लुओयांग में विश्व महापौर संवाद 2026: 10 से अधिक देशों के 90 महापौर, 'शहरी सभ्यता पर आम सहमति' जारी
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राज्य परिषद के सूचना कार्यालय के मार्गदर्शन में आयोजित '2026 विश्व महापौर संवाद-लुओयांग' कार्यक्रम मध्य चीन के हनान प्रांत स्थित लुओयांग शहर में शुक्रवार से रविवार तक सम्पन्न हुआ। इस बार कार्यक्रम का केंद्रीय विषय था — 'प्राचीन राजधानी की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाना और शहरी सभ्यताओं के बीच आपसी आदान-प्रदान को बढ़ावा देना।' तीन दिवसीय इस आयोजन में 10 से अधिक देशों के 90 से ज्यादा महापौरों, उनके प्रतिनिधियों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों और विद्वानों ने भाग लिया।
मुख्य घटनाक्रम
कार्यक्रम में चीन, ब्रिटेन, इटली, अर्जेंटीना और अल्जीरिया समेत कई देशों के प्रतिनिधि एकत्र हुए। आयोजन में एक मुख्य संवाद और तीन विषयगत संवाद सत्र शामिल थे, जिनमें सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, औद्योगिक विकास और उन्नयन तथा शहरी नवीनीकरण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम के समापन पर 'शहरी सभ्यता पर लुओयांग आम सहमति' जारी की गई, जो भविष्य के शहरी सहयोग की दिशा तय करेगी।
स्मार्ट विनिर्माण और औद्योगिक दौरे
चीनी और विदेशी अतिथियों ने लुओयांग के कई विनिर्माण उद्योगों का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने चीन की स्मार्ट विनिर्माण तकनीकों और नवाचारों को करीब से देखा। इटली के सेस्तो सान जियोवानी शहर के महापौर रोबर्टो दी स्तेफानो ने कहा कि चीन की औद्योगिक श्रृंखला की ताकत प्रभावशाली है। उन्होंने विनिर्माण और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने तथा औद्योगिक विकास की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता मजबूत करने की इच्छा भी जताई।
सांस्कृतिक विरासत संरक्षण पर जोर
अतिथियों ने आधुनिक उत्पादन लाइनों के साथ-साथ हजारों साल पुराने ऐतिहासिक स्थलों का भी दौरा किया। इनमें लुओयांग संग्रहालय, सुई-थांग कालीन लुओयांग नगर, लुओयी प्राचीन शहर और लोंगमेन ग्रोटो की ऐतिहासिक गुफाएँ शामिल थीं। यहाँ प्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक धरोहरों की मरम्मत, डिजिटल संरक्षण और पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया। यह ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर के शहर अपनी ऐतिहासिक पहचान को आधुनिक विकास के साथ संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
अर्जेंटीना के टिग्रे पार्टीदो शहर के महापौर हूलियो ज़ामोरा ने कहा कि लुओयांग ने ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ उनके बेहतर उपयोग का भी रास्ता अपनाया है। उनके अनुसार, शहर ने अपनी प्राचीन सभ्यता को आधुनिक शहरी विकास के साथ जोड़ने का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। गौरतलब है कि इस कार्यक्रम का आयोजन लुओयांग नगर सरकार और हनान प्रांतीय सरकार के सूचना कार्यालय ने संयुक्त रूप से किया।
आगे का रास्ता
इस आयोजन के दौरान लुओयांग ने विभिन्न देशों के शहरों के साथ मैत्रीपूर्ण शहर संबंधों, औद्योगिक सहयोग तथा संस्कृति एवं पर्यटन के क्षेत्र में संपर्क बढ़ाने पर चर्चा की। कार्यक्रम में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत पर एक विशेष बैठक भी आयोजित हुई। संवाद के दौरान बनी सहमतियों को व्यावहारिक द्विपक्षीय सहयोग में बदलना इस पूरे आयोजन का मूल उद्देश्य रहा, और 'लुओयांग आम सहमति' को इसी दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।