बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर छह नागरिकों को गायब करने का आरोप, चार शव बरामद
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में 25 अक्टूबर 2026 को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, केच जिले सहित प्रांत के विभिन्न इलाकों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर कम से कम छह नागरिकों को जबरन गायब करने का आरोप लगाया गया है। इनमें दो वाहन चालक भी शामिल बताए जाते हैं। इसके साथ ही प्रांत के अलग-अलग हिस्सों से चार लोगों के शव बरामद किए गए हैं, जिनमें से एक युवक को कथित तौर पर कुछ दिन पहले ही सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया था। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में यह जानकारी सामने आई है।
केच जिले में कथित गुमशुदगी के मामले
स्थानीय मीडिया के अनुसार, 33 वर्षीय ड्राइवर असद को 21 अक्टूबर की रात मांड के नोकीन कोहान स्थित उसके घर से पाकिस्तानी सेना के जवान उठा ले गए थे। उसके बाद से उसका कोई अता-पता नहीं है।
एक अन्य मामले में, फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) के जवानों ने 19 अक्टूबर को तड़के करीब 3 बजे ग्वारकोप के सेरी कालाग स्थित घर से 41 वर्षीय ड्राइवर अफजल को उठाया। तब से वह भी लापता है।
सूत्रों के अनुसार, मांड के गोबार्ड इलाके में रात के दौरान हुई छापेमारी में चार और युवकों को हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। आरोपों के मुताबिक, रात करीब 2 बजे शेकरी पीर मुहम्मद के घर पर धावा बोला गया, जहाँ महिलाओं और बच्चों को परेशान किया गया और समीर नासिर को उठा लिया गया। इसके बाद एक अन्य घर से नकदी और सामान जब्त कर वसीम (पुत्र सत्तार) को हिरासत में लिया गया। सवल मुहम्मद के घर से उनके दो पुत्रों — सगीर और जहीर — को भी कथित तौर पर उठाया गया। इन चारों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।
नुश्की से भी दुर्व्यवहार के आरोप
ये आरोप नुश्की से आई इसी तरह की शिकायतों के बाद सामने आए हैं, जहाँ हाल ही में निवासियों ने FC जवानों पर हिरासत में दुर्व्यवहार करने और नकदी जब्त करने का आरोप लगाया था। जब पीड़ितों के परिजनों ने पैसों के बारे में पूछा, तो जवानों ने कथित तौर पर कहा, 'पैसों का मामला भगवान पर छोड़ दो।'
आलोचकों का कहना है कि बलूचिस्तान में इस तरह की कथित कार्रवाइयाँ वर्षों से जारी हैं और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इन पर चिंता जता चुके हैं। पाकिस्तानी सरकार और सुरक्षा बलों की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
चार शवों की बरामदगी
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, केच की तुम्प तहसील के कोहाद निवासी बिलाल बलूच का शव शुक्रवार को होशकाबाद इलाके से बरामद हुआ — यह कोहाद बाजार से उनकी कथित हिरासत के चार दिन बाद की बात है। बताया जाता है कि उसी घटना में कोहाद के अन्य निवासी अदील बलूच को भी उठाया गया था और उनका शव भी हाल के दिनों में बरामद हुआ था।
एक अन्य युवक का शव पसनी-कुलांच लिंक रोड पर तलार होटल के पास गोली लगी अवस्था में मिला। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसकी जेब से रेहान नाम लिखी एक पर्ची मिली है, हालाँकि पहचान की अभी तक पुष्टि नहीं हो सकी है।
झल मगसी जिले में, इरफान अली दीनारी का शव गंदावा तहसील के घटराह से बरामद हुआ। उनका खारी के दराभी इलाके से कथित तौर पर हथियारबंद लोगों ने अपहरण किया था। इसके अलावा, मुहम्मद यूसुफ गुलामानी के बेटे मुहम्मद यूनुस का शव खुजदार जिले में खत्तन नदी से बरामद हुआ है। उनकी मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
व्यापक संदर्भ और मानवाधिकार की स्थिति
गौरतलब है कि बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी की घटनाएँ वर्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की निगरानी में हैं। ह्यूमन राइट्स वॉच और एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसी संस्थाएँ इस मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार को समय-समय पर आगाह करती रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों की कार्रवाइयों को लेकर पहले से ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी आलोचना हो रही है।
पाकिस्तान सरकार आमतौर पर इन आरोपों को खारिज करती रही है और सुरक्षा अभियानों को आतंकवाद-विरोधी कार्रवाई का हिस्सा बताती है। बहरहाल, आने वाले दिनों में परिजनों द्वारा न्यायिक कार्रवाई की सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता।