5 नवंबर 2026
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बलूचिस्तान में पाकिस्तानी फोर्स पर चार नागरिकों की गैर-न्यायिक हत्या का आरोप

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बलूचिस्तान में पाकिस्तानी फोर्स पर चार नागरिकों की गैर-न्यायिक हत्या का आरोप

सारांश

बलूचिस्तान में BYC ने पाकिस्तानी बलों पर चार नागरिकों की गैर-न्यायिक हत्या का आरोप लगाया है — जिनमें एक 17 वर्षीय छात्र भी शामिल है। सभी को पहले जबरन गायब किया गया, फिर दूरदराज़ इलाकों में उनके शव मिले। संगठन ने संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है।

मुख्य बातें

बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने 5 नवंबर 2026 को आरोप लगाया कि पाकिस्तानी बलों ने चार नागरिकों की गैर-न्यायिक हत्या की।
60 वर्षीय इलाही बख्श और 32 वर्षीय मुनीर अहमद के शव 2 नवंबर को नाल के लाघोरजार्ड इलाके में मिले।
सलाहुद्दीन को 7 अगस्त को उठाया गया; 31 अक्टूबर को खरान ज़िले में कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ में उनकी हत्या हुई।
17 वर्षीय छात्र रेयान उल्फत का क्षत-विक्षत शव 22 अक्टूबर को पासनी के कुलांच इलाके में मिला; वह 16 अक्टूबर से लापता था।
BYC ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से बलूचिस्तान की स्थिति पर तत्काल ध्यान देने की अपील की।

बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने 5 नवंबर 2026 को आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान में कम से कम चार नागरिकों की गैर-न्यायिक हत्या की है — जिनमें एक 60 वर्षीय दुकानदार, एक 32 वर्षीय ड्राइवर, एक अन्य व्यक्ति और एक 17 वर्षीय छात्र शामिल हैं। संगठन के अनुसार सभी पीड़ितों को पहले जबरन गायब किया गया और बाद में उनके शव दूरदराज़ के इलाकों में मिले।

मुख्य घटनाक्रम

BYC के अनुसार, 30 अक्टूबर को पाकिस्तान फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) के जवानों ने 60 वर्षीय दुकानदार इलाही बख्श को उनके घर से जबरन उठा लिया। इसके बाद 2 नवंबर को उनका शव नाल क्षेत्र के लाघोरजार्ड इलाके में फेंका हुआ पाया गया।

इसी प्रकार, 2 अक्टूबर को 32 वर्षीय ड्राइवर मुनीर अहमद को कथित तौर पर एक पाकिस्तान समर्थित 'डेथ स्क्वॉड' ने उनके घर से उठाया। उनके परिवार को उनके ठिकाने की कोई जानकारी नहीं दी गई और बाद में 2 नवंबर को लाघोरजार्ड में उनका शव भी मिला।

एक अन्य मामले में, 7 अगस्त को सलाहुद्दीन और उनके भाई अज़ार को उनके घर से उठाया गया था। BYC के अनुसार, 31 अक्टूबर को खरान ज़िले के जरदैन कोटी इलाके के पास सलाहुद्दीन का शव एक कथित 'फ़र्ज़ी मुठभेड़' के बाद बरामद हुआ।

17 वर्षीय छात्र की हत्या

16 अक्टूबर को 17 वर्षीय छात्र रेयान उल्फत को कथित डेथ स्क्वॉड द्वारा उनके घर से अगवा किया गया। आठ दिनों तक लापता रहने के बाद, 22 अक्टूबर को पासनी क्षेत्र के कुलांच इलाके में उनका क्षत-विक्षत शव मिला।

BYC ने कहा, 'युवा छात्रों की सुरक्षा होनी चाहिए, न कि उन्हें गायब किया जाना चाहिए या उन पर हिंसा की जानी चाहिए।' संगठन ने इस हत्या को 'बलूचिस्तान में बुनियादी मानवाधिकारों के व्यवस्थित उल्लंघन' का प्रतीक बताया।

