संयुक्त राष्ट्र में चीन ने पेश कीं दिव्यांग अधिकारों की उपलब्धियाँ, समिति सदस्यता भी मिली
सारांश
मुख्य बातें
चीनी प्रतिनिधिमंडल ने 9 से 11 जून के बीच न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों पर कन्वेंशन (CRPD) के राज्य पक्षों के 19वें सत्र में सक्रिय भागीदारी की और दिव्यांग कल्याण के क्षेत्र में चीन की नीतिगत उपलब्धियाँ वैश्विक मंच पर प्रस्तुत कीं। सत्र के दौरान चीनी उम्मीदवार संयुक्त राष्ट्र दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार समिति के सदस्य के रूप में सफलतापूर्वक निर्वाचित हुए।
मुख्य घटनाक्रम
चाइना दिव्यांग फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने सम्मेलन की संबंधित बैठकों में बताया कि चीन ने दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण को राष्ट्रीय विकास की समग्र रूपरेखा में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि देश में सामाजिक सुरक्षा और सेवा प्रणाली को लगातार सुदृढ़ किया गया है, जिससे दिव्यांग समुदाय के जीवन-स्तर में सुधार हुआ है।
प्रतिनिधिमंडल ने CRPD के कार्यान्वयन में चीन की अवधारणाओं और व्यावहारिक अनुभवों को साझा किया तथा एक जिम्मेदार बड़े राष्ट्र की छवि प्रस्तुत की।
प्रदर्शनियों का आयोजन
चीन ने इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र परिसर में दो विशेष प्रदर्शनियाँ आयोजित कीं — दिव्यांग व्यक्तियों की सांस्कृतिक रचनात्मक कृतियों की प्रदर्शनी और गरीबी उन्मूलन उपलब्धियों की प्रदर्शनी। इन प्रदर्शनियों में '14वीं पंचवर्षीय योजना' (2021–2025) की अवधि के दौरान दिव्यांग कल्याण के क्षेत्र में हासिल की गई उपलब्धियाँ प्रदर्शित की गईं।
कन्वेंशन की पृष्ठभूमि
यह कन्वेंशन 2006 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाया गया था और वर्तमान में यह विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा का एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कानूनी दस्तावेज़ है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब वैश्विक स्तर पर दिव्यांग समावेश को सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से जोड़ा जा रहा है।
आगे की राह
संयुक्त राष्ट्र दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार समिति में चीनी सदस्य का निर्वाचन आने वाले वर्षों में वैश्विक दिव्यांग नीति-निर्माण में चीन की भूमिका को और सक्रिय बना सकता है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की नज़र अब इस बात पर होगी कि चीन इस भूमिका का उपयोग किस दिशा में करता है।