शी चिनफिंग और इक्वाडोर राष्ट्रपति नोबोआ की बीजिंग में वार्ता, हरित व डिजिटल क्षेत्र में सहयोग समझौते
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 18 अगस्त 2025 को बीजिंग में इक्वाडोर गणराज्य के राष्ट्रपति डैनियल रॉय-गिलक्रिस्ट नोबोआ अजिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर संबंधों को नई ऊँचाई देने पर सहमति बनी। वार्ता के बाद हरित व्यवसाय, आर्थिक सहयोग, डिजिटल अर्थव्यवस्था और जनजीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए।
वार्ता के मुख्य बिंदु
शी चिनफिंग ने इस अवसर पर कहा कि चाहे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियाँ कैसी भी हों, चीन सदैव रणनीतिक और दूरगामी दृष्टिकोण से द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोनों देशों के बीच पारस्परिक राजनीतिक विश्वास को और मजबूत करने पर जोर दिया तथा कहा कि दोनों पक्षों को एक-दूसरे के केंद्रीय हितों पर समझ और समर्थन बनाए रखना चाहिए।
शी ने यह भी स्पष्ट किया कि चीन दोनों देशों की सरकारों, विधानसभाओं और राजनीतिक दलों के बीच आवाजाही घनिष्ठ बनाने तथा राष्ट्र-शासन के अनुभवों के आदान-प्रदान का इच्छुक है। उन्होंने बेल्ट एंड रोड सह-निर्माण सहयोग कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
इक्वाडोर राष्ट्रपति का रुख
राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने कहा कि चीन इक्वाडोर का एक अहम साझेदार और मित्र देश है। उन्होंने स्वीकार किया कि दोनों पक्षों के संयुक्त प्रयासों से इक्वाडोर-चीन संबंध एक नए चरण में प्रवेश कर चुके हैं, जिसका ठोस लाभ दोनों देशों की जनता को मिला है। नोबोआ ने कहा कि इक्वाडोर चीन के साथ राजनीतिक विश्वास को गहरा करने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।
लैटिन अमेरिका पर चीन का रुख
दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र की वर्तमान स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। शी चिनफिंग ने जोर देकर कहा कि लैटिन अमेरिकी और कैरेबियन देशों के विकास व पुनरुत्थान के मार्ग में बाधा नहीं डाली जानी चाहिए और इन देशों के स्वतंत्र रूप से साझेदार चुनने के अधिकार में किसी प्रकार का हस्तक्षेप उचित नहीं है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और चीन के बीच वैश्विक प्रभाव को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है और लैटिन अमेरिकी देश अपनी विदेश नीति में अधिक स्वायत्तता की तलाश में हैं। गौरतलब है कि इक्वाडोर ने हाल के वर्षों में चीन के साथ आर्थिक संबंधों को उल्लेखनीय रूप से विस्तार दिया है।
हस्ताक्षरित सहयोग दस्तावेज
वार्ता की समाप्ति के बाद दोनों राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति में कई क्षेत्रों में सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें हरित व्यवसाय, आर्थिक सहयोग, डिजिटल अर्थव्यवस्था और जनजीवन से जुड़े क्षेत्र शामिल रहे। वार्ता से पूर्व शी चिनफिंग ने नोबोआ के सम्मान में एक स्वागत समारोह भी आयोजित किया।
आगे की राह
इस वार्ता से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग में नई गति आने की संभावना है। चीन-इक्वाडोर सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी के अगले दशक की नींव इस बैठक में रखी गई है, जो आने वाले समय में दोनों देशों के संबंधों की दिशा तय करेगी।