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14वें विश्व शांति मंच पर हान चेंग के चार सूत्र: संयुक्त राष्ट्र, AI शासन और बहुपक्षवाद पर चीन का रुख

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14वें विश्व शांति मंच पर हान चेंग के चार सूत्र: संयुक्त राष्ट्र, AI शासन और बहुपक्षवाद पर चीन का रुख

सारांश

चीनी उप राष्ट्राध्यक्ष हान चेंग ने 14वें विश्व शांति मंच पर संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीयता, बहुपक्षीय सहयोग, आर्थिक शासन सुधार और AI नियमन — चार सूत्रों में चीन का वैश्विक एजेंडा रखा। करीब 400 वैश्विक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में यह मंच बीजिंग की कूटनीतिक महत्वाकांक्षाओं का आईना बना।

मुख्य बातें

हान चेंग ने 3 जुलाई 2026 को छिंगह्वा विश्वविद्यालय में 14वें विश्व शांति मंच के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया।
चीन ने संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका को बनाए रखने, APEC 33वीं बैठक की मेज़बानी और वैश्विक दक्षिण के हितों की रक्षा का संकल्प लिया।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शासन के लिए व्यापक वैश्विक सहमति बनाने हेतु विश्व AI सम्मेलन की मेज़बानी का ऐलान।
राष्ट्राध्यक्ष शी चिनफिंग की ग्लोबल गवर्नेंस पहल को वैश्विक स्थिरता का आधार बताया गया।
समारोह में 400 से अधिक विदेशी पूर्व राजनेता, राजनयिक और विद्वान उपस्थित रहे।

चीनी उप राष्ट्राध्यक्ष हान चेंग ने 3 जुलाई 2026 को बीजिंग के प्रतिष्ठित छिंगह्वा विश्वविद्यालय में आयोजित 14वें विश्व शांति मंच के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। इस मंच पर उन्होंने वैश्विक शांति, बहुपक्षीय सहयोग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शासन सहित चार प्रमुख सुझाव प्रस्तुत किए।

वैश्विक परिदृश्य पर हान चेंग का आकलन

हान चेंग ने कहा कि वर्तमान में दुनिया शताब्दी-व्यापी परिवर्तन के दौर से गुज़र रही है — अंतरराष्ट्रीय स्थिति उथल-पुथल से त्रस्त है, भू-राजनीतिक संघर्ष बार-बार उभर रहे हैं, और शासन घाटे की समस्याएँ अधिक स्पष्ट होती जा रही हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि राष्ट्राध्यक्ष शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित ग्लोबल गवर्नेंस पहल ने अधिक न्यायसंगत और तर्कसंगत वैश्विक शासन प्रणाली के निर्माण की दिशा में मूल्यवान स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया है।

चीन के चार प्रमुख सुझाव

पहला सुझावसंयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका को सुदृढ़ करना: हान चेंग ने कहा कि चीन व्यावहारिक कार्रवाइयों के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय मामलों में संयुक्त राष्ट्र की प्रधानता का समर्थन करता है। सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में चीन अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक पालन करते हुए युद्धोत्तर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और वैश्विक निष्पक्षता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

दूसरा सुझावबहुपक्षीय सहयोग को गहरा करना: एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) के 33वें अनौपचारिक नेताओं की बैठक की मेज़बानी के अवसर पर चीन एशिया-प्रशांत समुदाय निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएगा। संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय तंत्रों में समन्वय को मज़बूत करते हुए वैश्विक दक्षिण के सामूहिक हितों की रक्षा का संकल्प लिया गया।

तीसरा सुझाववैश्विक आर्थिक शासन में सुधार: चीन ने समानता, खुलेपन, सहयोग और साझाकरण पर आधारित वैश्विक आर्थिक शासन दृष्टिकोण का प्रस्ताव रखा। हान चेंग ने कहा कि चीन उच्च-स्तरीय खुलेपन का विस्तार जारी रखेगा और समावेशी आर्थिक वैश्वीकरण को बढ़ावा देगा।

चौथा सुझावकृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शासन को मज़बूत करना: चीन विश्व AI सम्मेलन और AI वैश्विक शासन उच्च-स्तरीय बैठक की मेज़बानी के अवसर पर व्यापक सहमति वाली वैश्विक AI शासन प्रणाली के निर्माण को प्रोत्साहित करेगा।

