सलमान के पिता सलीम खान ने लिखी थी, जो आज भी दर्शकों को पसंद आ रही है।