शिनच्यांग में 2026 आतंकवाद विरोधी अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी, 24 देशों के 100 से अधिक प्रतिनिधि शामिल
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिमोत्तर चीन के शिनच्यांग उइगुर स्वायत्त प्रदेश के यिली शहर में 5 अगस्त 2026 को 2026 आतंकवाद विरोधी अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। 'आतंकवाद की नई चुनौतियों का सामना: राष्ट्रीय जिम्मेदारी को मजबूत करना, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को एकजुट करना' विषय पर केंद्रित इस संगोष्ठी में 24 देशों और क्षेत्रीय अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के 100 से अधिक प्रतिनिधि एकत्रित हुए।
संगोष्ठी में कौन-कौन शामिल हुए
इस आयोजन में चीनी विदेश मंत्रालय, शिनच्यांग उइगुर स्वायत्त प्रदेश के अधिकारियों, चीनी थिंक टैंकों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात, रूस और अफ्रीकी संघ सहित कुल 24 देशों और क्षेत्रीय अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
चीन का पक्ष और वैश्विक आतंकवाद पर चिंता
संगोष्ठी में चीन की ओर से कहा गया कि वर्तमान समय में वैश्विक आतंकवादी गतिविधियाँ फिर से बढ़ रही हैं और वैश्विक दक्षिण के देशों पर आतंकवाद का दबाव निरंतर बढ़ता जा रहा है। चीन के अनुसार, राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित वैश्विक विकास पहल, वैश्विक सुरक्षा पहल, वैश्विक सभ्यता पहल और वैश्विक शासन पहल आतंकवाद की चुनौती से निपटने के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।
चीन ने यह भी कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को व्यापक उपाय अपनाने, बहुपक्षवाद को बनाए रखने, क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करने और अंतर्राष्ट्रीय कानून के शासन का पालन करने की आवश्यकता है। साथ ही, चीन ने अपने आतंकवाद विरोधी अनुभव साझा करने और सभी पक्षों के साथ मिलकर इस खतरे का सामना करने की इच्छा जताई।
प्रतिनिधियों की राय: जटिल और गंभीर स्थिति
संगोष्ठी में शामिल प्रतिनिधियों ने माना कि मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी परिस्थिति जटिल और गंभीर बनी हुई है। भू-राजनीतिक संघर्ष, आर्थिक असंतुलन, उभरती प्रौद्योगिकियों का दुरुपयोग और आतंकवाद से निपटने की सीमित क्षमताएँ — ये सभी कारक आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं।
प्रतिनिधियों ने यह भी रेखांकित किया कि कुछ देश आतंकवाद की अवधारणा का राजनीतिक उपयोग कर रहे हैं, जिससे अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्रभावित होता है। उन्होंने सभी देशों से आतंकवाद विरोधी जिम्मेदारी निभाने और आपसी सहयोग को प्रगाढ़ करने का आह्वान किया।
शिनच्यांग में प्रदर्शनी और 70वीं वर्षगाँठ
संगोष्ठी के दौरान प्रतिभागियों ने शिनच्यांग में आतंकवाद विरोधी और अतिवाद विरोधी अभियानों पर आयोजित विशेष प्रदर्शनी का दौरा किया। इसके अलावा शिनच्यांग उइगुर स्वायत्त प्रदेश की स्थापना की 70वीं वर्षगाँठ से जुड़ी प्रदर्शनी भी देखी। विदेशी प्रतिनिधियों ने शिनच्यांग के विकास और उपलब्धियों की सराहना करते हुए चीन के साथ आगे सहयोग बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की।
आगे क्या
यह संगोष्ठी ऐसे समय में आयोजित हुई है जब वैश्विक स्तर पर आतंकवाद विरोधी सहयोग की माँग तेज हो रही है। गौरतलब है कि शिनच्यांग में इस तरह के आयोजन चीन की उस कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा माने जाते हैं जिसमें वह अपनी आंतरिक नीतियों को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर वैधता दिलाने का प्रयास करता है। आने वाले महीनों में इस संगोष्ठी के निष्कर्षों के आधार पर बहुपक्षीय सहयोग के नए ढाँचे पर चर्चा होने की संभावना है।