मंच में भागीदारी

इस उद्घाटन समारोह में पाकिस्तानी सीनेट रक्षा समिति के पूर्व अध्यक्ष मुशाहिद हुसैन सैयद, दक्षिण कोरिया के पूर्व विदेश मंत्री किम सुंग-ह्वान सहित लगभग 400 विदेशी पूर्व राजनेताओं, राजनयिक प्रतिनिधियों और चीनी-विदेशी विद्वानों ने भाग लिया। यह मंच वैश्विक कूटनीतिक विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि यह मंच ऐसे समय में आयोजित हुआ जब अमेरिका-चीन व्यापार तनाव और यूक्रेन संघर्ष जैसे भू-राजनीतिक मुद्दे वैश्विक स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बने हुए हैं। चीन का यह बहुपक्षवाद-केंद्रित रुख उसकी उस व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह खुद को एकध्रुवीय विश्व व्यवस्था के विकल्प के रूप में प्रस्तुत करता है। आने वाले महीनों में APEC बैठक और AI शासन सम्मेलन इस एजेंडे की अगली परीक्षा होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनका समय और मंच दोनों सोचे-समझे हैं — यह भाषण तब आया जब अमेरिका एकपक्षीय टैरिफ और गठबंधन पुनर्गठन में व्यस्त है। चीन 'बहुपक्षवाद' की भाषा बोलता है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि दक्षिण चीन सागर और ताइवान जलडमरूमध्य में उसके व्यवहार से यह भाषा अंतर्विरोधी लगती है। AI शासन पर नेतृत्व का दावा भी उल्लेखनीय है — चीन इस क्षेत्र में नियम-निर्माता बनने की होड़ में पश्चिम को चुनौती दे रहा है। विश्व शांति मंच जैसे मंचों का उपयोग वैश्विक दक्षिण को संबोधित करने के लिए करना बीजिंग की उस रणनीति का हिस्सा है जो संस्थागत वैधता के ज़रिए प्रभाव-विस्तार चाहती है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

14वाँ विश्व शांति मंच क्या है और यह कहाँ आयोजित हुआ?
14वाँ विश्व शांति मंच 3 जुलाई 2026 को बीजिंग के छिंगह्वा विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ। यह वार्षिक मंच वैश्विक सुरक्षा, कूटनीति और शासन पर विमर्श के लिए पूर्व राजनेताओं, राजनयिकों और विद्वानों को एकत्रित करता है।
हान चेंग ने विश्व शांति मंच पर कौन से चार सुझाव दिए?
हान चेंग ने चार सुझाव प्रस्तुत किए: संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका को बनाए रखना, बहुपक्षीय सहयोग को गहरा करना, वैश्विक आर्थिक शासन में सुधार करना और AI जैसे उभरते क्षेत्रों के शासन को मज़बूत करना। ये सुझाव चीन की ग्लोबल गवर्नेंस पहल के अनुरूप हैं।
चीन की ग्लोबल गवर्नेंस पहल क्या है?
ग्लोबल गवर्नेंस पहल राष्ट्राध्यक्ष शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित एक कूटनीतिक ढाँचा है, जिसका उद्देश्य अधिक न्यायसंगत और तर्कसंगत वैश्विक शासन प्रणाली का निर्माण करना है। इसके तहत चीन बहुपक्षवाद, वैश्विक दक्षिण के हितों की रक्षा और संयुक्त राष्ट्र-केंद्रित व्यवस्था का समर्थन करता है।
APEC की 33वीं अनौपचारिक नेताओं की बैठक की मेज़बानी कौन करेगा?
हान चेंग के अनुसार चीन APEC की 33वीं अनौपचारिक नेताओं की बैठक की मेज़बानी करेगा। इस अवसर पर चीन एशिया-प्रशांत समुदाय के निर्माण और वैश्विक दक्षिण के हितों की रक्षा के लिए सभी पक्षों के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।
विश्व शांति मंच के उद्घाटन समारोह में कौन-कौन शामिल हुए?
समारोह में पाकिस्तानी सीनेट रक्षा समिति के पूर्व अध्यक्ष मुशाहिद हुसैन सैयद, दक्षिण कोरिया के पूर्व विदेश मंत्री किम सुंग-ह्वान सहित लगभग 400 विदेशी पूर्व राजनेता, राजनयिक प्रतिनिधि और चीनी-विदेशी विद्वान उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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