28 जुलाई 2026
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क्या 22 साल की उम्र में पार्षद बनकर कशिश फुलवरिया ने नया कीर्तिमान स्थापित किया?

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क्या 22 साल की उम्र में पार्षद बनकर कशिश फुलवरिया ने नया कीर्तिमान स्थापित किया?

सारांश

क्या कशिश फुलवरिया की युवा नेतृत्व में राजनीति में नई उम्मीदें जगाई हैं? जानें उनके विचार और योजनाएं जो उन्होंने बीएमसी चुनाव में जीतकर साझा कीं।

मुख्य बातें

कशिश फुलवरिया की युवाओं के लिए प्रेरणा राजनीति में तकनीक का महत्व समाज की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता भविष्य के लिए युवाओं को अवसर प्रदान करना राजनीतिक परिवार से आने का लाभ

मुंबई, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के चुनाव में भाजपा की सबसे कम उम्र की पार्षद कशिश फुलवरिया बनी हैं। 22 साल की आयु में उन्होंने इस चुनाव में जीत का परचम लहराया है। कशिश इस समय एमबीए भी कर रही हैं। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आशीष शेलार और विधायक अमित साटम को दिया।

कशिश फुलवरिया ने मंगलवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि मैं उन सभी लोगों की आभारी हूं, जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया। मैं सभी लोगों को विश्वास दिलाती हूं कि मैं उनकी उम्मीदों पर खरी उतरूंगी और जो वादा मैंने चुनाव प्रचार में किया था, उसे हर हाल में पूरा करूंगी। मैं लोगों के काम के लिए हमेशा आगे रहूंगी।

नवनिर्वाचित पार्षद ने कहा कि मैंने चुनाव प्रचार के दौरान देखा था कि लोगों के बीच में वाटर ड्रैनेज की काफी समस्याएं हैं। इस वजह से लोगों को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। मैंने तय किया है कि लोगों को उनकी समस्याओं से निजात दिलाई जाएगी। उनके हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता पिछले 20 साल से राजनीति में हैं। अब मैं भी राजनीति में आई हूं। जब कभी मुझे किसी भी प्रकार की परेशानी होती है, तो मैं अपने माता-पिता से सुझाव लेती हूं। उनका सुझाव मेरे लिए एक सहारा बनता है।

कशिश ने इस बात पर जोर दिया कि इस समय राजनीति में युवाओं का आना आवश्यक है। जब तक युवा वर्ग राजनीति में आगे नहीं बढ़ेगा, तब तक देश के विकास को नई ऊर्जा नहीं मिलेगी। हमें युवाओं को प्रचुर मौके देने होंगे।

इसके अलावा, पार्षद ने एक ब्लूप्रिंट भी साझा किया। उन्होंने कहा कि हम सभी व्यावहारिक काम में तकनीक पर जोर दे रहे हैं ताकि लोगों को किसी भी काम को संपन्न करने में परेशानी न हो। हर काम को कंप्यूटर से जोड़ा जाएगा ताकि इसका लाभ लोगों को सुगमता से मिल सके।

पार्षद ने कहा कि मुझे खुशी है कि इतनी कम उम्र में पार्षद बनने का मौका मिला, लेकिन मुझे अभी लोगों के बीच में जाने में थोड़ी हिचक हो रही है। मुझे पूरा विश्वास है कि भविष्य में मेरी यह हिचक दूर हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि जब मुझे पता चला कि मैं पार्षद के चुनाव में जीत गई हूं, तो मुझे बहुत अच्छा लगा। मेरे अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। अब मैं धरातल पर उतरकर लोगों के लिए काम करना चाहती हूं।

उन्होंने भाजपा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भाजपा की यही खासियत है कि वह युवाओं को राजनीति में मौका देती है और उनकी प्रतिभा को पहचानकर तराशने का काम करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कशिश फुलवरिया कितनी उम्र में पार्षद बनीं?
कशिश फुलवरिया 22 साल की उम्र में पार्षद बनीं।
कशिश ने अपनी जीत का श्रेय किसे दिया?
कशिश ने अपनी जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह , और अन्य नेताओं को दिया।
कशिश का मुख्य ध्यान किस समस्या पर है?
कशिश का मुख्य ध्यान वाटर ड्रैनेज समस्याओं को हल करने पर है।
कशिश की शिक्षा क्या है?
कशिश इस समय एमबीए कर रही हैं।
कशिश का भविष्य में क्या योजनाएं हैं?
कशिश की योजना है कि वे तकनीक का उपयोग कर लोगों की समस्याओं का समाधान करें।
राष्ट्र प्रेस
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