पेइचिंग में चीन की राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा का वार्षिक सत्र प्रारंभ
सारांश
Key Takeaways
- एनपीसी का वार्षिक सत्र पेइचिंग में शुरू हुआ।
- 2,700 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
- महत्वपूर्ण नीतियों, कानूनों और योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।
- 2026 की पंचवर्षीय योजना का मसौदा प्रस्तुत किया जाएगा।
- यह सत्र 'दो सत्र' का हिस्सा है।
बीजिंग, 5 मार्च (राष्ट्रीय प्रेस)। चीन की राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा, जिसे एनपीसी कहा जाता है, का वार्षिक सत्र आज सुबह राजधानी पेइचिंग के जन वृहद भवन में प्रारंभ हुआ। इस आठ दिवसीय सत्र में देशभर से 2,700 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
प्रतिनिधि सरकारी कार्य रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे, राष्ट्रीय आर्थिक और सामाजिक विकास की 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) के मसौदे का अध्ययन करेंगे, और पर्यावरण संहिता, जातीय एकता एवं प्रगति संवर्धन कानून तथा राष्ट्रीय विकास योजना कानून के मसौदों पर विचार करेंगे। इसके अतिरिक्त, सर्वोच्च जन अदालत और सर्वोच्च जन प्रोक्यूरेटोरेट की कार्य रिपोर्ट, 2026 की राष्ट्रीय आर्थिक और सामाजिक विकास योजना तथा केंद्रीय एवं स्थानीय बजट के मसौदों की भी समीक्षा की जाएगी।
यह ध्यान देने योग्य है कि राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा चीन की सबसे बड़ी विधायी संस्था है, जिसका कार्यकाल पांच वर्ष का होता है। यह हर वर्ष एक सत्र आयोजित करती है जिसमें महत्वपूर्ण नीतियों, कानूनों और प्रमुख नियुक्तियों पर चर्चा एवं निर्णय लिए जाते हैं। यह चीनी लोगों द्वारा राज्य सत्ता के प्रयोग का सर्वोच्च रूप और समाजवादी लोकतांत्रिक राजनीति का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।
इस वर्ष 14वीं एनपीसी का चौथा सत्र आयोजित किया जा रहा है। चीन में हर साल मार्च के प्रारंभ में होने वाले एनपीसी और चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन (सीपीपीसीसी) के वार्षिक सत्रों को सामूहिक रूप से 'दो सत्र' कहा जाता है। ये सत्र चीन की राजनीतिक प्रणाली की श्रेष्ठता का केंद्रीय प्रदर्शन माने जाते हैं।
वर्ष 2026 चीन के राष्ट्रीय आर्थिक एवं सामाजिक विकास की 15वीं पंचवर्षीय योजना का प्रथम वर्ष होगा। एनपीसी इस योजना के मसौदे की समीक्षा करेगी, जबकि सीपीपीसीसी के सदस्य इस पर व्यापक विचार विमर्श करेंगे, जिससे देश के विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
(स्रोत- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)