24 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

समस्तीपुर छेड़छाड़ मामले पर सियासी संग्राम, बिहार सरकार ने दोषियों को कड़ी सज़ा का दिया भरोसा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
समस्तीपुर छेड़छाड़ मामले पर सियासी संग्राम, बिहार सरकार ने दोषियों को कड़ी सज़ा का दिया भरोसा

सारांश

जमुई के बाद समस्तीपुर और दरभंगा — एक सप्ताह में तीन घटनाएं और बिहार की सियासत गरमाई। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर हमला बोला, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री से बात की, और सरकार ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया — अब परीक्षा ज़मीन पर है।

मुख्य बातें

समस्तीपुर में एक युवती के साथ कथित बदसलूकी का मामला 24 सितंबर 2026 को सामने आया, जो जमुई में नाबालिग से छेड़छाड़ की घटना के बाद एक और विवाद बना।
कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने राज्य में लूट, हत्या, दुष्कर्म और दंगे की घटनाओं का हवाला देकर सरकार को घेरा।
मंत्री संजय सिंह और अशोक चौधरी ने आश्वासन दिया कि दोषियों को किसी भी दल का हो, बख्शा नहीं जाएगा।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बात कर अधिकारियों की लापरवाही पर भी कार्रवाई की माँग की।
BJP विधायक रंजन कुमार ने घटनाओं का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाने की प्रवृत्ति को भी गलत ठहराया।

बिहार के समस्तीपुर में एक युवती के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आने के बाद 24 सितंबर 2026 को राज्य में राजनीतिक तापमान तेज़ी से बढ़ गया। यह घटना जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ की घटना के कुछ ही दिनों बाद आई है, जिसके चलते विपक्ष ने महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सत्ता पक्ष को घेरा, जबकि सरकार ने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

विपक्ष का हमला — कानून-व्यवस्था पर सवाल

कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार में लूट, हत्या, दुष्कर्म, मारपीट और दंगे-फसाद की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और अपराधियों में कानून का डर समाप्त होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जमुई के बाद समस्तीपुर और फिर दरभंगा से भी छेड़खानी की घटनाएं सामने आई हैं, जो राज्य की कानून-व्यवस्था की चिंताजनक स्थिति को उजागर करती हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के भाई साधु यादव ने कहा कि कोई भी सरकार हर घटना को पूरी तरह नहीं रोक सकती, लेकिन ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण रखना सरकार की मूलभूत जिम्मेदारी है।

सरकार की प्रतिक्रिया — कड़ी कार्रवाई का आश्वासन

मंत्री संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि सरकार महिलाओं और बेटियों के विरुद्ध इस तरह के अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जमुई मामले में जिस तरह पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की, उसी तर्ज पर समस्तीपुर सहित अन्य मामलों में भी दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे।

मंत्री अशोक चौधरी ने इन घटनाओं को दुखद बताया और कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस ने समस्तीपुर मामले में भी तेज़ी से कदम उठाया है। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों को किसी भी परिस्थिति में नहीं बख्शा जाएगा — चाहे उनका किसी भी दल से संबंध हो या कितना भी राजनीतिक प्रभाव क्यों न हो।

केंद्रीय मंत्री का हस्तक्षेप

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने जमुई और समस्तीपुर दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सख्त संदेश देना ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस विषय पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी बात की है। पासवान ने यह भी माँग की कि यदि अधिकारियों की लापरवाही साबित होती है तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि बिहार में कानून का राज सुनिश्चित हो और नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें।

भाजपा विधायक की चिंता — वीडियो संस्कृति पर सवाल

भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक रंजन कुमार ने छेड़छाड़ की घटनाओं की कड़ी निंदा की। उन्होंने एक सामाजिक पहलू भी उठाया — कि ऐसी घटनाओं का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाना भी उतना ही गलत है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी मानसिकता बदलनी होगी और वीडियो बनाने की बजाय पीड़ित की मदद को प्राथमिकता देनी चाहिए।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में महिला सुरक्षा का मुद्दा आगामी राजनीतिक चर्चाओं में केंद्र में बना हुआ है। गौरतलब है कि एक ही सप्ताह में जमुई, समस्तीपुर और दरभंगा से इस तरह की घटनाओं की खबरें आना राज्य प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती पेश करता है। सरकार की ओर से दिए गए सख्त कार्रवाई के आश्वासन की परीक्षा अब ज़मीनी कार्रवाई से होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

समस्तीपुर और दरभंगा — यह सिलसिला महज़ संयोग नहीं, बल्कि एक पैटर्न है जिसे बिहार की सत्ता और विपक्ष दोनों अपने-अपने राजनीतिक अखाड़े में इस्तेमाल कर रहे हैं। सरकार हर बार 'सख्त कार्रवाई' का भरोसा देती है, लेकिन सवाल यह है कि जमुई मामले में की गई कार्रवाई के नतीजे अभी सार्वजनिक नहीं हुए और अगली घटना सामने आ गई। मुख्यधारा की कवरेज बयानों तक सिमट जाती है — जबकि असली खबर यह है कि पुलिस की जवाबदेही, FIR दर्ज होने की समयसीमा और पीड़ित को न्याय मिलने की रफ्तार पर कोई व्यवस्थित डेटा सार्वजनिक नहीं है। बिना पारदर्शी जवाबदेही के, हर नई घटना के बाद दिए जाने वाले आश्वासन खोखले बयानबाज़ी से अधिक नहीं बनते।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

समस्तीपुर में क्या हुआ?
समस्तीपुर में एक युवती के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। यह घटना बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ की घटना के तुरंत बाद प्रकाश में आई, जिससे राज्य में महिला सुरक्षा पर राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है।
विपक्ष ने बिहार सरकार पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने कहा कि राज्य में लूट, हत्या, दुष्कर्म और दंगे की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और अपराधियों में कानून का डर खत्म हो गया है। विपक्ष ने जमुई, समस्तीपुर और दरभंगा की घटनाओं को एक साथ उठाते हुए कानून-व्यवस्था की चिंताजनक स्थिति का हवाला दिया।
बिहार सरकार ने इन घटनाओं पर क्या कदम उठाने का वादा किया?
मंत्री संजय सिंह और अशोक चौधरी ने कहा कि दोषियों को किसी भी दल का हो या कितना भी प्रभाव क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने समस्तीपुर मामले में तेज़ी से कदम उठाए हैं और सरकार ने जमुई की तर्ज पर अन्य मामलों में भी सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस मामले में क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं को गंभीरता से लेने की बात कही और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस विषय पर बात की। उन्होंने यह भी माँग की कि यदि अधिकारियों की लापरवाही सामने आए तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई होनी चाहिए।
BJP विधायक रंजन कुमार ने घटनाओं पर क्या कहा?
BJP विधायक रंजन कुमार ने छेड़छाड़ की घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए युवाओं से मानसिकता बदलने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाने की बजाय पीड़ित की मदद करनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 43 मिनट पहले
  2. 2 घंटे पहले
  3. 2 घंटे पहले
  4. कल
  5. कल
  6. 2 दिन पहले
  7. 2 दिन पहले
  8. 2 दिन पहले