क्या रांची के पास स्कूल में लकड़बग्घा ने मचाई दहशत?

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क्या रांची के पास स्कूल में लकड़बग्घा ने मचाई दहशत?

सारांश

रांची के पतराहातू स्थित आदर्श उच्च विद्यालय में लकड़बग्घा के घुसने से बच्चों और शिक्षकों में दहशत फैल गई। स्कूल प्रशासन ने बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, लेकिन घटना ने आसपास के गांवों में भय का माहौल बना दिया।

Key Takeaways

  • लकड़बग्घा के स्कूल में घुसने से बच्चों में भय का माहौल बना।
  • स्कूल प्रशासन ने तत्परता दिखाई और सुरक्षा के उपाय किए।
  • घटना ने आसपास के गांवों में चिंता और भय फैलाया।
  • वन्यजीवों के मानव बस्तियों में घुसने की समस्या बढ़ती जा रही है।

रांची, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रांची जिले के सिल्ली प्रखंड की पतराहातू स्थित आदर्श उच्च विद्यालय में मंगलवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब अचानक एक लकड़बग्घा स्कूल परिसर में घुस आया। यह घटना उस समय हुई जब बच्चे रोज़ की तरह विद्यालय पहुंच रहे थे।

जैसे ही लकड़बग्घा परिसर में दिखाई दिया, बच्चों और शिक्षकों में दहशत फैल गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विद्यालय प्रबंधन ने तत्परता दिखाई और सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया तथा पूरे स्कूल परिसर को खाली करवा लिया। इसके साथ ही मामले की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। घटना के बाद स्कूल और आसपास के क्षेत्र में भय का माहौल बन गया।

हालांकि, प्रशासन और वन विभाग की टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही लकड़बग्घा करीब आधे घंटे बाद खुद ही स्कूल से बाहर निकलकर पास के जंगल की ओर चला गया। इस घटना के बाद जंगल से सटे गांवों में रहने वाले लोग सहमे हुए हैं और वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही को लेकर चिंता जता रहे हैं।

गौरतलब है कि सिल्ली प्रखंड में वन्यजीवों के आबादी क्षेत्र में प्रवेश की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। पिछले वर्ष जून में सिल्ली प्रखंड की कोचो पंचायत अंतर्गत मारदू गांव में एक रॉयल बंगाल टाइगर एक घर में घुस गया था। एक फैक्ट्री में नाइट शिफ्ट में काम के बाद लौटे पूरन चंद जब सुबह घर पहुंचे और बकरी बाहर निकाल रहे थे, तभी बाघ घर के अंदर दाखिल हो गया।

उस समय घर के एक कमरे में दो बच्चियां सो रही थीं, जिन्हें पूरन चंद ने सूझबूझ से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में भारी भीड़ जमा हो गई थी और इलाके में भय का माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू की और वन विभाग की टीम ने करीब 14 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पलामू के बेतला टाइगर रिजर्व से आई विशेष टीम की मदद से बाघ को पिंजरे में कैद किया था।

Point of View

बल्कि यह हमारे जंगलों और मानव बस्तियों के बीच बढ़ते तनाव का प्रतीक है। हमें चाहिए कि हम वन्यजीवों के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाएं और स्थानीय समुदाय को सुरक्षित बनाएं।
NationPress
20/01/2026

Frequently Asked Questions

लकड़बग्घा स्कूल में कैसे घुसा?
लकड़बग्घा अचानक विद्यालय परिसर में घुस आया जब बच्चे विद्यालय पहुंच रहे थे।
स्कूल प्रशासन ने क्या किया?
विद्यालय प्रबंधन ने सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और पूरे परिसर को खाली करा लिया।
लकड़बग्घा कब चला गया?
लकड़बग्घा करीब आधे घंटे बाद खुद ही स्कूल से बाहर निकलकर जंगल की ओर चला गया।
क्या पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं?
हाँ, सिल्ली प्रखंड में पहले भी वन्यजीवों के आबादी क्षेत्र में प्रवेश की घटनाएं हो चुकी हैं।
क्या प्रशासन ने कोई कार्रवाई की?
प्रशासन ने मामले की जांच के लिए वन विभाग को सूचित किया और निषेधाज्ञा लागू की।
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