28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या पीएम मोदी के नेतृत्व में भूकंप के बाद कच्छ की कायापलट संभव था?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या पीएम मोदी के नेतृत्व में भूकंप के बाद कच्छ की कायापलट संभव था?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि पीएम मोदी के नेतृत्व में कच्छ क्षेत्र भूकंप के बाद कैसे बदल गया? जानिए सरहद डेयरी की भूमिका और कच्छ की विकास यात्रा के बारे में।

मुख्य बातें

कच्छ में सरहद डेयरी का योगदान उल्लेखनीय है।
भूकंप के बाद कच्छ ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं।
सरहद डेयरी ने सहकारिता में क्रांति लाने का कार्य किया है।
प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व कच्छ के विकास में महत्वपूर्ण रहा है।
ऊंटनी के दूध की प्रोसेसिंग में सरहद डेयरी ने नई उपलब्धियाँ हासिल की हैं।

गांधीनगर, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 26 जनवरी 2001 को आए विनाशकारी भूकंप ने कच्छ को इस हद तक प्रभावित किया कि हर किसी के मन में सवाल था कि क्या कच्छ पुनः खड़ा हो सकेगा। हालांकि, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस क्षेत्र में एक अद्भुत कायापलट देखने को मिली, जिससे कच्छ विकास, आत्मनिर्भरता और सहकारी समृद्धि का एक बेहतरीन उदाहरण बन गया। उनके नेतृत्व में कच्छ अब पर्यटन, कृषि और सहकारिता जैसे क्षेत्रों में उन्नति कर रहा है। वर्तमान में, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में कच्छ की विकास यात्रा को और अधिक गति प्राप्त हुई है।

ज्ञात रहे कि भूकंप के पश्चात कच्छ के सहकारिता क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में ‘श्री कच्छ जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ’ या सरहद डेयरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 2009 में वलमजी हुंबल द्वारा स्थापित सरहद डेयरी कच्छ की सबसे बड़ी सहकारी संस्था है और इस जिले के पशुपालकों के लिए आजीविका का एक प्रमुख स्रोत है।

सरहद डेयरी प्रतिदिन लगभग 80,000 दूध उत्पादकों से लगभग 5.5 लाख लीटर दूध एकत्र करती है, जिनमें 900 से अधिक सहकारी मंडलियाँ शामिल हैं। यहाँ प्रतिदिन 4 लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग होती है और 300 टन क्षमता का पशु आहार (कैटल फीड) प्लांट भी है। इसके अतिरिक्त, डेयरी प्रतिदिन 50,000 लीटर आइसक्रीम का उत्पादन करती है, जिसमें अधिकतम उत्पादन 3.38 लाख लीटर प्रतिदिन दर्ज किया गया है।

डेयरी द्वारा पशुपालकों को प्रतिदिन लगभग 3 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाता है। वर्ष 2024-25 के दौरान सरहद डेयरी ने 1,200 करोड़ रुपए से अधिक का ऐतिहासिक टर्नओवर प्राप्त किया है, जो वार्षिक 9.09 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। सरहद डेयरी हरियाणा, तेलंगाना, और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में अमूल के डेयरी प्लांट को भैंस के शुद्ध दूध की आपूर्ति कर रही है।

कच्छ के रण में ऊंटनी के दूध को सफेद सोना माना जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। भारत का पहला ऊंटनी के दूध को दुर्गंधमुक्त करने वाला प्रोसेसिंग प्लांट कच्छ में स्थित है, जो 16 जनवरी 2019 से कार्यरत है।

सरहद डेयरी ने ऊंटनी के दूध के लिए प्राथमिक ऑर्गेनिक सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है। कच्छ जिले में रापर, नखत्राणा, गढशीशा और कोटडा आथमणा के चार कलेक्शन केंद्रों के माध्यम से ऊंटनी के दूध का संग्रहण अमूल पैटर्न के अनुसार किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में ऊंटनी के दूध का दैनिक संग्रहण 4,754 लीटर हुआ है, जिसमें ऊंटपालकों को वार्षिक 8,72,83,440 रुपए का भुगतान किया गया है, जिससे 350 से अधिक परिवार लाभान्वित हुए हैं।

इसके अलावा, समस्त भारत में ऊंटनी के दूध की राजभोग फ्लेवर की आइसक्रीम केवल सरहद डेयरी में ही तैयार की जाती है। 22 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस आइसक्रीम प्लांट का उद्घाटन किया गया था, जिसमें केवल एक वर्ष में 80 वैरायटी लॉन्च की गई हैं। वर्ष 2024-25 में कुल 24.52 लाख लीटर आइसक्रीम का उत्पादन हुआ और अधिकतम डिस्पैच 58,000 लीटर दर्ज किया गया।

जनवरी 2022 में गांधीनगर में इंडियन डेयरी एसोसिएशन (आईडीए) कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ, जिसमें सरहद डेयरी ने हिस्सा लिया। इंटरनेशनल डेयरी फेडरेशन (आईडीएफ) द्वारा केरल में आयोजित विश्व की पहली रीजनल डेयरी कॉन्फ्रेंस 2024 में सरहद डेयरी की ऊंटनी के दूध की प्रोसेसिंग में की गई उपलब्धियों को वैश्विक पहचान मिली।

सरहद डेयरी को 2025 में दुबई में आयोजित विश्व के सबसे बड़े फूड शो ‘गल्फ फूड एक्सपो’ में भी पहचान मिली, जहाँ अमूल के स्टॉल पर ऊंटनी के दूध के उत्पादों ने विशेष आकर्षण बंटोरा। सरहद डेयरी को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिले हैं, जैसे कि सामाजिक विकास और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए फोकिया पुरस्कार 2014, कच्छ डेयरी क्षेत्र के विकास के लिए रोटरी क्लब वॉकेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड 2017, एग्रीटेक में उत्कृष्टता के लिए फोकिया पुरस्कार 2014 और टिकाऊ प्रदर्शन के लिए ग्रीन वर्कप्लेस अवॉर्ड 2025।

सहकार से समृद्धि’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की एक दूरदर्शी पहल है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत, सरहद डेयरी ने कच्छ जिला मध्यस्थ सहकारी (केडीसीसी) बैंक में 900 दूध मंडलियों और 31,067 पशुपालकों के बैंक खाते खोलने में सहायता की है। किसानों को सरलता से बैंकिंग सेवाएँ प्रदान करने के लिए उन्हें रुपे कार्ड दिए गए हैं और 438 दूध मंडलियों को माइक्रो एटीएम प्राप्त हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत बन सकता है। सहकारिता और विकास के इस उदाहरण से हम समझ सकते हैं कि कैसे सही नेतृत्व और योजनाएँ किसी क्षेत्र को नई दिशा दे सकती हैं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कच्छ में सरहद डेयरी की स्थापना कब हुई?
सरहद डेयरी की स्थापना 2009 में वलमजी हुंबल द्वारा की गई थी।
सरहद डेयरी किस प्रकार के उत्पादों का निर्माण करती है?
सरहद डेयरी दूध, आइसक्रीम और पशु आहार का उत्पादन करती है।
भूकंप के बाद कच्छ में क्या बदलाव आया?
भूकंप के बाद कच्छ ने विकास, आत्मनिर्भरता और सहकारिता में महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं।
सरहद डेयरी का वार्षिक टर्नओवर क्या है?
वर्ष 2024-25 में सरहद डेयरी का टर्नओवर 1,200 करोड़ रुपए से अधिक रहा।
ऊंटनी के दूध में क्या विशेषताएँ हैं?
ऊंटनी के दूध में खाद्य खनिज तत्व होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले