बलूचिस्तान में 10 नागरिक कथित तौर पर लापता, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर जबरन हिरासत के आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के विभिन्न जिलों में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए अभियानों के दौरान कम से कम 10 नागरिकों को कथित तौर पर जबरन हिरासत में लेकर अज्ञात स्थानों पर ले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंगलवार को सामने आईं इन घटनाओं ने प्रांत में बढ़ती मानवाधिकार चिंताओं को एक बार फिर उजागर किया है।
नुश्की में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान
रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार सुबह नुश्की जिले के किल्ली मेंगल क्षेत्र में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा गया कि करीब 20 सैन्य वाहनों ने पूरे इलाके को घेरकर घर-घर तलाशी ली।
इस कार्रवाई के दौरान सात लोगों को कथित तौर पर हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान शाह खालिद, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद नियाज, नूर मोहम्मद, मोहम्मद आरिफ, अलाउद्दीन और अब्दुल बासित के रूप में बताई गई है। परिजनों का दावा है कि इन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है और तब से उनकी कोई जानकारी नहीं मिली।
सुराब और खुजदार से भी हिरासत की रिपोर्टें
एक अन्य घटना में, सुराब जिले के हाजिका इलाके में पाकिस्तानी फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) ने एक घर पर छापेमारी कर उबैदुल्लाह और खुदा बख्श नामक दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया। परिजनों के अनुसार, दोनों किसान हैं और उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।
खुजदार के डॉक्टर कॉलोनी क्षेत्र से 25 वर्षीय दुकानदार सैफुर रहमान को 25 मई की रात कथित तौर पर हिरासत में लिया गया। परिवार का आरोप है कि आतंकवाद निरोधक विभाग (CTD) और सैन्य खुफिया एजेंसी (MI) के कर्मियों ने उन्हें गिरफ्तार कर किसी अज्ञात स्थान पर भेज दिया।
केच में अपहरण की अलग घटनाएँ
केच जिले में दो अलग-अलग अपहरण की घटनाओं ने भी प्रांत में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाया है। रिपोर्टों के अनुसार, 29 मई को तुंप तहसील के रोडबान इलाके में मोटरसाइकिल सवार हथियारबंद लोगों ने व्यवसायी अब्दुल हलीम के नाबालिग बेटे खलील हलीम का कथित तौर पर बंदूक की नोक पर अपहरण कर लिया।
सूत्रों के अनुसार, अपहरणकर्ताओं ने बाद में परिवार से भारी फिरौती की माँग की, हालाँकि परिवार या प्रशासन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा 30 मई की शाम दाश्त क्षेत्र के बिलनागोर इलाके से कारोबारी अकील अकबर के भी हथियारबंद लोगों द्वारा कथित अपहरण की खबर सामने आई।
मकरान क्षेत्र में बढ़ती चिंताएँ
लगातार सामने आ रही जबरन गायब किए जाने और अपहरण की घटनाओं ने बलूचिस्तान, विशेषकर मकरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय आबादी की चिंताओं को और गहरा कर दिया है। गौरतलब है कि बलूचिस्तान में जबरन गायब किए जाने की शिकायतें वर्षों से मानवाधिकार संगठनों के एजेंडे में रही हैं, और आलोचकों का कहना है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
स्थानीय निवासियों ने माँग की है कि हिरासत में लिए गए लोगों को या तो अदालत में पेश किया जाए या रिहा किया जाए। आने वाले दिनों में परिजनों द्वारा प्रदर्शन और कानूनी हस्तक्षेप की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।