मुंबई एयरपोर्ट पर ₹2.05 करोड़ की हाइड्रोपोनिक वीड जब्त, बैंकॉक से तस्करी करने वाला गुजरात का युवक गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 24 जून को कस्टम विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹2.05 करोड़ मूल्य की हाइड्रोपोनिक वीड (कैनबिस) जब्त की और बैंकॉक से आए एक यात्री को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान जामनगर, गुजरात निवासी 28 वर्षीय ए.डी. रजानी के रूप में हुई है।
कैसे हुई बरामदगी
मुंबई कस्टम्स के अधिकारियों को पहले से सूचना मिली थी कि बैंकॉक से आने वाले इस यात्री के पास प्रतिबंधित सामान हो सकता है। इसी आधार पर रजानी को एयरपोर्ट पर रोककर उसके सामान की गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके ट्रॉली बैग में 14 पैकेट मिले, जिनमें एक पौधे के फूल और ऊपरी हिस्से भरे हुए थे।
प्रारंभिक जाँच में इन्हें हाइड्रोपोनिक वीड होने का संदेह हुआ, जो बाद में सही साबित हुआ। कुल 5,869 ग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की गई, जिसकी अवैध बाज़ार में अनुमानित कीमत लगभग ₹2.05 करोड़ बताई गई है।
जाँच का दायरा
अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मामले की विस्तृत जाँच जारी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। रजानी से पूछताछ की जा रही है और उसके संपर्कों की भी जाँच हो रही है।
बैंकॉक-भारत रूट पर बढ़ती तस्करी
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भारतीय हवाई अड्डों पर बैंकॉक से आने वाले यात्रियों के ज़रिए ड्रग तस्करी की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। 22 जून को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी बैंकॉक से आए एक भारतीय यात्री के सामान से लगभग 13.84 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुई थी, जिसकी कीमत करीब ₹4.80 करोड़ आँकी गई थी।
इससे पहले 12 जून को मुंबई एयरपोर्ट पर ही 28 वर्षीय एक महिला को 11 किलोग्राम से अधिक हाइड्रोपोनिक वीड की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस खेप की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत करीब ₹11.82 करोड़ आँकी गई थी। गौरतलब है कि मात्र 12 दिनों में मुंबई एयरपोर्ट पर यह दूसरी बड़ी बरामदगी है।
हाइड्रोपोनिक वीड क्या है
हाइड्रोपोनिक वीड, कैनबिस की एक उच्च-गुणवत्ता वाली किस्म है जिसे मिट्टी के बजाय पानी और विशेष पोषक तत्वों के माध्यम से उगाया जाता है। इसमें नशीले तत्वों (THC) की सांद्रता सामान्य गांजे की तुलना में काफी अधिक होती है, जिसके कारण अवैध बाज़ार में इसकी कीमत भी कई गुना ज़्यादा होती है।
आगे क्या होगा
कस्टम विभाग ने रजानी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। जाँच एजेंसियाँ यह स्थापित करने में जुटी हैं कि क्या बैंकॉक-मुंबई मार्ग पर कोई संगठित तस्करी नेटवर्क काम कर रहा है जो इन तीनों घटनाओं को आपस में जोड़ता हो।