22 सितंबर 2026
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जमुई छेड़छाड़ कांड पर प्रियंका गांधी का हमला: 'महिला सुरक्षा नहीं तो बड़ी योजनाएं बेमानी'

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जमुई छेड़छाड़ कांड पर प्रियंका गांधी का हमला: 'महिला सुरक्षा नहीं तो बड़ी योजनाएं बेमानी'

सारांश

बिहार जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ की घटना पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने वायनाड से सरकार पर निशाना साधा — 'महिला सुरक्षा नहीं तो बड़ी योजनाएं बेमानी।' मुख्य आरोपी नंदन यादव गिरफ्तार, कुल 5 पकड़े गए।

मुख्य बातें

प्रियंका गांधी वाड्रा ने 22 सितंबर 2026 को वायनाड में जमुई कांड को 'बहुत भयानक' बताया और महिला सुरक्षा पर केंद्र व राज्य सरकारों को आड़े हाथों लिया।
घटना जमुई जिले के मडवा पहाड़ इलाके में शनिवार देर शाम हुई, जहाँ नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और उसके साथ मौजूद छात्र की पिटाई की गई।
मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया; अब तक कुल 5 आरोपी पकड़े गए, जिनमें 3 नाबालिग शामिल हैं।
वायरल वीडियो के ज़रिए नंदन यादव की पहचान हुई; पुलिस ने 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
प्रियंका गांधी ने कहा कि राज्य सरकारों और केंद्र को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि महिलाएं सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित महसूस करें।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने 22 सितंबर 2026 को वायनाड में मीडिया से बातचीत के दौरान बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से हुई छेड़छाड़ की घटना को 'बहुत भयानक' बताया और कहा कि जब तक सड़कों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक बड़ी-बड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों की बात करना निरर्थक है। यह बयान ऐसे समय में आया जब जमुई कांड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे देश में हलचल मच गई है और अब तक पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

प्रियंका गांधी ने क्या कहा

वायनाड दौरे पर पहुँचीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा से जब मीडिया ने जमुई घटना पर प्रतिक्रिया माँगी, तो उन्होंने कहा, 'यह बहुत भयानक है। महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। महिलाओं के लिए माहौल असुरक्षित हो गया है। पहले भी यह असुरक्षित था, लेकिन अब हिंसा और ज्यादा बढ़ गई है।'

उन्होंने आगे कहा कि 'अगर हम सड़कों पर महिलाओं की सुरक्षा ही सुनिश्चित नहीं कर सकते, तो बड़ी-बड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों की बात करने का कोई मतलब नहीं है।' उन्होंने राज्य सरकारों और केंद्र सरकार दोनों से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि महिलाएं सुरक्षित महसूस कर सकें।

जमुई कांड: मुख्य घटनाक्रम

यह घटना शनिवार देर शाम जमुई जिले के मडवा पहाड़ इलाके में हुई, जहाँ युवकों के एक समूह ने एक नाबालिग छात्रा को रोककर उसके साथ छेड़छाड़ की। एफआईआर के अनुसार, छात्रा के साथ मौजूद एक छात्र की भी पिटाई की गई।

मामला तब राष्ट्रीय स्तर पर सामने आया जब रविवार शाम घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद जिला प्रशासन ने पीड़िता के परिवार से संपर्क किया और औपचारिक मामला दर्ज किया गया।

गिरफ्तारी और जाँच की स्थिति

अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि जमुई पुलिस ने मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। जाँचकर्ताओं ने वायरल वीडियो में गमछा पहने दिख रहे युवक की पहचान यादव के रूप में की।

ताज़ा गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में अब तक पाँच लोगों को पकड़ा जा चुका है, जिनमें तीन नाबालिग भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने कंटेंट प्रसार से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन के लिए विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

आम जनता और राजनीतिक असर

गौरतलब है कि यह घटना उस व्यापक सामाजिक बहस के बीच आई है जो महिला सुरक्षा को लेकर देशभर में चल रही है। प्रियंका गांधी वाड्रा की यह तीखी प्रतिक्रिया राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार को भी सीधे निशाने पर लेती है। विपक्ष का तर्क है कि बड़े नीतिगत ऐलानों का तब तक कोई अर्थ नहीं जब आधी आबादी सार्वजनिक स्थानों पर खुद को असुरक्षित महसूस करे।

आगे क्या होगा

जमुई पुलिस मामले में शेष आरोपियों की तलाश जारी रखे हुए है। सोशल मीडिया पर वीडियो फैलाने वालों के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जाँच भी समानांतर चल रही है। राजनीतिक दलों की बढ़ती माँगों के बीच बिहार सरकार पर कड़ी कार्रवाई का दबाव है और यह मामला संसद के अगले सत्र तक भी चर्चा में बने रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या ज़रूरत एक स्थायी संरचनात्मक बदलाव की है जो थाने से लेकर अदालत तक पीड़िता के पक्ष में खड़ा हो। जमुई कांड में सोशल मीडिया के ज़रिए पहचान और गिरफ्तारी तो हुई, लेकिन यह भी तथ्य है कि बिना वायरल वीडियो के शायद यह मामला दर्ज भी न होता। नीतिगत घोषणाओं और ज़मीनी हकीकत के बीच यही खाई है जिसे भरने की माँग विपक्ष कर रहा है — और जिसका जवाब सरकार के पास अभी तक ठोस नहीं है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जमुई छेड़छाड़ कांड क्या है?
यह बिहार के जमुई जिले के मडवा पहाड़ इलाके में हुई वह घटना है जिसमें एक नाबालिग छात्रा को युवकों के समूह ने रोककर छेड़छाड़ की और उसके साथ मौजूद छात्र की पिटाई की। घटना का वीडियो रविवार शाम सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला राष्ट्रीय चर्चा में आया।
जमुई मामले में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
अब तक कुल पाँच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें तीन नाबालिग भी शामिल हैं। मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया, जिसकी पहचान वायरल वीडियो में गमछा पहने युवक के रूप में हुई।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने जमुई कांड पर क्या कहा?
प्रियंका गांधी वाड्रा ने 22 सितंबर 2026 को वायनाड में घटना को 'बहुत भयानक' बताया और कहा कि अगर सड़कों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती, तो बड़ी-बड़ी योजनाओं की बात करने का कोई मतलब नहीं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से तत्काल कदम उठाने की माँग की।
जमुई मामले में सोशल मीडिया पर एफआईआर क्यों दर्ज की गई?
पुलिस ने कंटेंट प्रसार से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन के लिए विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हालाँकि, यही वायरल वीडियो मुख्य आरोपी की पहचान में भी सहायक बना।
इस घटना का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह घटना महिला सुरक्षा को राजनीतिक मुद्दा बनाने की विपक्ष की रणनीति का हिस्सा बन गई है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे सरकारी प्राथमिकताओं पर सीधा सवाल बना दिया है, जिससे बिहार सरकार और केंद्र दोनों पर दबाव बढ़ा है।
राष्ट्र प्रेस
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