समस्तीपुर छेड़छाड़ मामले पर सियासी संग्राम, बिहार सरकार ने दोषियों को कड़ी सज़ा का दिया भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के समस्तीपुर में एक युवती के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आने के बाद 24 सितंबर 2026 को राज्य में राजनीतिक तापमान तेज़ी से बढ़ गया। यह घटना जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ की घटना के कुछ ही दिनों बाद आई है, जिसके चलते विपक्ष ने महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सत्ता पक्ष को घेरा, जबकि सरकार ने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
विपक्ष का हमला — कानून-व्यवस्था पर सवाल
कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार में लूट, हत्या, दुष्कर्म, मारपीट और दंगे-फसाद की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और अपराधियों में कानून का डर समाप्त होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जमुई के बाद समस्तीपुर और फिर दरभंगा से भी छेड़खानी की घटनाएं सामने आई हैं, जो राज्य की कानून-व्यवस्था की चिंताजनक स्थिति को उजागर करती हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के भाई साधु यादव ने कहा कि कोई भी सरकार हर घटना को पूरी तरह नहीं रोक सकती, लेकिन ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण रखना सरकार की मूलभूत जिम्मेदारी है।
सरकार की प्रतिक्रिया — कड़ी कार्रवाई का आश्वासन
मंत्री संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि सरकार महिलाओं और बेटियों के विरुद्ध इस तरह के अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जमुई मामले में जिस तरह पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की, उसी तर्ज पर समस्तीपुर सहित अन्य मामलों में भी दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मंत्री अशोक चौधरी ने इन घटनाओं को दुखद बताया और कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस ने समस्तीपुर मामले में भी तेज़ी से कदम उठाया है। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों को किसी भी परिस्थिति में नहीं बख्शा जाएगा — चाहे उनका किसी भी दल से संबंध हो या कितना भी राजनीतिक प्रभाव क्यों न हो।
केंद्रीय मंत्री का हस्तक्षेप
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने जमुई और समस्तीपुर दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सख्त संदेश देना ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस विषय पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी बात की है। पासवान ने यह भी माँग की कि यदि अधिकारियों की लापरवाही साबित होती है तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि बिहार में कानून का राज सुनिश्चित हो और नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें।
भाजपा विधायक की चिंता — वीडियो संस्कृति पर सवाल
भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक रंजन कुमार ने छेड़छाड़ की घटनाओं की कड़ी निंदा की। उन्होंने एक सामाजिक पहलू भी उठाया — कि ऐसी घटनाओं का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाना भी उतना ही गलत है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी मानसिकता बदलनी होगी और वीडियो बनाने की बजाय पीड़ित की मदद को प्राथमिकता देनी चाहिए।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में महिला सुरक्षा का मुद्दा आगामी राजनीतिक चर्चाओं में केंद्र में बना हुआ है। गौरतलब है कि एक ही सप्ताह में जमुई, समस्तीपुर और दरभंगा से इस तरह की घटनाओं की खबरें आना राज्य प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती पेश करता है। सरकार की ओर से दिए गए सख्त कार्रवाई के आश्वासन की परीक्षा अब ज़मीनी कार्रवाई से होगी।