बीजिंग में 2026 वैश्विक मानवाधिकार शासन उच्च स्तरीय मंच आयोजित, 100 से अधिक देशों के 400 प्रतिनिधि शामिल
सारांश
मुख्य बातें
बीजिंग में 11 जून 2026 को वैश्विक मानवाधिकार शासन उच्च स्तरीय मंच का आयोजन किया गया, जिसमें 100 से अधिक देशों और संयुक्त राष्ट्र सहित अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के 400 से अधिक देशी-विदेशी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के पोलित ब्यूरो सदस्य और प्रचार विभाग के प्रमुख ली शूलेई ने उद्घाटन समारोह में भाग लेकर संबोधन दिया।
मंच का आयोजन और भागीदारी
इस मंच का आयोजन चीनी राज्य परिषद के न्यूज़ कार्यालय और विदेश मंत्रालय ने संयुक्त रूप से किया। विभिन्न देशों के राजनयिक, विद्वान और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि मानवाधिकार से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए एकत्रित हुए। यह मंच मानवाधिकार के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय संवाद का एक प्रमुख मंच बनता जा रहा है।
शी चिनफिंग का दृष्टिकोण और चीन की नीति
मंच में उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग मानवाधिकार के सम्मान और संरक्षण को विशेष महत्व देते हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में उन्होंने वैश्विक मानवाधिकार शासन उच्च स्तरीय मंच को बधाई पत्र भेजा था, जिसमें चीन का तीन-सूत्री दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया था — सुरक्षा से मानवाधिकार की रक्षा, विकास से मानवाधिकार को बढ़ावा, और सहयोग से मानवाधिकार को आगे बढ़ाना।
चीन के अनुसार, वह युग की प्रवृत्तियों और अपनी राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप मानवाधिकार विकास के पथ पर अग्रसर है। चीन ने अब तक चार चरणों की राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्य योजना सफलतापूर्वक लागू की है। प्रतिनिधियों के अनुसार, चीनी शैली के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में मानवाधिकार संरक्षण का स्तर निरंतर उन्नत किया जा रहा है।
वैश्विक चुनौतियाँ और सामूहिक जिम्मेदारी
मंच में उपस्थित प्रतिनिधियों ने माना कि वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य अनिश्चितताओं से भरा है और मानवाधिकारों के समक्ष गंभीर चुनौतियाँ मौजूद हैं। उनका मत था कि विभिन्न देशों को मानवाधिकार के विकास को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ मानव जाति के साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण में सामूहिक प्रयास करने होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब भू-राजनीतिक तनाव और मानवीय संकट वैश्विक स्तर पर बढ़ रहे हैं।
आगे की राह
इस मंच के माध्यम से चीन वैश्विक मानवाधिकार विमर्श में अपनी सक्रिय भूमिका रेखांकित करना चाहता है। मंच में हुई चर्चाएँ और सुझाव भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार नीतियों को दिशा देने में सहायक हो सकते हैं।