बलूचिस्तान में पाकिस्तानी फोर्स पर चार नागरिकों की गैर-न्यायिक हत्या का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने 5 नवंबर 2026 को आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान में कम से कम चार नागरिकों की गैर-न्यायिक हत्या की है — जिनमें एक 60 वर्षीय दुकानदार, एक 32 वर्षीय ड्राइवर, एक अन्य व्यक्ति और एक 17 वर्षीय छात्र शामिल हैं। संगठन के अनुसार सभी पीड़ितों को पहले जबरन गायब किया गया और बाद में उनके शव दूरदराज़ के इलाकों में मिले।
मुख्य घटनाक्रम
BYC के अनुसार, 30 अक्टूबर को पाकिस्तान फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) के जवानों ने 60 वर्षीय दुकानदार इलाही बख्श को उनके घर से जबरन उठा लिया। इसके बाद 2 नवंबर को उनका शव नाल क्षेत्र के लाघोरजार्ड इलाके में फेंका हुआ पाया गया।
इसी प्रकार, 2 अक्टूबर को 32 वर्षीय ड्राइवर मुनीर अहमद को कथित तौर पर एक पाकिस्तान समर्थित 'डेथ स्क्वॉड' ने उनके घर से उठाया। उनके परिवार को उनके ठिकाने की कोई जानकारी नहीं दी गई और बाद में 2 नवंबर को लाघोरजार्ड में उनका शव भी मिला।
एक अन्य मामले में, 7 अगस्त को सलाहुद्दीन और उनके भाई अज़ार को उनके घर से उठाया गया था। BYC के अनुसार, 31 अक्टूबर को खरान ज़िले के जरदैन कोटी इलाके के पास सलाहुद्दीन का शव एक कथित 'फ़र्ज़ी मुठभेड़' के बाद बरामद हुआ।
17 वर्षीय छात्र की हत्या
16 अक्टूबर को 17 वर्षीय छात्र रेयान उल्फत को कथित डेथ स्क्वॉड द्वारा उनके घर से अगवा किया गया। आठ दिनों तक लापता रहने के बाद, 22 अक्टूबर को पासनी क्षेत्र के कुलांच इलाके में उनका क्षत-विक्षत शव मिला।
BYC ने कहा, 'युवा छात्रों की सुरक्षा होनी चाहिए, न कि उन्हें गायब किया जाना चाहिए या उन पर हिंसा की जानी चाहिए।' संगठन ने इस हत्या को 'बलूचिस्तान में बुनियादी मानवाधिकारों के व्यवस्थित उल्लंघन' का प्रतीक बताया।
BYC की प्रतिक्रिया और माँगें
BYC ने इन घटनाओं को 'एक चिंताजनक पैटर्न' का हिस्सा बताया, जिसमें जबरन लापता किए गए लोगों के शव बाद में मिलते हैं और उनकी हत्याओं को 'फ़र्ज़ी मुठभेड़' के रूप में पेश किया जाता है। संगठन ने कहा, 'लोगों को जबरन गायब करना और बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के मार डालना, जीवन, स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा के मौलिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।'
संगठन ने माँग की है कि इलाही बख्श की हत्या की निष्पक्ष जाँच हो, दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाए और पीड़ित परिवारों को न्याय मिले।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
BYC ने संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक समुदाय से अपील की है कि वे बलूचिस्तान में हो रही गैर-कानूनी हत्याओं और बिगड़ती मानवाधिकार स्थिति पर तत्काल ध्यान दें। गौरतलब है कि बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ों की शिकायतें वर्षों से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाई जाती रही हैं, लेकिन पाकिस्तान सरकार की ओर से अब तक कोई स्वतंत्र जाँच नहीं हुई है।
यह ऐसे समय में सामने आया है जब बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों और स्थानीय समुदायों के बीच तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है और मानवाधिकार संगठन लगातार इस क्षेत्र में पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं।