19 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बलूचिस्तान में 10 नागरिक कथित तौर पर लापता, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर जबरन हिरासत के आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बलूचिस्तान में 10 नागरिक कथित तौर पर लापता, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर जबरन हिरासत के आरोप

सारांश

बलूचिस्तान फिर सुर्खियों में है — नुश्की में 20 सैन्य वाहनों की घेराबंदी, सुराब और खुजदार में छापेमारी, और केच में अपहरण की दो वारदातें। कुल मिलाकर कम से कम 10 नागरिक कथित तौर पर लापता बताए जा रहे हैं, और मकरान क्षेत्र में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की भूमिका पर मानवाधिकार सवाल फिर तेज़।

मुख्य बातें

बलूचिस्तान के विभिन्न जिलों में कथित तौर पर 10 नागरिकों को जबरन हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट।
नुश्की के किल्ली मेंगल में 20 सैन्य वाहनों ने घेराबंदी कर सात लोगों को हिरासत में लिया।
सुराब में फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) ने दो किसानों को उठाया; खुजदार से 25 मई को दुकानदार सैफुर रहमान लापता।
केच जिले में 29 मई को व्यवसायी के नाबालिग बेटे खलील हलीम का बंदूक की नोक पर अपहरण।
30 मई को दाश्त के बिलनागोर से कारोबारी अकील अकबर के अपहरण की भी खबर।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के विभिन्न जिलों में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए अभियानों के दौरान कम से कम 10 नागरिकों को कथित तौर पर जबरन हिरासत में लेकर अज्ञात स्थानों पर ले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंगलवार को सामने आईं इन घटनाओं ने प्रांत में बढ़ती मानवाधिकार चिंताओं को एक बार फिर उजागर किया है।

नुश्की में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान

रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार सुबह नुश्की जिले के किल्ली मेंगल क्षेत्र में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा गया कि करीब 20 सैन्य वाहनों ने पूरे इलाके को घेरकर घर-घर तलाशी ली।

इस कार्रवाई के दौरान सात लोगों को कथित तौर पर हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान शाह खालिद, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद नियाज, नूर मोहम्मद, मोहम्मद आरिफ, अलाउद्दीन और अब्दुल बासित के रूप में बताई गई है। परिजनों का दावा है कि इन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है और तब से उनकी कोई जानकारी नहीं मिली।

सुराब और खुजदार से भी हिरासत की रिपोर्टें

एक अन्य घटना में, सुराब जिले के हाजिका इलाके में पाकिस्तानी फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) ने एक घर पर छापेमारी कर उबैदुल्लाह और खुदा बख्श नामक दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया। परिजनों के अनुसार, दोनों किसान हैं और उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।

खुजदार के डॉक्टर कॉलोनी क्षेत्र से 25 वर्षीय दुकानदार सैफुर रहमान को 25 मई की रात कथित तौर पर हिरासत में लिया गया। परिवार का आरोप है कि आतंकवाद निरोधक विभाग (CTD) और सैन्य खुफिया एजेंसी (MI) के कर्मियों ने उन्हें गिरफ्तार कर किसी अज्ञात स्थान पर भेज दिया।

केच में अपहरण की अलग घटनाएँ

केच जिले में दो अलग-अलग अपहरण की घटनाओं ने भी प्रांत में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाया है। रिपोर्टों के अनुसार, 29 मई को तुंप तहसील के रोडबान इलाके में मोटरसाइकिल सवार हथियारबंद लोगों ने व्यवसायी अब्दुल हलीम के नाबालिग बेटे खलील हलीम का कथित तौर पर बंदूक की नोक पर अपहरण कर लिया।

सूत्रों के अनुसार, अपहरणकर्ताओं ने बाद में परिवार से भारी फिरौती की माँग की, हालाँकि परिवार या प्रशासन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा 30 मई की शाम दाश्त क्षेत्र के बिलनागोर इलाके से कारोबारी अकील अकबर के भी हथियारबंद लोगों द्वारा कथित अपहरण की खबर सामने आई।

