कुमार सानू ने किशोर कुमार के 'पल पल दिल के पास' का इंस्टाग्राम पर किया सुरीला प्रदर्शन

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कुमार सानू ने किशोर कुमार के 'पल पल दिल के पास' का इंस्टाग्राम पर किया सुरीला प्रदर्शन

सारांश

कुमार सानू ने अपने आदर्श किशोर कुमार के 1973 के क्लासिक रोमांटिक गीत 'पल पल दिल के पास' को अपनी सुरीली आवाज़ में इंस्टाग्राम पर साझा किया। यह गीत फिल्म 'ब्लैकमेल' का सदाबहार प्रेम गीत है, जो आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे प्रिय गानों में से एक है।

मुख्य बातें

कुमार सानू ने 12 मई को इंस्टाग्राम पर किशोर कुमार का गीत 'पल पल दिल के पास' साझा किया।
यह गीत 1973 की फिल्म 'ब्लैकमेल' का सदाबहार रोमांटिक गीत है, जिसमें धर्मेंद्र और राखी मुख्य भूमिकाओं में थे।
सानू ने किशोर कुमार को अपना आदर्श और प्रेरणा बताया।
'ब्लैकमेल' विजय आनंद द्वारा निर्देशित एक म्यूजिकल थ्रिलर है, जो रोमांस और सस्पेंस का अनूठा मिश्रण है।
यह गीत आज भी प्रेम के इज़हार के लिए भारतीय सिनेमा के सबसे क्लासिक गानों में से एक माना जाता है।

मुंबई, 12 मई 2026। गायक कुमार सानू ने मंगलवार को इंस्टाग्राम पर अपने आदर्श और प्रेरणा किशोर कुमार के क्लासिक रोमांटिक गीत 'पल पल दिल के पास' को अपनी सुरीली आवाज़ में गाते हुए एक पुरानी क्लिप साझा की। पोस्ट में सानू ने लिखा कि किशोर दा हमेशा से उनकी प्रेरणा रहे हैं, और जब भी वे उनके गीतों को गाते हैं, तो उन्हें संगीत के जादू के करीब होने का अनुभव होता है।

क्लासिक गीत की विरासत

'पल पल दिल के पास' 1973 की फिल्म 'ब्लैकमेल' का एक सदाबहार रोमांटिक गीत है, जिसे किशोर कुमार ने गाया था। इस फिल्म में धर्मेंद्र और राखी ने मुख्य भूमिकाएँ निभाई थीं। यह गीत अपने गहरे भावनात्मक अंदाज़ और सुरीली रचना के लिए भारतीय सिनेमा के सबसे प्रिय प्रेम गीतों में से एक माना जाता है और आज भी प्रेम के इज़हार के लिए प्रासंगिक बना हुआ है।

फिल्म 'ब्लैकमेल' का संदर्भ

विजय आनंद द्वारा निर्देशित 'ब्लैकमेल' एक म्यूजिकल थ्रिलर है जिसमें धर्मेंद्र, राखी और शत्रुघ्न सिन्हा प्रमुख भूमिकाओं में थे। फिल्म एक वैज्ञानिक कैलाश (धर्मेंद्र) की कहानी बयान करती है, जो एक औद्योगिक घराने की बेटी (राखी) से विवाह करता है। विवाह के बाद, उसे अपनी पत्नी के पूर्व मंगेतर (शत्रुघ्न सिन्हा) के साथ संबंधों का पता चलता है, जो ब्लैकमेल का कारण बन जाता है। कहानी में तब मोड़ आता है जब एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह कैलाश के सौर ऊर्जा फॉर्मूले को चुराने की कोशिश करता है।

सिनेमाई महत्त्व और प्रभाव

यह फिल्म अपने सुपरहिट गीतों और रोमांस-थ्रिलर के अनूठे मिश्रण के लिए जानी जाती है। हालांकि 'ब्लैकमेल' बॉक्स ऑफिस पर औसत प्रदर्शन करने वाली मानी गई, लेकिन इसके बेहतरीन संगीत, सूक्ष्म निर्देशन और सदाबहार गीतों की वजह से यह 1970 के दशक की सबसे यादगार फिल्मों में से एक बनी हुई है। किशोर कुमार की आवाज़ ने इस गीत को अमर बना दिया है।

दर्शकों की प्रतिक्रिया

सानू की सुरीली आवाज़ में किशोर दा के इस क्लासिक गीत को सुनकर संगीत प्रेमी और फैंस इंस्टाग्राम के कमेंट सेक्शन में अपनी भावनाएँ और प्रशंसा व्यक्त कर रहे हैं। यह पोस्ट पुरानी यादों को जीवंत करने और भारतीय शास्त्रीय संगीत परंपरा के प्रति सम्मान दिखाने का एक प्रयास है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो वे न केवल किशोर दा की विरासत को सम्मानित करते हैं, बल्कि एक ऐसे संगीत काल की याद दिलाते हैं जब गीत की गुणवत्ता और भावनात्मक गहराई को वाणिज्यिक सफलता से अधिक महत्व दिया जाता था। 1973 में 'पल पल दिल के पास' की रचना और गायन ने एक मानक स्थापित किया जो आज भी अप्रतिद्वंद्वी है। सोशल मीडिया पर इस तरह की पहल दिखाती है कि भारतीय संगीत प्रेमी अभी भी उन गानों को खोज रहे हैं जो आत्मा को छूते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुमार सानू ने किशोर कुमार का कौन-सा गीत साझा किया?
कुमार सानू ने 'पल पल दिल के पास' साझा किया, जो किशोर कुमार द्वारा गाया गया एक क्लासिक रोमांटिक गीत है। यह 1973 की फिल्म 'ब्लैकमेल' का सदाबहार गीत है।
'पल पल दिल के पास' किस फिल्म का गीत है?
यह गीत 1973 की फिल्म 'ब्लैकमेल' का है, जिसमें धर्मेंद्र और राखी मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म को विजय आनंद ने निर्देशित किया था।
फिल्म 'ब्लैकमेल' की कहानी क्या है?
'ब्लैकमेल' एक वैज्ञानिक कैलाश (धर्मेंद्र) की कहानी है जो एक औद्योगिक घराने की बेटी (राखी) से विवाह करता है। विवाह के बाद उसे अपनी पत्नी के पूर्व संबंधों का पता चलता है, जो ब्लैकमेल का कारण बनता है। कहानी में एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह कैलाश के सौर ऊर्जा फॉर्मूले को चुराने की कोशिश करता है।
किशोर कुमार कुमार सानू के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
कुमार सानू ने किशोर कुमार को अपना आदर्श और प्रेरणा बताया है। सानू ने कहा कि जब भी वे किशोर दा के गीत गाते हैं, तो उन्हें संगीत के जादू के करीब होने का अनुभव होता है।
'पल पल दिल के पास' गीत कैसे प्रासंगिक बना हुआ है?
यह गीत अपने गहरे भावनात्मक अंदाज़, सुरीली रचना और किशोर कुमार की अद्वितीय आवाज़ के कारण आज भी प्रेम के इज़हार के लिए भारतीय सिनेमा के सबसे क्लासिक गानों में से एक माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस