जमुई छेड़खानी कांड: रामकृपाल यादव की चेतावनी — दुर्व्यवहार करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने 23 सितंबर 2026 को पटना में महिला सुरक्षा पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेगी। यह बयान जमुई जिले में एक नाबालिग छात्रा के साथ कथित छेड़खानी और अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उपजे विवाद की पृष्ठभूमि में आया है।
मंत्री की कड़ी चेतावनी
मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, 'महिला के साथ जो भी दुर्व्यवहार करेगा, वह बचेगा नहीं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि अभी तो 'हाफ एनकाउंटर' हुआ है, भविष्य में इससे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उनका यह संदेश खासतौर पर समाज के उन लोगों के लिए था, जो महिलाओं को परेशान करते हैं।
यादव ने यह भी कहा कि जो पुलिस को ललकारेगा, उसे किसी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है और राज्य में कहीं से भी कोई आपराधिक घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जमुई में क्या हुआ था
पुलिस के अनुसार, जमुई के मड़वा पहाड़ी इलाके में 19 सितंबर की शाम एक नाबालिग छात्रा और उसके साथी को कुछ युवकों ने रोक लिया था। कथित तौर पर छात्रा के साथ अभद्र व्यवहार और छेड़खानी की गई, जबकि उसके साथ मौजूद युवक के साथ मारपीट भी की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा।
पुलिस कार्रवाई और एनकाउंटर
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। शेष आरोपियों की तलाश के लिए विशेष जाँच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मुख्य आरोपी नंदन यादव के पैर में गोली लगी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, वीडियो में दिखाई दे रहे कई लोगों की पहचान की जा चुकी है और लगातार छापेमारी जारी है।
गौरतलब है कि पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर भी अलग से कार्रवाई शुरू की है।
सरकार की प्रतिबद्धता
मंत्री यादव ने स्पष्ट किया कि महिला सुरक्षा पर किसी भी प्रकार की ढिलाई राज्य सरकार को स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून का राज स्थापित करना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएँ सार्वजनिक विमर्श में केंद्र में हैं।
आगे क्या होगा
एसआईटी की जाँच जारी है और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी अभी भी चल रही है। मुख्य आरोपी नंदन यादव अस्पताल में उपचाराधीन है। मंत्री के बयान के बाद प्रशासनिक स्तर पर और कड़े कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है।