मकरान क्षेत्र में बढ़ती चिंताएँ

लगातार सामने आ रही जबरन गायब किए जाने और अपहरण की घटनाओं ने बलूचिस्तान, विशेषकर मकरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय आबादी की चिंताओं को और गहरा कर दिया है। गौरतलब है कि बलूचिस्तान में जबरन गायब किए जाने की शिकायतें वर्षों से मानवाधिकार संगठनों के एजेंडे में रही हैं, और आलोचकों का कहना है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है।

स्थानीय निवासियों ने माँग की है कि हिरासत में लिए गए लोगों को या तो अदालत में पेश किया जाए या रिहा किया जाए। आने वाले दिनों में परिजनों द्वारा प्रदर्शन और कानूनी हस्तक्षेप की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक स्थापित पैटर्न का ताज़ा अध्याय हैं — जिसे मानवाधिकार समूह वर्षों से दर्ज करते आ रहे हैं। एक ही सप्ताह में नुश्की, सुराब, खुजदार और केच से सामने आए मामले बताते हैं कि मकरान बेल्ट में सुरक्षा बलों की कार्रवाइयाँ और सशस्त्र अपहरण समानांतर चल रहे हैं — दोनों ही जवाबदेही से बाहर। असली सवाल यह है कि इस्लामाबाद कब तक इन शिकायतों को 'आतंकवाद-विरोधी अभियान' के दायरे में ढककर अदालती निगरानी से बचाता रहेगा। जब तक हिरासत में लिए गए नागरिकों को कानूनी प्रक्रिया तक नहीं लाया जाता, तब तक 'जबरन गायब' शब्द बलूचिस्तान की राजनीति का सबसे जलता हुआ कीवर्ड बना रहेगा।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान में हाल की कथित जबरन हिरासत की घटनाएँ क्या हैं?
रिपोर्टों के अनुसार, बलूचिस्तान के नुश्की, सुराब और खुजदार जिलों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों के दौरान कम से कम 10 नागरिकों को कथित तौर पर हिरासत में लिया और अज्ञात स्थानों पर ले गए। हिरासत में लिए गए लोगों में किसान, दुकानदार और स्थानीय निवासी शामिल बताए गए हैं।
नुश्की में किल्ली मेंगल कार्रवाई में क्या हुआ?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 20 सैन्य वाहनों ने किल्ली मेंगल इलाके को घेरकर घर-घर तलाशी ली। इस दौरान शाह खालिद, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद नियाज, नूर मोहम्मद, मोहम्मद आरिफ, अलाउद्दीन और अब्दुल बासित सहित सात लोगों को कथित तौर पर हिरासत में लिया गया।
केच जिले में अपहरण की घटनाओं में किसे निशाना बनाया गया?
29 मई को तुंप तहसील के रोडबान इलाके में व्यवसायी अब्दुल हलीम के नाबालिग बेटे खलील हलीम का हथियारबंद लोगों ने कथित तौर पर अपहरण किया। इसके अलावा 30 मई को दाश्त के बिलनागोर इलाके से कारोबारी अकील अकबर के अपहरण की भी खबर सामने आई।
खुजदार में सैफुर रहमान के मामले में क्या आरोप हैं?
परिवार का आरोप है कि 25 मई की रात आतंकवाद निरोधक विभाग (CTD) और सैन्य खुफिया एजेंसी (MI) के कर्मियों ने 25 वर्षीय दुकानदार सैफुर रहमान को डॉक्टर कॉलोनी से हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर भेज दिया। तब से उनके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
मकरान क्षेत्र में सुरक्षा हालात पर स्थानीय लोगों की क्या प्रतिक्रिया है?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि लगातार सामने आ रहीं जबरन गायब किए जाने और अपहरण की घटनाओं से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है। आलोचकों का कहना है कि मकरान बेल्ट में सुरक्षा बलों की कार्रवाइयों और सशस्त्र अपहरणों दोनों पर पारदर्शी जवाबदेही का अभाव है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले