रान्या राव सोना तस्करी: कस्टम्स ने लगाया ₹89 करोड़ का जुर्माना, कर्नाटक के गृह मंत्री बोले 'पूरी जानकारी के बाद दूंगा प्रतिक्रिया'
सारांश
मुख्य बातें
कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव से जुड़े कथित सोना तस्करी मामले में कस्टम्स विभाग ने ₹89 करोड़ का जुर्माना लगाया है। बेंगलुरु में 1 अक्टूबर 2026 को यह मामला उस समय सुर्खियों में आया जब कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि उन्हें जुर्माने से जुड़ी पूरी जानकारी अभी नहीं मिली है और जानकारी मिलने के बाद ही वे प्रतिक्रिया देंगे। यह कार्रवाई डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) द्वारा मार्च 2025 में की गई गिरफ्तारी के बाद चल रही विस्तृत जाँच की अगली कड़ी है।
मुख्य घटनाक्रम
कस्टम्स विभाग के जॉइंट कमिश्नर संदीप ने रान्या राव को जुर्माने की रकम जमा करने का औपचारिक नोटिस जारी किया है। इसके साथ विभाग ने 399 पन्नों की एक विस्तृत जाँच रिपोर्ट भी संलग्न की है, जिसमें कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े तथ्यों और घटनाक्रम का विस्तार से जिक्र है।
कस्टम्स की जाँच के अनुसार, रान्या राव, उनके सहयोगी तरुण और तीन अन्य व्यक्तियों पर 7 मार्च 2024 से 18 फरवरी 2025 के बीच विदेश से कुल 113 किलो सोना कथित तौर पर तस्करी के जरिए भारत लाने का आरोप है।
गिरफ्तारी और मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला 3 मार्च 2025 को उस समय सामने आया जब DRI अधिकारियों ने बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रान्या राव को हिरासत में लिया। उनके पास से उस समय करीब 14 किलो सोना बरामद किया गया था। इसके बाद जाँच का दायरा बढ़ाया गया और कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की गई।
गौरतलब है कि मामले में कोफेपोसा एक्ट (COFEPOSA) के तहत भी केस दर्ज किया गया था, जो विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी गतिविधियों की रोकथाम से जुड़ा कानून है। इस कानून के तहत मामले दर्ज होने पर जमानत मिलना अत्यंत कठिन होता है।
जमानत और अब जुर्माना
रान्या राव को फरवरी 2026 में आर्थिक अपराधों से संबंधित मामलों की विशेष अदालत से जमानत मिली थी। जमानत मिलने के बाद यह पहली बड़ी कार्रवाई है जब कस्टम्स विभाग ने ₹89 करोड़ के जुर्माने का आदेश जारी किया है। यह ऐसे समय में आया है जब मामले की जाँच अभी भी जारी बताई जा रही है।
सरकार की प्रतिक्रिया
मीडिया से बातचीत के दौरान कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा, 'मुझे जुर्माना लगाए जाने की पूरी जानकारी नहीं है। जानकारी मिलने के बाद मैं इस पर प्रतिक्रिया दूंगा।' उनके इस बयान को सतर्क रुख के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि यह मामला केंद्रीय एजेंसियों — विशेषकर DRI और कस्टम्स — के अधिकार क्षेत्र में आता है।
क्या होगा आगे
कस्टम्स विभाग की 399 पन्नों की रिपोर्ट के आधार पर जुर्माने को चुनौती देने का कानूनी रास्ता रान्या राव के पास खुला है। मामले में न्यायिक प्रक्रिया अभी लंबी खिंच सकती है, क्योंकि COFEPOSA और कस्टम्स कानून के तहत अपीलीय प्रक्रियाएँ जटिल होती हैं। तस्करी नेटवर्क में कथित तौर पर शामिल अन्य आरोपियों — तरुण और तीन अन्य — की भूमिका पर भी जाँच जारी है।