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गुजरात: वापी के आवासीय फ्लैट पर छापा, ₹1.21 करोड़ का 243 किलो गांजा जब्त, एक गिरफ्तार

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गुजरात: वापी के आवासीय फ्लैट पर छापा, ₹1.21 करोड़ का 243 किलो गांजा जब्त, एक गिरफ्तार

सारांश

वलसाड पुलिस ने वापी के एक आवासीय फ्लैट से ₹1.21 करोड़ मूल्य का 243 किलो से अधिक गांजा जब्त किया और एक ओडिशा मूल के युवक को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई गुजरात सरकार की शून्य-सहिष्णुता नीति के तहत चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है।

मुख्य बातें

वलसाड जिला पुलिस ने 25 अक्टूबर 2026 को वापी के लेकव्यू रेजिडेंसी में छापा मारकर 243.670 किलोग्राम गांजा-आधारित नशीला पदार्थ जब्त किया।
जब्त पदार्थ का मूल्य ₹1,21,83,500 ; मोबाइल फोन सहित कुल बरामद संपत्ति ₹1,21,88,500 ।
आरोपी कार्तिक उर्फ पप्पू बिस्वाल (32 वर्ष) को एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में लिया गया।
सह-आरोपी बनमाली पात्रा को वांछित घोषित किया गया है; तलाश जारी।
कार्रवाई मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की शून्य-सहिष्णुता नीति के तहत हुई।
नशीले पदार्थ के स्रोत और आपूर्ति नेटवर्क की जांच जारी है।

वलसाड जिला पुलिस ने 25 अक्टूबर 2026 को वापी के लेकव्यू रेजिडेंसी स्थित एक आवासीय फ्लैट पर छापा मारकर ₹1,21,83,500 मूल्य का 243.670 किलोग्राम गांजा-आधारित नशीला पदार्थ बरामद किया और 32 वर्षीय एक आरोपी को हिरासत में लिया। पुलिस बयान के अनुसार जब्त पदार्थ में गांजे के सक्रिय तत्व पाए गए हैं और मामले में जांच जारी है।

छापेमारी का घटनाक्रम

डूंगरा पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि आरोपी कार्तिक उर्फ पप्पू बिस्वाल लेकव्यू रेजिडेंसी की बिल्डिंग ई/4 के कमरा जी/8 में नशीला पदार्थ भंडारित कर खुदरा स्तर पर बेच रहा था। इस सूचना के आधार पर पुलिस सब-इंस्पेक्टर के.आर. चोटालिया की अगुआई में टीम ने कार्रवाई की और बिस्वाल को मौके से गिरफ्तार किया।

छापेमारी के दौरान 243.670 किलोग्राम नशीला पदार्थ जब्त करने के साथ-साथ पुलिस ने आरोपी का ₹5,000 मूल्य का एक मोबाइल फोन भी बरामद किया। इस प्रकार बरामद संपत्ति का कुल मूल्य ₹1,21,88,500 बताया गया है।

आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार कार्तिक उर्फ पप्पू बिस्वाल मूल रूप से ओडिशा के बालासोर जिले के बलियापाल पुलिस थाना क्षेत्र के बदास गांव के निवासी हैं और वर्तमान में डूंगरा में रहकर नौकरी करते थे। उन्हें मादक द्रव्य और मनोविकृत पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर आगे की जांच के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया है।

पुलिस ने उसी कमरे में रहने वाले बनमाली पात्रा को भी इस मामले में वांछित आरोपी घोषित किया है। पात्रा की तलाश जारी है।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई

यह छापेमारी वापी डिवीजन के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) बी.एन. दवे के निर्देशन में की गई, जिन्होंने मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के आदेश दे रखे हैं। गुजरात पुलिस के प्रमुख जी.एस. मलिक ने राज्य भर में नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ अभियान को लगातार जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

यह जब्ती मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी द्वारा घोषित राज्य सरकार की मादक पदार्थों के प्रति शून्य-सहिष्णुता नीति के तहत की गई व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है। गौरतलब है कि वापी एक औद्योगिक शहर होने के कारण यहाँ नशे के अंतरराज्यीय नेटवर्क की सक्रियता की आशंका जताई जाती रही है।

आगे की जांच

डूंगरा पुलिस ने बताया कि जब्त किए गए नशीले पदार्थ की आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने और यह निर्धारित करने के लिए कि भंडारण या बिक्री में और कौन-कौन लोग शामिल थे, जांच जारी है। पुलिस का ध्यान अब इस आपूर्ति नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने पर केंद्रित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इशारा करती है कि वापी किसी बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पड़ाव हो सकता है। राज्य सरकार की शून्य-सहिष्णुता नीति के बावजूद ऐसी बड़ी खेपें आवासीय इलाकों तक पहुँच रही हैं — यह निगरानी तंत्र की सीमाओं पर जवाबदेही की माँग करता है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वापी में गांजा जब्ती का मामला क्या है?
वलसाड जिला पुलिस ने 25 अक्टूबर 2026 को वापी के लेकव्यू रेजिडेंसी स्थित एक फ्लैट पर छापा मारकर ₹1,21,83,500 मूल्य का 243.670 किलोग्राम गांजा-आधारित नशीला पदार्थ जब्त किया। आरोपी कार्तिक उर्फ पप्पू बिस्वाल को एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी कौन है और कहाँ का रहने वाला है?
गिरफ्तार आरोपी 32 वर्षीय कार्तिक उर्फ पप्पू बिस्वाल हैं, जो मूल रूप से ओडिशा के बालासोर जिले के बदास गांव के रहने वाले हैं। वे वर्तमान में वापी के डूंगरा इलाके में रहकर नौकरी करते थे।
एनडीपीएस अधिनियम के तहत क्या सज़ा हो सकती है?
मादक द्रव्य और मनोविकृत पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत व्यावसायिक मात्रा में नशीले पदार्थ रखने पर न्यूनतम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सज़ा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। 243 किलोग्राम की यह मात्रा व्यावसायिक श्रेणी में आती है।
क्या इस मामले में अन्य आरोपी भी हैं?
हाँ, पुलिस ने बनमाली पात्रा को इस मामले में वांछित आरोपी घोषित किया है, जो उसी कमरे में रहता था। उनकी तलाश जारी है और पुलिस नशीले पदार्थ के आपूर्ति नेटवर्क की जांच कर रही है।
गुजरात में नशीले पदार्थों के खिलाफ क्या नीति है?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गुजरात में नशीले पदार्थों के प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति घोषित की है। राज्य पुलिस प्रमुख जी.एस. मलिक के निर्देश पर पूरे राज्य में ड्रग नेटवर्क के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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