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इंफाल एयरपोर्ट पर CISF ने पकड़ा 420 ग्राम गांजा, मुंबई में भी ₹2.05 करोड़ की हाइड्रोपोनिक वीड जब्त

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इंफाल एयरपोर्ट पर CISF ने पकड़ा 420 ग्राम गांजा, मुंबई में भी ₹2.05 करोड़ की हाइड्रोपोनिक वीड जब्त

सारांश

इंफाल एयरपोर्ट पर CISF की X-BIS स्क्रीनिंग ने दिल्ली जाने वाले यात्री से 420 ग्राम गांजा पकड़ा। उसी दिन मुंबई में बैंकॉक से आए तस्कर के पास से ₹2.05 करोड़ की हाइड्रोपोनिक वीड मिली। दोनों मामले हवाई मार्ग से बढ़ती नशा तस्करी की चिंताजनक तस्वीर पेश करते हैं।

मुख्य बातें

CISF ने 24 जून को इंफाल हवाई अड्डे पर X-BIS स्क्रीनिंग के दौरान 420 ग्राम संदिग्ध गांजा बरामद किया।
यात्री को पकड़कर नशीला पदार्थ सहित सिंगजामेई पुलिस को सौंपा गया।
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम ने 5,869 ग्राम हाइड्रोपोनिक वीड जब्त की, अनुमानित कीमत ₹2.05 करोड़ ।
गिरफ्तार आरोपी एडी रजानी ( 28 वर्ष ), जामनगर, गुजरात — बैंकॉक से मुंबई पहुँचा था।
ट्रॉली बैग में 14 पैकेट में छिपाकर कैनबिस लाई गई थी; बड़े तस्करी नेटवर्क की जांच जारी।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने 24 जून को इंफाल हवाई अड्डे पर रैंडम एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम (X-BIS) स्क्रीनिंग के दौरान एक यात्री के सामान से 420 ग्राम संदिग्ध गांजा बरामद किया। यह यात्री दिल्ली जाने वाली उड़ान के लिए चेक-इन कर रहा था।

मुख्य घटनाक्रम

CISF जवानों ने दिल्ली जाने वाले सामान की रूटीन X-BIS स्क्रीनिंग के दौरान संदिग्ध पैकेट की पहचान की। नियमों के तहत CISF, एयरपोर्ट पुलिस और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के अधिकारियों की उपस्थिति में बैग खोला गया, जिसमें 420 ग्राम संदिग्ध गांजे का पैकेट मिला।

यात्री और बरामद नशीले पदार्थ को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सिंगजामेई पुलिस को सौंप दिया गया। मामले की जांच जारी है।

मुंबई में भी बड़ी बरामदगी

इसी दिन मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने एक अलग मामले में 5,869 ग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (कैनबिस) जब्त की, जिसकी अवैध बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹2.05 करोड़ बताई गई है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान एडी रजानी (28 वर्ष), निवासी जामनगर, गुजरात, के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार रजानी बैंकॉक से मुंबई पहुँचा था और उसके ट्रॉली बैग में 14 पैकेट छिपे थे, जिनमें कैनबिस के फूल और ऊपरी हिस्से पाए गए।

जांच का दायरा

कस्टम अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब एयरपोर्ट सुरक्षा एजेंसियाँ नशीले पदार्थों की हवाई तस्करी के खिलाफ अभियान तेज़ कर रही हैं।

CISF की प्रतिबद्धता

CISF ने कहा है कि वह मज़बूत स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं और गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ निरंतर सतर्कता बनाए रखकर सुरक्षित नागरिक विमानन सुनिश्चित करने के अपने संकल्प पर अडिग है। गौरतलब है कि इस तरह की X-BIS आधारित रैंडम स्क्रीनिंग ने पिछले कुछ महीनों में कई हवाई अड्डों पर नशीले पदार्थों की बरामदगी में अहम भूमिका निभाई है।

दोनों मामले — इंफाल और मुंबई — यह दर्शाते हैं कि हवाई मार्ग से नशीले पदार्थों की तस्करी की कोशिशें जारी हैं और सुरक्षा एजेंसियाँ इसे नाकाम करने के लिए सक्रिय हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि बैंकॉक जैसे रूटों से आने वाले तस्करों को खुफिया सूचना के आधार पर पहले क्यों नहीं रोका जा सका। मुंबई मामले में 'आशंका के आधार पर रोका गया' — यह बताता है कि इनपुट था, पर तंत्र प्रतिक्रियाशील है, न कि पूर्वानुमानी। जब तक एयरपोर्ट सुरक्षा एजेंसियाँ और नारकोटिक्स विभाग के बीच रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझेदारी नहीं होगी, तब तक ऐसी बरामदगियाँ उपलब्धि से ज़्यादा चेतावनी हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंफाल एयरपोर्ट पर CISF ने क्या बरामद किया?
CISF ने 24 जून को इंफाल हवाई अड्डे पर X-BIS स्क्रीनिंग के दौरान दिल्ली जाने वाले एक यात्री के बैग से 420 ग्राम संदिग्ध गांजा बरामद किया। यात्री और नशीला पदार्थ दोनों को सिंगजामेई पुलिस को सौंप दिया गया।
मुंबई एयरपोर्ट पर कितनी हाइड्रोपोनिक वीड जब्त हुई?
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने 5,869 ग्राम हाइड्रोपोनिक वीड जब्त की, जिसकी अवैध बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹2.05 करोड़ बताई गई है।
मुंबई तस्करी मामले में कौन गिरफ्तार हुआ?
गिरफ्तार आरोपी की पहचान एडी रजानी (28 वर्ष), निवासी जामनगर, गुजरात, के रूप में हुई है। वह बैंकॉक से मुंबई पहुँचा था और उसके ट्रॉली बैग में 14 पैकेटों में कैनबिस छिपाई गई थी।
X-BIS स्क्रीनिंग क्या होती है और यह कैसे काम करती है?
X-BIS यानी एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम एक उन्नत स्कैनिंग तकनीक है जो सामान के भीतर छिपी वस्तुओं की पहचान करती है। एयरपोर्ट पर रैंडम आधार पर यात्रियों के बैग इससे स्कैन किए जाते हैं, जिससे नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित सामान की तस्करी रोकने में मदद मिलती है।
क्या इन मामलों में किसी बड़े तस्करी नेटवर्क की जांच हो रही है?
मुंबई मामले में कस्टम अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है या नहीं। जांच अभी जारी है और दोनों मामलों में संबंधित पुलिस व एजेंसियाँ सक्रिय हैं।
राष्ट्र प्रेस
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