समस्तीपुर बदसलूकी कांड: सांसद शांभवी चौधरी ने की निंदा, चार आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी ने 24 सितंबर 2026 को समस्तीपुर में एक युवती के साथ हुई बदसलूकी की घटना की कड़ी निंदा की और पीड़िता के साथ एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने घटना को 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' करार देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में इस प्रकार का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। समस्तीपुर पुलिस ने घटना का वीडियो सामने आते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
शांभवी चौधरी ने बताया कि जैसे ही घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होना शुरू हुआ, समस्तीपुर पुलिस ने बिना देरी के कार्रवाई की और सभी चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। उन्होंने पुलिस की इस तत्परता की सराहना की और कहा कि महिलाओं की सुरक्षा एवं उनके अधिकारों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
सांसद ने यह भी आश्वासन दिया कि आने वाले समय में समस्तीपुर की किसी भी बेटी के साथ ऐसी घटना न हो, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
एनडीए सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति
शांभवी चौधरी ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार में किसी भी अपराधी को संरक्षण नहीं दिया जाता और अपराध के खिलाफ 'जीरो-टॉलरेंस' की नीति पर सख्ती से अमल किया जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि महिला सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जहाँ भी अपराध होगा, वहाँ अपराधियों को पकड़कर कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।
बढ़ता अपराध-पैटर्न और सामाजिक चिंता
सांसद ने बिहार में एक चिंताजनक और नए प्रकार के अपराध-पैटर्न की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि कुछ युवा महिलाओं के साथ छेड़खानी करते हैं, उसका वीडियो बनाते हैं और फिर उसे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्रसारित कर देते हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग स्थानों पर इस प्रकार का पैटर्न देखा जा रहा है।
शांभवी चौधरी ने सवाल उठाया कि युवाओं में इस तरह की सोच क्यों विकसित हो रही है और इस मानसिकता को समझने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज को भी सामूहिक जिम्मेदारी लेते हुए इस विषय पर सार्थक चर्चा करनी होगी।
सुशासन और कानून-व्यवस्था की समीक्षा
शांभवी चौधरी ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यह भी है कि सरकार साल-दर-साल अपनी कानून-व्यवस्था की समीक्षा करे। जहाँ भी कोई कमी या त्रुटि सामने आए, उसे दूर कर व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए सरकार, प्रशासन और समाज — तीनों को मिलकर काम करना होगा, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बिहार में महिला सुरक्षा और सोशल मीडिया पर उत्पीड़न से जुड़े मामलों को लेकर जन-जागरण की माँग लगातार उठ रही है। आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नज़रें टिकी हैं।