क्या भारत का टेक्सटाइल सेक्टर रोजगार सृजन का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन है? : पीएम मोदी
सारांश
Key Takeaways
- भारत का टेक्सटाइल सेक्टर अब रोजगार सृजन का एक बड़ा स्रोत बन चुका है।
- केंद्र सरकार की पीएलआई योजनाएं और एफटीए इस क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर रही हैं।
- उत्पादन और खपत में वृद्धि से मजबूत घरेलू मांग का निर्माण हो रहा है।
- टेक्सटाइल निर्यात में भी महत्वपूर्ण वृद्धि
- पीएम मित्र पार्क योजना के तहत 18,500 करोड़ रुपए
नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत का टेक्सटाइल सेक्टर अब सिर्फ एक पुराना पारंपरिक उद्योग नहीं रह गया है, बल्कि यह एक रोजगार सृजन की ताकत बन चुका है। यह सेक्टर लोगों को केंद्र में रखकर काम कर रहा है और आत्मनिर्भर भारत की असली भावना को व्यक्त करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के एक लेख का उल्लेख किया, जिसमें बताया गया है कि केंद्र सरकार की पीएलआई योजनाएं और नए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) टेक्सटाइल सेक्टर में रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत में टेक्सटाइल सेक्टर की मजबूती की सबसे बड़ी वजह मजबूत घरेलू मांग और बढ़ती खपत है। 140 करोड़ से ज्यादा की आबादी के साथ, भारत दुनिया के सबसे मजबूत टेक्सटाइल बाजारों में से एक है। देश का घरेलू टेक्सटाइल बाजार पिछले पांच वर्षों में लगभग 8.4 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 13 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि लोगों के कपड़ों पर खर्च करने की आदत में बड़ा बदलाव आया है। पिछले 10 वर्षों में प्रति व्यक्ति टेक्सटाइल पर खर्च 2014-15 में करीब 3,000 रुपए से बढ़कर 2024-25 में 6,000 रुपए से ज्यादा हो गया है। अनुमान है कि यह खर्च 2030 तक 12,000 रुपए तक पहुंच सकता है।
टेक्सटाइल सेक्टर में निर्यात भी तेजी से बढ़ा है। कोविड-19 के समय 2019-20 में टेक्सटाइल और रेडीमेड कपड़ों का निर्यात 2.49 लाख करोड़ रुपए था, जो 2024-25 में बढ़कर लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपए हो गया। यानी कोविड-19 के बाद के समय में इसमें लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह बढ़ोतरी दिखाती है कि भारत वैश्विक मांग बढ़ने पर तेजी से उत्पादन बढ़ा सकता है और इससे टेक्सटाइल सेक्टर में सीधे और परोक्ष दोनों तरह से रोजगार पैदा हो रहे हैं।
मंत्री ने पीएम मित्र पार्क योजना की महत्वपूर्णता पर भी जोर दिया। इस योजना के तहत टेक्सटाइल सेक्टर में लगभग 18,500 करोड़ रुपए के निवेश की उम्मीद है। इसका उद्देश्य उत्पादन बढ़ाना, रोजगार पैदा करना और निर्यात को मजबूत करना है।
सरकार ने टेक्सटाइल उद्योग के पूरे वैल्यू चेन के लिए आधुनिक और बड़े औद्योगिक ढांचे को विकसित करने के उद्देश्य से 7 पीएम मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (पीएम मित्र) पार्क बनाने को मंजूरी दी है। इस पर 2021-22 से 2027-28 के बीच 4,445 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
सभी पीएम मित्र पार्क तमिलनाडु (विरुधुनगर), तेलंगाना (वारंगल), गुजरात (नवसारी), कर्नाटक (कलबुर्गी), मध्य प्रदेश (धार), उत्तर प्रदेश (लखनऊ) और महाराष्ट्र (अमरावती) में बनाए जाएंगे।
सरकार के अनुसार, जब पीएम मित्र पार्क पूरी तरह तैयार हो जाएंगे, तो हर पार्क में लगभग 10,000 करोड़ रुपए का निवेश आएगा और इससे करीब 3 लाख लोगों को सीधे और परोक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है।