IGI एयरपोर्ट पर ₹48 करोड़ का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त, बैंकॉक से आए दो थाई तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग ने शुक्रवार, 23 मई को एक बड़ी कार्रवाई में बैंकॉक से आई फ्लाइट AI-2356 के दो थाईलैंड के यात्रियों को गिरफ्तार किया। इनके सामान से लगभग 47.805 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा) के वैक्यूम-सील्ड पैकेट बरामद हुए, जिनका अनुमानित बाज़ार मूल्य ₹48 करोड़ बताया जा रहा है। सीमा शुल्क अधिकारियों के अनुसार यह दिल्ली के IGI हवाई अड्डे पर हाल के दिनों की सबसे बड़ी मादक पदार्थ जब्ती में से एक है।
कैसे हुई पकड़
सीमा शुल्क विभाग के अनुसार, दोनों यात्री ग्रीन चैनल पार कर चुके थे, तभी विशिष्ट प्रोफाइलिंग इनपुट और संदिग्ध यात्रा संकेतों के आधार पर अधिकारियों ने उन्हें रोककर सामान की गहन जाँच की। जाँच के दौरान छह वैक्यूम-सील्ड पैकेट मिले, जिनमें हाइड्रोपोनिक गांजा होने का संदेह था।
पहले यात्री के सामान से लगभग 29 किलोग्राम के चार पैकेट और दूसरे यात्री के सामान से लगभग 19 किलोग्राम के दो पैकेट बरामद किए गए। कुल बरामदगी 47.805 किलोग्राम रही।
मादक पदार्थ की प्रकृति और मूल्य
बरामद पदार्थ को हाइड्रोपोनिक वीड बताया जा रहा है, जो सामान्य गांजे की तुलना में अधिक शक्तिशाली और महँगा माना जाता है। सीमा शुल्क विभाग के अनुसार इसका बाज़ार मूल्य ₹48 करोड़ रुपये के करीब आँका गया है। यह मादक पदार्थ NDPS अधिनियम के तहत प्रतिबंधित श्रेणी में आता है।
पूर्व में भी हुई बड़ी जब्ती
गौरतलब है कि इससे पहले भी इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने एक NRI यात्री को अवैध सोने के साथ गिरफ्तार किया था। उस मामले में यात्री ने अपनी पैंट की भीतरी जेबों और विशेष रूप से डिज़ाइन की गई बेल्ट में 115 सोने की छड़ें छिपा रखी थीं, जिनका कुल वजन 3,565 ग्राम था और जो 24 कैरेट, 999.9 शुद्धता की थीं। उन्हें सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 110 के तहत जब्त किया गया और संबंधित यात्री को धारा 104 के तहत गिरफ्तार किया गया।
जाँच की स्थिति
मादक पदार्थ तस्करी के वर्तमान मामले में दोनों थाई नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जाँच जारी है। सीमा शुल्क विभाग के सूत्रों के अनुसार यह मामला एक बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बैंकॉक-दिल्ली मार्ग पर हाइड्रोपोनिक गांजे की तस्करी के मामले बढ़ रहे हैं, जो एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है।