डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए संतुलित आहार और कैलोरी काउंट की महत्ता
सारांश
Key Takeaways
- संतुलित आहार का महत्व
- रोजाना कैलोरी का ध्यान रखें
- मीठे खाद्य पदार्थों से बचें
- नियमित भोजन समय का पालन करें
- व्यायाम को दैनिक दिनचर्या में शामिल करें
नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। डायबिटीज अब देश में तेजी से फैल रही एक सामान्य बीमारी बन चुकी है। अच्छी बात यह है कि सही आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। संतुलित भोजन और रोजाना कितनी कैलोरी लेनी है, इस पर ध्यान देना डायबिटीज को नियंत्रित करने में सहायक होता है।
नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, संतुलित भोजन और उपयुक्त मात्रा में कैलोरी का सेवन डायबिटीज प्रबंधन का सबसे प्रभावी और सरल तरीका है। सही कैलोरी काउंट के साथ लिया गया आहार ब्लड शुगर को स्थिर रखने में सहायता करता है और दवा की आवश्यकता को भी कम कर सकता है।
डायबिटीज के कारण ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने से कई जटिलताएं हो सकती हैं, जैसे आंखों की समस्याएं, किडनी की खराबी, नसों में विकार और दिल की बीमारियां। लेकिन यदि रोजाना का भोजन संतुलित और सही समय पर लिया जाए, तो इन जोखिमों को प्रभावी तरीके से रोका जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन की मात्रा पर नियंत्रण रखना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। अधिक खाने से कैलोरी बढ़ती है और ब्लड शुगर अनियंत्रित हो सकता है। इसलिए डायबिटीज से बचाव और प्रबंधन के लिए भोजन की मात्रा पर ध्यान दें। थाली का आधा हिस्सा सब्जियों से भरा होना चाहिए, एक चौथाई हिस्सा दाल या प्रोटीन से और बाकी हिस्सा साबुत अनाज से। चावल, आलू या मैदा वाले भोजन से परहेज करें।
मीठे खाद्य पदार्थों से दूर रहना चाहिए, जैसे चीनी, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक, जूस, चॉकलेट और प्रोसेस्ड फूड। इनकी जगह प्राकृतिक मिठास वाले फल जैसे सेब, अमरूद और पपीता सीमित मात्रा में लें। साथ ही, फल, सब्जियां और फाइबर युक्त आहार को प्राथमिकता दें। पालक, ब्रोकली, भिंडी, लौकी, करेला, दालें, साबुत अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, ओट्स और दालें फाइबर से भरपूर होते हैं, जो शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं।
नियमित समय पर भोजन करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए सुबह 8 से 9 बजे के बीच नाश्ता, दोपहर 1 से 2 बजे के बीच लंच और शाम 7 से 8 बजे के बीच डिनर करें। बीच में हल्का स्नैक जैसे मुट्ठीभर मखाना या दही आदि ले सकते हैं। इसके साथ ही रोजाना 30 मिनट की सैर, हल्का व्यायाम और तनाव कम करना भी आवश्यक है।
नेशनल हेल्थ मिशन ने चेतावनी दी है कि यदि ब्लड शुगर 200 मिलीग्राम/डीएल से अधिक रहता है, तो यह गंभीर हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।