जमुई कांड पर तेजस्वी यादव का हमला: 'बिहार में महिलाएं असुरक्षित, NDA सरकार जिम्मेदार'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 21 सितंबर 2026 को जमुई में नाबालिग लड़के-लड़की के साथ कथित अभद्रता की घटना को लेकर राज्य की NDA सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और छात्राओं व महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हैं। जमुई पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मुख्य घटनाक्रम
यह कथित घटना 19 सितंबर की शाम की बताई जा रही है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों नाबालिगों की पहचान कर उनके बयान दर्ज किए और मामला दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और शेष आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।
तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कहा कि बिहार में अब कहीं भी और कभी भी छात्रा तथा महिला सुरक्षित नहीं हैं। उनका आरोप था कि अपराधी दिनदहाड़े स्कूल, कॉलेज और घरों में घुसकर अपराध कर रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं को ₹10,000 देने और चुनाव के बाद ₹2 लाख देने का वादा करने वाले प्रधानमंत्री ऐसी घटनाओं पर मौन हैं। तेजस्वी ने जमुई की घटना के लिए प्रधानमंत्री मोदी को सीधे जिम्मेदार ठहराया।
नीतीश कुमार और भाजपा पर हमला
तेजस्वी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा। उनका आरोप था कि बिहार का खजाना लुटाकर और महिलाओं को ₹2 लाख देने का लालच देकर नीतीश कुमार चार महीने में ही चले गए। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के अंतिम 35 दिनों में बिहार के खजाने से ₹41,000 करोड़ बाँटकर तथा तंत्र और यंत्र के जरिए विजय हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दो शीर्ष नेताओं ने बिहार की बागडोर नौसिखिए हाथों में सौंप दी है।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। गौरतलब है कि तेजस्वी यादव ने NDA सरकार के कार्यकाल में महिलाओं, छात्रों, गरीबों और दलितों पर अत्याचार में वृद्धि का आरोप भी लगाया।
आम जनता पर असर
जमुई की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से फैलने के बाद राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। आलोचकों का कहना है कि बिहार में अपराध की ऐसी घटनाएँ बार-बार सामने आती हैं, जो प्रशासनिक चुनौतियों को उजागर करती हैं।
क्या होगा आगे
पुलिस के अनुसार, शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है। विपक्ष का दबाव बढ़ने के साथ यह मामला आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में केंद्रबिंदु बना रह सकता है।