बलूचिस्तान में गुमशुदगियां: चार नागरिकों के लापता होने से बढ़ी चिंताएं

Click to start listening
बलूचिस्तान में गुमशुदगियां: चार नागरिकों के लापता होने से बढ़ी चिंताएं

सारांश

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में चार नागरिकों का अपहरण हुआ है, जिससे जबरन गुमशुदगियों की चिंताएं और बढ़ गई हैं। मानवाधिकार संगठनों ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताई है।

Key Takeaways

  • बलूचिस्तान में चार नागरिकों का गायब होना एक गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है।
  • मानवाधिकार संगठनों ने इस पर गहरी चिंता जताई है।
  • गुमशुदगियों का मुख्य कारण राजनीतिक असहमति और सुरक्षा बलों का अत्यधिक दमन है।
  • सरकार की नीति पर सवाल उठते हैं।
  • गुमशुदा नागरिकों के परिवारों के लिए न्याय दिलाना आवश्यक है।

क्वेटा, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में चार नागरिकों का अपरहण किया गया है। यह घटना प्रांत में बढ़ती जबरन गुमशुदगी और गैर-न्यायिक हत्याओं की चिंताजनक स्थिति के बीच हुई है। मानवाधिकार संगठन ने इस घटना के बाद से क्षेत्र में गुमशुदगियों को लेकर नई चिंताओं को उजागर किया है।

बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग 'पांक' ने गुरुवार को केच जिले के तुर्बत के जूसाक क्षेत्र से एक बलूच युवक, करीम, के गायब होने की निंदा की।

इस संगठन ने कहा, "दिन के उजाले में हथियारबंद लोगों और अज्ञात वाहनों द्वारा किए जाने वाले अपहरण का यह तरीका बलूचिस्तान में गुमशुदगियों के लगातार बढ़ते रुझान को दर्शाता है। ऐसी कार्रवाइयां स्वतंत्रता, सुरक्षा और विधिक प्रक्रिया के अधिकारों का उल्लंघन करती हैं, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानून में शामिल हैं।"

पांक ने आगे बताया कि 31 मार्च को तुरबत के मुख्य बाजार से एक बलोच छात्र, शायहक रहीम, को पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वाड द्वारा गायब कर दिया गया। संगठन ने कहा कि यह घटना दिनदहाड़े हुई, जो क्षेत्र में डर और दंडमुक्ति के माहौल को दर्शाती है।

रहीम की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पांक ने कहा, "अपहरण एक गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है, जो स्वतंत्रता, सुरक्षा और विधिक प्रक्रिया के अधिकारों को प्रभावित करता है। ऐसी घटनाएं परिवारों को ही नहीं, बल्कि समुदायों में भी मानसिक आघात पैदा करती हैं।"

एक और मामले में, नूर खान नामक छात्र को 28 मार्च को बलूचिस्तान के ग्वादर जिले के पासनी क्षेत्र से पाकिस्तानी सेना के कर्मियों द्वारा गायब किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नूर को दिन के उजाले में अगवा किया गया, जो प्रांत में छात्रों और नागरिकों को निशाना बनाए जाने के जारी पैटर्न पर गंभीर सवाल उठाता है।

संगठन ने यह भी बताया कि एक अन्य छात्र समीर को 20 मार्च को ग्वादर से पाकिस्तानी मिलिट्री इंटेलिजेंस (एमआई) द्वारा अगवा किया गया।

पांक ने पिछले दो महीनों से लापता सेवानिवृत्त डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद बख्श साजिदी, उनके भाई नईम साजिदी और इंजीनियर रफीक बलोच के लापता रहने पर भी चिंता जताई।

पांक ने कहा, "यह मामला कोई अकेली घटना नहीं है। यह पाकिस्तान सरकार की सामूहिक सजा की एक व्यापक और व्यवस्थित नीति को दर्शाता है, जहां असहमति को दबाने के प्रयास में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के परिवारों को निशाना बनाया जाता है।"

Point of View

सरकार की नीति पर सवाल उठाता है।
NationPress
03/04/2026

Frequently Asked Questions

बलूचिस्तान में गुमशुदगी का मुख्य कारण क्या है?
बलूचिस्तान में गुमशुदगियों का मुख्य कारण राजनीतिक असहमति, सुरक्षा बलों का अत्यधिक दमन और मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
मानवाधिकार संगठनों का इस पर क्या कहना है?
मानवाधिकार संगठन इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त कर रहे हैं और इसे स्वतंत्रता और सुरक्षा के अधिकारों का उल्लंघन मानते हैं।
क्या सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई की है?
सरकार ने इस समस्या पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है, जिसका परिणाम स्थानीय नागरिकों में असुरक्षा का माहौल है।
गुमशुदा नागरिकों के परिवारों के लिए क्या किया जा रहा है?
गुमशुदा नागरिकों के परिवारों को न्याय दिलाने के लिए मानवाधिकार संगठन संघर्षरत हैं, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है।
इस स्थिति का समाधान कैसे हो सकता है?
इस स्थिति का समाधान राजनीतिक संवाद, मानवाधिकारों का सम्मान और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने से ही संभव है।
Nation Press