अहमदाबाद एयरपोर्ट पर ₹11 करोड़ का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त, बैंकॉक से लौटा जूनागढ़ का यात्री गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, अहमदाबाद पर 28 जून 2026 को कस्टम की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने बैंकॉक से आए एक यात्री के ट्रॉली बैग से 10,911 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹11 करोड़ बताई जा रही है। आरोपी यात्री गुजरात के जूनागढ़ ज़िले के मंगरोल का निवासी है और उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
कैसे हुई कार्रवाई
कस्टम अधिकारियों के अनुसार, आरोपी थाई एयरवेज़ की फ्लाइट TG-343 से बैंकॉक से अहमदाबाद पहुंचा था। जब उसके चेक-इन सामान की जांच की जा रही थी, तभी कस्टम के स्निफर डॉग ने बैग में नशीले पदार्थ की मौजूदगी का संकेत दिया। बैगेज टैग के आधार पर यात्री की पहचान कर उसे रोका गया।
ट्रॉली बैग की गहन तलाशी में चांदी रंग के पाँच पॉलीथीन पैकेट मिले, जिनमें हरे रंग का पौधेनुमा पदार्थ भरा हुआ था। फील्ड टेस्टिंग किट से जांच करने पर यह पदार्थ हाइड्रोपोनिक गांजा पाया गया।
क्या है हाइड्रोपोनिक गांजा
हाइड्रोपोनिक गांजा वह किस्म है जिसे बिना मिट्टी के, केवल पानी और विशेष पोषक तत्वों के नियंत्रित घोल की सहायता से कृत्रिम वातावरण में उगाया जाता है। यह सामान्य गांजे की तुलना में अधिक शक्तिशाली माना जाता है और इसीलिए अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क में इसकी कीमत कहीं अधिक होती है।
कानूनी कार्रवाई और जांच
बरामद खेप को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत जब्त किया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह खेप कहाँ से लाई गई, इसे किसे पहुँचाया जाना था और क्या इसके पीछे किसी बड़े तस्करी नेटवर्क का हाथ है।
बढ़ता पैटर्न: बैंकॉक-अहमदाबाद रूट पर नज़र
गौरतलब है कि यह इस रूट पर पहली ऐसी बरामदगी नहीं है। पिछले महीने भी कस्टम ने बैंकॉक से आए एक यात्री के बैग से 20 किलोग्राम से अधिक गांजा बरामद किया था। इसके अलावा अलग-अलग कार्रवाइयों में 6.5 किलोग्राम और 4 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा भी जब्त किया जा चुका है। पिछले सप्ताह मुंबई कस्टम ने भी बैंकॉक से आए दो यात्रियों को गिरफ्तार किया था, जिनके सामान से 19 किलोग्राम से अधिक हाइड्रोपोनिक गांजा मिला था। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा एजेंसियां बैंकॉक-भारत हवाई मार्ग पर नशीले पदार्थों की तस्करी के बढ़ते चलन पर कड़ी नज़र रख रही हैं।
आगे क्या होगा
आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां संभावित तस्करी नेटवर्क की कड़ियाँ जोड़ने में लगी हैं। NDPS अधिनियम के तहत दोषसिद्धि पर कठोर दंड का प्रावधान है।