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विशेष अदालतों ने 59 पीएमएलए मामलों में से 56 में दोषसिद्धि का आदेश दिया: मंत्री पंकज चौधरी

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विशेष अदालतों ने 59 पीएमएलए मामलों में से 56 में दोषसिद्धि का आदेश दिया: मंत्री पंकज चौधरी

सारांश

नई दिल्ली में विशेष अदालतों ने 59 पीएमएलए मामलों में से 56 में दोषसिद्धि के आदेश पारित किए हैं। इसमें प्रवर्तन निदेशालय द्वारा 124 आरोपियों को दोषी ठहराया गया है, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग पर कड़ा प्रहार किया गया है।

मुख्य बातें

विशेष अदालतों ने 59 पीएमएलए मामलों में से 56 में दोषसिद्धि का आदेश दिया।
ईडी ने 124 आरोपियों को दोषी ठहराया है।
903 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
क्लोजर रिपोर्ट दायर करने की प्रक्रिया में बदलाव हुआ है।
447 सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दायर की गई हैं।

नई दिल्ली, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। विशेष अदालतों ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) से संबंधित 59 मामलों पर निर्णय दिए हैं। इनमें से 56 मामलों में दोषसिद्धि के आदेश जारी किए गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 1 अप्रैल, 2021 से 28 फरवरी, 2026 तक के समय में 124 आरोपियों को दोषी ठहराया है।

मंगलवार को संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, कुछ मामलों में आरोपी को मुख्य अपराध से बरी करने या अन्य कारणों से, ईडी के मामले पर विचार किए बिना ही, बरी या आरोपमुक्त कर दिया गया है।

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि इस अवधि में, ईडी ने पीएमएलए, 2002 के अंतर्गत 903 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अतिरिक्त, ईडी ने 4,377 एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) भी दर्ज की हैं।

इसी समयावधि में, 1,245 मामलों में विशेष पीएमएलए अदालतों के समक्ष आरोप-पत्र दायर किए गए हैं, जिनमें आरोपियों को मनी लॉन्ड्रिंग के अपराधों के लिए दोषी ठहराने और अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की मांग की गई है। मंत्री पंकज चौधरी ने यह भी बताया कि इन मामलों में पीएमएलए की सुनवाई करने वाली विशेष अदालतों के सामने 447 सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दायर की गई हैं।

1 अगस्त, 2019 से लागू पीएमएलए में संशोधन के बाद, जिन मामलों में मनी लॉन्ड्रिंग का कोई अपराध नहीं बनता, उनमें ईडी को विशेष पीएमएलए अदालत के सामने क्लोजर रिपोर्ट दायर करना अनिवार्य है।

मंत्री ने कहा, "तब से ईडी ने संबंधित विशेष अदालत के सामने 93 ऐसे मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दायर की है, जिनमें विभिन्न कारणों से मनी लॉन्ड्रिंग का कोई अपराध नहीं बनता, जैसे कि शेड्यूल अपराध का मामला बंद होना, प्रेडिकेट अपराध का मामला रद्द होना, आदि।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दिखाता है कि विशेष अदालतें कितनी सक्रियता से अपने कार्य कर रही हैं। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो आर्थिक अपराधों के खिलाफ समाज को जागरूक करता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी द्वारा कितने पीएमएलए मामले दर्ज किए गए हैं?
ईडी ने पीएमएलए, 2002 के तहत 4,377 एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की हैं।
विशेष अदालतों ने कितने मामलों में दोषसिद्धि का आदेश दिया है?
विशेष अदालतों ने 59 में से 56 मामलों में दोषसिद्धि के आदेश पारित किए हैं।
क्या मंत्री पंकज चौधरी ने कोई जानकारी साझा की?
हाँ, मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि ईडी ने 903 लोगों को गिरफ्तार किया है।
क्लोजर रिपोर्ट क्या होती है?
क्लोजर रिपोर्ट तब दायर की जाती है जब किसी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध नहीं बनता।
पीएमएलए में कौन से संशोधन हुए हैं?
1 अगस्त, 2019 से लागू संशोधन के बाद, ईडी को विशेष अदालत के सामने क्लोजर रिपोर्ट दायर करना आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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