जींद में महिला आयोग का विद्यालय का निरीक्षण, 'मुर्गा-मुर्गा' खेल पर उठे सवाल

Click to start listening
जींद में महिला आयोग का विद्यालय का निरीक्षण, 'मुर्गा-मुर्गा' खेल पर उठे सवाल

सारांश

हरियाणा के जींद जिले में महिला आयोग ने एक विद्यालय में औचक निरीक्षण किया है। निरीक्षण में 'मुर्गा-मुर्गा' खेल को लेकर सवाल उठे हैं, जिससे बच्चों पर दबाव डालने का आरोप है।

Key Takeaways

  • महिला आयोग ने आकस्मिक निरीक्षण किया।
  • विद्यालय में संदिग्ध गतिविधियाँ पाई गईं।
  • बच्चों पर दबाव डाला गया कि यह खेल था।
  • आयोग ने आगे की जांच की योजना बनाई है।
  • बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है।

जींद, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा के जींद जिले में हरियाणा महिला आयोग ने मंगलवार को हिसार के एक विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। आयोग को इस विद्यालय में कुछ संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके बाद उन्होंने वहां जाकर खुद जांच करने का निर्णय लिया।

हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने बताया कि यह निरीक्षण पूरी तरह से आकस्मिक था ताकि वहां हो रही गतिविधियों का सही हाल पता लगाया जा सके। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में छात्रों के साथ कुछ असामान्य गतिविधियां देखने को मिलीं। चूंकि उस दिन छुट्टी थी, इसलिए बच्चों और उनके माता-पिता को गांव के सरपंच के माध्यम से बुलाया गया। आयोग ने बच्चों से सीधे पूछा कि आखिर स्कूल में क्या हुआ। इस दौरान बच्चों पर यह कहने का दबाव डाला गया कि यह सब सिर्फ एक खेल था।

महिला आयोग ने कहा कि इस मामले में आगे और जांच की जाएगी। बच्चों, उनके अभिभावकों और विद्यालय प्रशासन से पूरी जानकारी ली जाएगी ताकि इसके पीछे के सच का पता लगाया जा सके।

रेणु भाटिया ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मैंने हिसार के एक विद्यालय का निरीक्षण किया, जहां हमें कुछ अजीब बातें देखने को मिलीं। हमने गांव के सरपंच के जरिए बच्चों और उनके अभिभावकों को बुलाया, क्योंकि बच्चों की छुट्टी थी, और पूछा कि क्या हुआ था। बच्चों पर दबाव डाला गया कि वे कहें कि यह एक खेल था। हम सभी, जिनकी उम्र 50 से 55 साल है, ने गिल्ली-डंडा, कंचे, अन्य खेल, खो-खो और धप्पा खेला है लेकिन हमने यह 'मुर्गा-मुर्गा' कभी नहीं खेला। कृपया समझाएं कि 'मुर्गा-मुर्गा' खेल क्या है? नहीं तो, हम देखेंगे कि यह कैसे खेला जाता है। हमने अब तक जो पाया है, उस पर काम करेंगे।"

उन्होंने कहा कि महिला आयोग इस तरह की घटनाओं पर नजर रखता है और किसी भी प्रकार की संदिग्ध या अनुचित गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करता है। अगर विद्यालय में कोई खेल या गतिविधि बच्चों के लिए हानिकारक है, तो राज्य महिला आयोग इसे रोकने के लिए तुरंत कदम उठाएगा।

Point of View

जो यह दर्शाता है कि आयोग बच्चों की सुरक्षा और कल्याण के प्रति गंभीर है। इस प्रकार की घटनाएँ समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए आवश्यक हैं।
NationPress
10/03/2026

Frequently Asked Questions

महिला आयोग ने स्कूल में कब निरीक्षण किया?
महिला आयोग ने 10 मार्च को जींद जिले के एक स्कूल में निरीक्षण किया।
इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका मुख्य उद्देश्य स्कूल में हो रही संदिग्ध गतिविधियों की जांच करना था।
'मुर्गा-मुर्गा' खेल क्या है?
'मुर्गा-मुर्गा' खेल के बारे में अधिक जानकारी अभी तक नहीं मिली है, यह एक विवादास्पद खेल प्रतीत होता है।
महिला आयोग ने आगे क्या कार्रवाई की योजना बनाई है?
महिला आयोग ने बच्चों, उनके अभिभावकों और स्कूल प्रशासन से जानकारी जुटाने का निर्णय लिया है।
क्या इस निरीक्षण से बच्चों की सुरक्षा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा?
हाँ, ऐसे निरीक्षण बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने में मदद करते हैं।
Nation Press