निंगबो में '2026 विश्व मेयर संवाद': 15 देशों के प्रतिनिधि, 14 सहयोग परियोजनाओं पर हस्ताक्षर
सारांश
मुख्य बातें
चीन के चच्यांग प्रांत के निंगबो शहर में 2 से 5 नवंबर 2026 तक आयोजित '2026 विश्व मेयर संवाद - निंगबो' कार्यक्रम में 15 देशों के शहरों के मेयर और उनके प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 'खुलेपन, एकीकरण और सहअस्तित्व के अवसर' विषय पर केंद्रित इस बहुपक्षीय मंच पर वैश्विक शहरी सहयोग को नई दिशा देने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन और संरचना
इस कार्यक्रम का मार्गदर्शन चीन के राज्य परिषद सूचना कार्यालय द्वारा किया गया। निंगबो नगरपालिका जन सरकार और चच्यांग प्रांतीय जन सरकार के सूचना कार्यालय ने संयुक्त रूप से इसका आयोजन किया। यह मंच विश्व के प्रमुख शहरों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित है।
प्रमुख स्थलों का दौरा और विषयगत चर्चाएँ
कार्यक्रम के दौरान प्रतिनिधिमंडलों ने निंगबो-चोशान बंदरगाह के मेइशान बंदरगाह क्षेत्र तथा एक बुद्धिमान एम्बॉडीड रोबोट कार्यशाला का दौरा किया। बंदरगाह शहरों के बीच सहयोग और वैज्ञानिक-तकनीकी नवाचार के विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। गौरतलब है कि निंगबो-चोशान बंदरगाह विश्व के सबसे व्यस्त बंदरगाहों में से एक है, जो इस चर्चा को व्यावहारिक संदर्भ प्रदान करता है।
14 सहयोग परियोजनाओं पर हस्ताक्षर
मुख्य कार्यक्रम में 14 सहयोग परियोजनाओं पर हस्ताक्षर किए गए। इन परियोजनाओं में मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान, आर्थिक और व्यापार सहयोग के साथ-साथ विज्ञान, शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बीच शहर-स्तरीय कूटनीति को एक वैकल्पिक सहयोग माध्यम के रूप में देखा जा रहा है।
'सहयोगपूर्ण विकास निंगबो सहमति' जारी
कार्यक्रम के समापन पर 'सहयोगपूर्ण विकास निंगबो सहमति' जारी की गई। इस सहमति में तीन प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी — औद्योगिक सहयोग को गहरा करना, व्यापार के खुलेपन को बनाए रखना और लोगों के बीच आपसी समझ को प्रोत्साहित करना। यह सहमति आगामी वर्षों में सहभागी शहरों के बीच संबंधों की नींव का काम करेगी।
आगे क्या
हस्ताक्षरित 14 परियोजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा में अब सहभागी शहरों के बीच द्विपक्षीय समन्वय की प्रक्रिया शुरू होगी। 'निंगबो सहमति' को वैश्विक शहरी नेटवर्क में साझा किए जाने की उम्मीद है, जिससे भविष्य के संवाद मंचों को एक संदर्भ दस्तावेज़ के रूप में दिशा मिल सके।