BYC की प्रतिक्रिया और माँगें

BYC ने इन घटनाओं को 'एक चिंताजनक पैटर्न' का हिस्सा बताया, जिसमें जबरन लापता किए गए लोगों के शव बाद में मिलते हैं और उनकी हत्याओं को 'फ़र्ज़ी मुठभेड़' के रूप में पेश किया जाता है। संगठन ने कहा, 'लोगों को जबरन गायब करना और बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के मार डालना, जीवन, स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा के मौलिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।'

संगठन ने माँग की है कि इलाही बख्श की हत्या की निष्पक्ष जाँच हो, दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाए और पीड़ित परिवारों को न्याय मिले।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

BYC ने संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक समुदाय से अपील की है कि वे बलूचिस्तान में हो रही गैर-कानूनी हत्याओं और बिगड़ती मानवाधिकार स्थिति पर तत्काल ध्यान दें। गौरतलब है कि बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ों की शिकायतें वर्षों से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाई जाती रही हैं, लेकिन पाकिस्तान सरकार की ओर से अब तक कोई स्वतंत्र जाँच नहीं हुई है।

यह ऐसे समय में सामने आया है जब बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों और स्थानीय समुदायों के बीच तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है और मानवाधिकार संगठन लगातार इस क्षेत्र में पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पाकिस्तान ने कभी कोई स्वतंत्र, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त जाँच की अनुमति नहीं दी। चिंताजनक बात यह है कि आरोपों का पैटर्न — घर से उठाना, महीनों की गुमशुदगी, फिर दूरदराज़ इलाकों में शव — एक सुनियोजित तंत्र की ओर इशारा करता है, न कि अलग-थलग घटनाओं की ओर। एक 17 वर्षीय छात्र का इसमें शामिल होना बताता है कि यह दमन अब राजनीतिक कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं रहा। जब तक पाकिस्तान किसी स्वतंत्र निगरानी तंत्र को बलूचिस्तान में प्रवेश की अनुमति नहीं देता, ये आरोप न तो सिद्ध हो सकते हैं और न ही खारिज — और यह अनिश्चितता खुद एक जवाबदेही की विफलता है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान में कथित गैर-न्यायिक हत्याओं के क्या मामले सामने आए हैं?
BYC के अनुसार चार नागरिकों — इलाही बख्श, मुनीर अहमद, सलाहुद्दीन और 17 वर्षीय छात्र रेयान उल्फत — को जबरन उठाया गया और बाद में उनके शव बरामद हुए। ये सभी घटनाएं अक्टूबर-नवंबर 2026 के बीच सामने आई हैं।
बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) क्या है?
BYC एक मानवाधिकार संगठन है जो बलूचिस्तान में कथित उल्लंघनों को दर्ज करता और उन पर आवाज़ उठाता है। यह संगठन जबरन गुमशुदगी और गैर-न्यायिक हत्याओं के मामलों को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुँचाने का काम करता है।
पाकिस्तान फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
BYC के अनुसार FC के जवानों ने 30 अक्टूबर को इलाही बख्श को उनके घर से जबरन उठाया, जिनका शव बाद में 2 नवंबर को नाल के लाघोरजार्ड इलाके में मिला। पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
BYC ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्या माँग की है?
BYC ने संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक समुदाय से अपील की है कि वे बलूचिस्तान में हो रही गैर-कानूनी हत्याओं और बिगड़ती मानवाधिकार स्थिति पर तत्काल ध्यान दें और निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करें।
बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी की समस्या कितनी पुरानी है?
बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ों की शिकायतें दशकों से दर्ज होती रही हैं। मानवाधिकार संगठन और परिजन बार-बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाते आए हैं, लेकिन स्वतंत्र जाँच की माँग अब तक पूरी नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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