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वलसाड पुलिस ने ₹12.67 करोड़ की गांजा मिश्रित टैबलेट जब्त कीं, दो गिरफ्तार — दो फरार

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वलसाड पुलिस ने ₹12.67 करोड़ की गांजा मिश्रित टैबलेट जब्त कीं, दो गिरफ्तार — दो फरार

सारांश

वलसाड पुलिस की एंटी नारकोटिक्स विंग और SOG ने वापी और दादरा में एक साथ छापेमारी कर ₹12.67 करोड़ की गांजा मिश्रित टैबलेट ज़ब्त कीं। दो गिरफ्तार, दो फरार — और एक अंतर-राज्यीय नेटवर्क जो गुजरात से यूपी और मुंबई तक फैला है।

मुख्य बातें

वलसाड पुलिस ने 24 अक्टूबर 2026 को 2,535.1 किलोग्राम गांजा मिश्रित नशीली टैबलेट ज़ब्त कीं।
ज़ब्त सामग्री की अनुमानित कीमत ₹12,67,65,000 (लगभग ₹12.67 करोड़ ) आँकी गई है।
मोहम्मद अमीन खान (46) को वापी से और प्रदीप उर्फ मन्नू वर्मा (28) को दादरा से गिरफ्तार किया गया।
अनुराग गुप्ता (कानपुर) और सलमान इकबाल सिद्दीकी (मुंबई) अभी भी फरार हैं।
मामले की जाँच वलसाड SOG के उपनिरीक्षक एस.आर.

वलसाड जिले की पुलिस ने 24 अक्टूबर 2026 को एक बड़े नशा-तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 2,535.1 किलोग्राम गांजा मिश्रित नशीली टैबलेट ज़ब्त कीं, जिनकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹12.67 करोड़ बताई गई है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।

अभियान की शुरुआत और पहली छापेमारी

वलसाड जिला पुलिस की एंटी नारकोटिक्स विंग और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने नशीले पदार्थों की बिक्री से जुड़े एक सक्रिय मामले की जाँच के दौरान यह कार्रवाई की। पहली छापेमारी वापी के छिरी क्षेत्र स्थित अहमदनगर की रज़ा गली में हुई, जहाँ मोहम्मद अमीन मोहम्मद बासू खान (46) रहते थे। पुलिस के अनुसार, इनके घर से 387.75 किलोग्राम गांजा मिश्रित टैबलेट बरामद हुईं, जिनकी कीमत लगभग ₹1.93 करोड़ आँकी गई है। मोहम्मद अमीन खान मूल रूप से झारखंड के चतरा जिले के कुकुरमांड गाँव के निवासी हैं और वापी में रह रहे थे।

दादरा में दूसरी कार्रवाई और बड़ी बरामदगी

जाँच के दौरान पुलिस को पता चला कि इन टैबलेट की आपूर्ति प्रदीप उर्फ मन्नू वर्मा (28) कर रहा था, जो केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली के दादरा स्थित श्री साई कॉम्प्लेक्स में कारोबार करता है। इस सूत्र के आधार पर पुलिस ने दादरा में तिधारा रोड स्थित लवाछा सीमा के पास वर्मा की दुकान पर दबिश दी। वहाँ से 2,147.35 किलोग्राम गांजा मिश्रित टैबलेट बरामद हुईं, जिनकी कीमत करीब ₹10.73 करोड़ बताई गई है। प्रदीप वर्मा को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के तिरुआ गाँव के निवासी हैं।

ज़ब्त सामग्री और कुल बरामदगी का ब्यौरा

पुलिस के बयान के अनुसार, दोनों छापेमारियों में कुल मिलाकर 2,535.1 किलोग्राम टैबलेट ज़ब्त की गईं, जिनका कुल मूल्य ₹12,67,55,000 है। इसके अतिरिक्त दो मोबाइल फोन और दो बिजली बिल भी बरामद किए गए। ज़ब्त संपत्ति का कुल मूल्य ₹12,67,65,000 आँका गया है।

फरार आरोपी और अंतर-राज्यीय नेटवर्क

इस मामले में दो अन्य आरोपियों की पहचान हुई है — अनुराग गुप्ता, निवासी कानपुर (उत्तर प्रदेश), और सलमान इकबाल सिद्दीकी, निवासी घाटकोपर (मुंबई)। दोनों फिलहाल फरार हैं। यह मामला एक अंतर-राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा करता है, जिसमें गुजरात, दादरा एवं नगर हवेली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से जुड़े व्यक्ति शामिल हैं।

जाँच की स्थिति

यह मामला वलसाड जिले के डुंगरा पुलिस स्टेशन में एंटी नारकोटिक्स विंग के पुलिस उपनिरीक्षक आर.पी. डोडिया की शिकायत पर दर्ज किया गया है। आगे की जाँच वलसाड स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के उपनिरीक्षक एस.आर. सुसलाडे को सौंपी गई है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ इस नेटवर्क की पूरी कड़ी उजागर होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और दादरा एवं नगर हवेली तक फैले आरोपियों का नेटवर्क बताता है कि गांजा मिश्रित टैबलेट की तस्करी एक संगठित अंतर-राज्यीय व्यापार का रूप ले चुकी है। सवाल यह है कि दो आरोपी अभी भी फरार हैं — और जब तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला नहीं तोड़ी जाती, इस नेटवर्क का असली आकार अज्ञात रहेगा। एंटी नारकोटिक्स विंग की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी ही इस ऑपरेशन की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वलसाड में गांजा मिश्रित टैबलेट की बरामदगी कितनी हुई?
पुलिस के अनुसार कुल 2,535.1 किलोग्राम गांजा मिश्रित टैबलेट ज़ब्त की गई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹12.67 करोड़ है। यह बरामदगी वापी और दादरा में दो अलग-अलग छापेमारियों में हुई।
इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए और कौन फरार है?
इस मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं — मोहम्मद अमीन खान और प्रदीप उर्फ मन्नू वर्मा। वहीं अनुराग गुप्ता (कानपुर) और सलमान इकबाल सिद्दीकी (मुंबई) अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
यह नशा तस्करी नेटवर्क किन राज्यों तक फैला है?
जाँच के अनुसार यह नेटवर्क गुजरात, दादरा एवं नगर हवेली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र तक फैला है। गिरफ्तार और फरार आरोपी इन्हीं राज्यों से हैं, जो इसके अंतर-राज्यीय स्वरूप की पुष्टि करता है।
इस मामले की जाँच कौन कर रहा है?
मामला वलसाड जिले के डुंगरा पुलिस स्टेशन में दर्ज है। आगे की जाँच की जिम्मेदारी वलसाड स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के उपनिरीक्षक एस.आर. सुसलाडे को सौंपी गई है।
पहली और दूसरी छापेमारी में कितनी-कितनी टैबलेट मिलीं?
वापी में पहली छापेमारी में 387.75 किलोग्राम (अनुमानित कीमत ₹1.93 करोड़ ) और दादरा में दूसरी छापेमारी में 2,147.35 किलोग्राम (अनुमानित कीमत ₹10.73 करोड़ ) टैबलेट बरामद हुईं।
राष्ट्र प्रेस
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