चीन ने जारी की राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्य योजना 2026-2030, पाँचवीं पंचवर्षीय योजना में नए लक्ष्य तय
सारांश
मुख्य बातें
चीन सरकार ने 11 जून 2026 को बीजिंग में आयोजित वैश्विक मानवाधिकार शासन उच्च स्तरीय मंच के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्य योजना (2026-2030) औपचारिक रूप से जारी की। यह चीन की पाँचवीं राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्य योजना है, जिसे राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्य योजना के संयुक्त सम्मेलन व्यवस्था के सदस्य विभागों ने मिलकर प्रस्तुत किया।
योजना की मुख्य विशेषताएँ
कार्य योजना में वर्ष 2026 से 2030 तक मानवाधिकार के सम्मान, रक्षा और संवर्धन के लिए ठोस लक्ष्य, संकेतक, मिशन और क्रियान्वयन के कदम निर्धारित किए गए हैं। यह योजना चीन के संवैधानिक सिद्धांत — 'मानवाधिकार का सम्मान और रक्षा' — के अनुरूप तैयार की गई है और 15वीं पंचवर्षीय योजना के साथ समन्वित है।
योजना में कहा गया है कि पिछले सफल अनुभवों के सारांश के आधार पर और वर्तमान राष्ट्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इसे तैयार किया गया है। इसमें नागरिक, राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों के क्षेत्रों में प्रगति के लक्ष्य शामिल बताए गए हैं।
पिछली योजनाओं का मूल्यांकन
कार्य योजना के अनुसार, वर्ष 2021 से 2025 के बीच चीन सरकार ने चार चरणों की राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्य योजनाएँ लागू कीं। चीनी अधिकारियों के दावे के अनुसार, इन योजनाओं के संबंधित लक्ष्य और मिशन सफलतापूर्वक पूरे किए गए तथा देश में मानवाधिकार संरक्षण का स्तर उन्नत हुआ।
योजना में यह भी कहा गया है कि इस प्रक्रिया ने वैश्विक मानवाधिकार कार्य में 'दुर्लभ स्थिरता और निश्चितता' प्रदान की — यह दावा ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चीन की मानवाधिकार स्थिति को लेकर आलोचकों की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं।
वैश्विक संदर्भ और महत्त्व
गौरतलब है कि यह मंच ऐसे समय में आयोजित हुआ जब वैश्विक स्तर पर मानवाधिकार शासन को लेकर बहस तेज़ है। चीन ने इस मंच के ज़रिए अपनी मानवाधिकार नीतियों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखने का प्रयास किया है। आलोचकों का कहना है कि चीन की आधिकारिक मानवाधिकार रिपोर्टिंग और ज़मीनी हकीकत के बीच अंतर की स्वतंत्र जाँच आवश्यक है।
आगे की राह
नई कार्य योजना के तहत 2030 तक निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा के लिए नियमित तंत्र स्थापित करने की बात कही गई है। यह योजना चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के साथ एकीकृत होकर लागू होगी, जो देश के व्यापक विकास एजेंडे से मानवाधिकार नीति को जोड़ती है।